महराजगंज में अंधविश्वास की एक खौफनाक साजिश सामने आई है। यहां दो महीने के मासूम को अगवा कर उसकी बलि देने की तैयारी थी। आरोपियों को अंधविश्वास था कि बच्चे की बलि देने से परिवार में हो रही अकाल मौतें रुक जाएंगी और 6-7 साल से लापता भाई वापस लौट आएगा। हालांकि, इससे पहले कि आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब होते, पुलिस ने दिल्ली तक पीछा कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, बच्चे की चचेरी बुआ सावित्री, चचेरी दादी सरस्वती और उनके साथी करन कुमार गौतम ने मिलकर अपहरण किया था। आरोपियों की योजना आगामी अमावस्या पर नेपाल के भैरहवा क्षेत्र में बच्चे की बलि देने की थी। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कार्रवाई करने वाली टीम को 25 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। 3 नवंबर की रात घर से गायब हुआ था मासूम मामला महराजगंज के ठूठीबारी थाना क्षेत्र का है। यहां 3 नवंबर की रात दो महीने का मासूम अचानक घर से गायब हो गया। घर में सो रहे बच्चे के गायब होने की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश के लिए पांच टीमें बनाईं। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों की जांच की। इसके लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली बच्चे की तलाश में पुलिस ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। इसी दौरान एक संदिग्ध महिला बच्चे को लेकर जाती दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से महिला की तलाश शुरू की। पुलिस टीम बस और एक्सप्रेस-वे के रास्तों से मिले सुरागों का पीछा करते हुए दिल्ली पहुंच गई। आखिरकार पुलिस ने दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। परिवार में अकाल मौतों से जुड़ा था अंधविश्वास पुलिस की पूछताछ में अपहरण के पीछे की वजह सामने आई तो अधिकारी भी हैरान रह गए। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, आरोपियों के परिवार में पहले कई लोगों की असमय मौत हो चुकी थी। उनका एक भाई भी पिछले 6 से 7 साल से लापता था। इसी बीच आरोपियों ने किसी तांत्रिक के कथित झांसे में आकर अंधविश्वास पाल लिया। उन्हें लगा कि अगर किसी मासूम बच्चे की बलि दी जाए तो परिवार की परेशानियां खत्म हो जाएंगी और उनका लापता भाई भी वापस लौट आएगा। नेपाल के भैरहवा में बलि देने की थी योजना पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दो महीने के मासूम की बलि देने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने आगामी अमावस्या का दिन तय किया था। उनकी योजना नेपाल के भैरहवा क्षेत्र में बच्चे की बलि देने की थी। लेकिन पुलिस की समय पर कार्रवाई से उनकी कथित साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। मेडिकल जांच में स्वस्थ मिला बच्चा दिल्ली से बरामद किए गए मासूम का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। जांच में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस पूरे ऑपरेशन में ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट, सर्विलांस और डॉग स्क्वायड की संयुक्त टीमें शामिल रहीं। पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने बच्चे को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। वहीं, गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल दो महीने का मासूम अपने परिवार की गोद में सुरक्षित है। आधुनिक दौर में भी अंधविश्वास के नाम पर एक मासूम की बलि देने की कथित साजिश ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय रहते पुलिस की कार्रवाई से बच्चे की जान बच गई।
2 महीने के बच्चे की बलि देने की थी तैयारी:महराजगंज में दिल्ली से सकुशल बरामद; 2 महिलाओं समेत 3 गिरफ्तार
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