रायपुर: श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा निर्णय लेते हुए शुक्रवार को संपूर्ण राज्य में शराब और मांस के विक्रय पर पूरी तरह रोक लगा दी है। राज्य सरकार एवं आबकारी विभाग द्वारा जारी अधिकृत आदेश के अनुसार प्रदेश की समस्त देशी तथा विदेशी मदिरा दुकानें बंद रखी जाएंगी। इस पाबंदी के दौरान किसी भी बार, क्लब, होटल अथवा रेस्टोरेंट में शराब बेचने या ग्राहकों को परोसने की सख्त मनाही रहेगी। इसके अतिरिक्त, पर्व की पवित्रता और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सभी नगरीय निकायों में बूचड़खानों (पशु वध गृहों) और मांस-मटन की दुकानों को भी बंद रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
मदिरा दुकानों और प्रतिष्ठानों पर पूरे दिन रहेगा ताला
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश भर की सभी लाइसेंसी शराब दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी। इस दौरान शराब के क्रय, विक्रय, परिवहन और वितरण पर पूरी तरह से पाबंदी लागू रहेगी। यह प्रतिबंध केवल रिटेल दुकानों तक सीमित न होकर होटल, क्लब, रेस्टोरेंट और बार जैसे व्यावसायिक स्थलों पर भी समान रूप से प्रभावी होगा, जहाँ सामान्य दिनों में मदिरा परोसी जाती है।
मांस बिक्री और वध गृहों पर भी पाबंदी
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में संचालित कसाईखानों और मांस दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। स्थानीय निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई
शासकीय तंत्र ने सभी मदिरा विक्रेताओं, होटल-बार संचालकों एवं मांस व्यवसायियों से व्यवस्था बनाए रखने और निर्देशों का ईमानदारी से पालन करने का आग्रह किया है। प्रशासनिक अधिकारियों और आबकारी उड़नदस्तों की टीम पूरे दिन सतर्क रहकर स्थिति पर नजर रखेगी। यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था आदेश का उल्लंघन करते पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह विशेष प्रतिबंध पूरे दिन लागू रहेगा और अगले दिवस से सभी व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य समय सारणी के अनुसार संचालित हो सकेंगी।
































