कृष्ण गुप्ता | (नौतनवाॅ), महराजगंज4 मिनट पहले
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भारत-नेपाल सीमा पर यूरिया की तस्करी नहीं रुक रही।
नौतनवा में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में यूरिया की तस्करी रोकने के लिए पुलिस, एसएसबी और कस्टम विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इसके बावजूद खाद की तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जून से अब तक सीमा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों से यूरिया की कई खेप बरामद की जा चुकी हैं। कहीं बाइक पर खाद ले जाते लोग पकड़े गए तो कहीं पिकअप से बड़ी मात्रा में यूरिया मिली। कई स्थानों पर तस्करों ने खाद को झाड़ियों और बगीचों में छिपाकर रखा था।
लगातार हो रही बरामदगी से साफ है कि तस्कर सीमा पार खाद पहुंचाने के लिए अलग-अलग रास्तों और साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कभी यूरिया लावारिस हालत में मिलती है तो कभी तस्करी में शामिल लोग भी पकड़े जाते हैं। ऐसे में छोटी खेप पकड़ने के बजाय खाद की आपूर्ति, भंडारण और सीमा पार पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क तक पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है।
20 जून से शुरू हुई बरामदगी की कड़ी
20 जून को एसएसबी की औरेया बाजार बीओपी ने सीमा स्तंभ संख्या 531/21 के पास झाड़ियों में छिपाकर रखी गई 53 बोरी यूरिया बरामद की थी। इसके बाद 28 जून को नौतनवा पुलिस ने हरदीडाली रोड से बाइक पर लदी तीन बोरी यूरिया पकड़ी। मामले में हरदीडाली निवासी सरफुद्दीन को गिरफ्तार कर कस्टम विभाग के सुपुर्द किया गया।
इसी दिन पुलिस ने अहिरौली टोला परसौनी के पास तीन बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी भी बरामद की।
पिकअप से 60 बोरी यूरिया बरामद
13 जुलाई को कस्टम विभाग ने कुरहवा घाट के पास एक पिकअप वाहन से 60 बोरी यूरिया बरामद की। बड़ी खेप पकड़े जाने से सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करी के नेटवर्क को लेकर सवाल उठे। इसी दिन हरदीडाली गांव में छापेमारी के दौरान 14 बोरी यूरिया और बरामद हुई।
15 जुलाई को चंडीथान क्षेत्र में पुलिस ने लावारिस हालत में छह बोरी यूरिया बरामद की।
पिकअप और मकानों के बाहर भी मिली खाद
30 जुलाई को जोगवाबरी के पास एक पिकअप से 70 बोरी यूरिया बरामद की गई। इसके बाद 1 अगस्त को हरदीडाली गांव में एक मकान के बाहर से नौ बोरी यूरिया मिली। 17 अगस्त को हरदीडाली क्षेत्र से 14 बोरी यूरिया बरामद हुई।
22 अगस्त को हरदीडाली गांव के पास 19 बोरी यूरिया के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
साइकिलों के जरिए भी सीमा पार पहुंचाने की कोशिश
27 अगस्त को सीमा क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान पांच बोरी यूरिया के साथ पांच साइकिलें बरामद की गईं। इससे यह संकेत मिला कि तस्कर छोटे वाहनों और साइकिलों के जरिए भी खाद को सीमा पार पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद 3 सितंबर को भी सीमा क्षेत्र में यूरिया की एक और खेप पकड़ी गई।
नो-मैन्स लैंड के पास बगीचे में छिपाकर रखी थी 55 बोरी यूरिया
हालिया कार्रवाई में एसएसबी, स्थानीय पुलिस और कस्टम विभाग की संयुक्त टीम ने हरदीडाली क्षेत्र में छापेमारी कर 55 बोरी यूरिया बरामद की। 66वीं वाहिनी की सीमा चौकी हरदीडाली के प्रभारी अभिनेष कुमार जवानों के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि नेपाल भेजने के लिए यूरिया की बोरियां छिपाकर रखी गई हैं।
सूचना के आधार पर टीम ने ग्राम हरदीडाली स्थित नो-मैन्स लैंड में सीमा स्तंभ संख्या 524/06 के पास एक बगीचे में तलाशी ली। यहां लावारिस हालत में 55 बोरी यूरिया मिली। टीम के पहुंचने से पहले ही तस्कर मौके से फरार हो चुके थे। बरामद यूरिया को कस्टम कार्यालय नौतनवा के सुपुर्द कर दिया गया।
चीनी लहसुन और कद्दू के बीज भी बरामद
तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान झुलनीपुर क्षेत्र में संयुक्त टीम ने शीतलपुर गांव में छापेमारी कर 30 बोरी चाइनीज लहसुन और सात बोरी कद्दू के बीज भी बरामद किए। इस कार्रवाई में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। बरामद सामान को कब्जे में लेकर संबंधित विभागों ने आगे की कार्रवाई शुरू की।
पूरे नेटवर्क तक पहुंचना बड़ी चुनौती
लगातार सामने आ रही बरामदगियां सीमा क्षेत्र में खाद तस्करी के सक्रिय नेटवर्क की ओर इशारा कर रही हैं। अलग-अलग स्थानों पर खाद मिलने और तस्करों द्वारा अलग-अलग साधनों का इस्तेमाल किए जाने से सुरक्षा एजेंसियों के सामने केवल खेप पकड़ने के बजाय तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की चुनौती है।
तस्करी रोकने के लिए विशेष निर्देश : सीओ
क्षेत्राधिकारी नौतनवा बसंत सिंह ने बताया कि सीमावर्ती थानों के प्रभारियों को यूरिया तस्करी रोकने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। सीमा क्षेत्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
































