श्रावस्ती जिले के गिलौला ब्लॉक की सिसवारा ग्राम पंचायत में राप्ती नदी की कटान तेज हो गई है। इससे सिसवारा-भिनगा संपर्क मार्ग पूरी तरह नदी में समाता जा रहा है। 2 सितंबर 2026 की शाम 5 बजे से नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन कटान जारी है। नदी की कटान से पूरे इलाके के लोग डरे हुए हैं। अगर यह संपर्क मार्ग कट जाता है, तो लोगों का आना-जाना बंद हो जाएगा। प्रशासन ने कटान रोकने के लिए ईंट, पत्थर और मिट्टी से भरी बोरियां डाली थीं, लेकिन वे भी नदी में बह गई हैं। स्थानीय ग्रामीण पृथराज, राम जी दुबे और वीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि प्रशासन का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी स्थिति देखने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि जूनियर इंजीनियर मनीष कुमार श्रीवास्तव भी मौके पर नहीं आते। ग्रामीणों के अनुसार, उनकी लापरवाही के कारण नदी की कटान नहीं रुक पाई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
श्रावस्ती में राप्ती नदी की कटान से संपर्क मार्ग खतरे:सिसवारा भिनगा मार्ग नदी में समा रहा, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया
श्रावस्ती जिले के गिलौला ब्लॉक की सिसवारा ग्राम पंचायत में राप्ती नदी की कटान तेज हो गई है। इससे सिसवारा-भिनगा संपर्क मार्ग पूरी तरह नदी में समाता जा रहा है। 2 सितंबर 2026 की शाम 5 बजे से नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन कटान जारी है। नदी की कटान से पूरे इलाके के लोग डरे हुए हैं। अगर यह संपर्क मार्ग कट जाता है, तो लोगों का आना-जाना बंद हो जाएगा। प्रशासन ने कटान रोकने के लिए ईंट, पत्थर और मिट्टी से भरी बोरियां डाली थीं, लेकिन वे भी नदी में बह गई हैं। स्थानीय ग्रामीण पृथराज, राम जी दुबे और वीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि प्रशासन का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी स्थिति देखने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि जूनियर इंजीनियर मनीष कुमार श्रीवास्तव भी मौके पर नहीं आते। ग्रामीणों के अनुसार, उनकी लापरवाही के कारण नदी की कटान नहीं रुक पाई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।































