विक्रमजोत विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत शंकरपुर और कवलपुर के सामने NH-27 पर लगी स्ट्रीट लाइटें करीब छह महीने से बंद हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लाइटें लगाने पर करोड़ों रुपए खर्च हुए थे।
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लाइटें लगाने का मकसद रात में हाईवे को रोशन करना और दुर्घटनाओं व छिनैती की घटनाओं को कम करना था। लेकिन सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान जिलाधिकारी बस्ती के दबाव में लाइटें एक सप्ताह तक जलीं। यात्रा खत्म होने के बाद इन्हें बंद कर दिया गया।
तब से हाईवे पर लगी लाइटें बंद हैं और रात में सड़क पर अंधेरा रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे में आवारा पशु सड़क पर बैठे रहते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। राहगीरों और दुकानदारों को छिनैती और अपराध का भी डर है।
ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी लोगों को रोशनी नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी के अधिकारियों की वजह से योजना का फायदा लोगों तक नहीं पहुंचा।
स्ट्रीट लाइटों के पोलों पर नेताओं के पोस्टर भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बस्ती और राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी से जांच कराकर लाइटें चालू कराने की मांग की है।












