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मुंबई: ऑटो ड्राइवर का अनोखा जुनून, ब्रांडेड कारों के लोगो से सजाया अपना तिपहिया वाहन

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई में एक ऑटो ड्राइवर का ऐसा जुनून देखने को मिला है जिसने सबको हैरान कर दिया है।

कुर्ला इलाके के रहने वाले जनार्दन वाघचोरे सिर्फ ऑटो-रिक्शा चालक नहीं, बल्कि कारों के दीवाने भी हैं। उन्होंने अपने ऑटो-रिक्शा को कारों के ब्रांड लोगो से सजाया है।

उनके ऑटो पर ऐसा कोई लोगो नहीं जो ना लगा हो। जनार्दन ने अपने रिक्शा पर 2 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले विभिन्न कार ब्रांडों के लोगो लगाए हैं।

बाहर से लेकर अंदर तक पूरा रिक्शा कारों के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है। मुंबई की व्यस्त सड़कों पर यह रंग-बिरंगा और अनोखा ऑटो-रिक्शा लोगों का ध्यान खींच रहा है।

जनार्दन का कहना है कि कारें उनके बचपन से ही पसंद रही हैं। ऑटो-रिक्शा चलाते हुए भी उन्होंने अपनी इस शौक को नहीं छोड़ा और अपने वाहन को ही कारों का चलता-फिरता प्रदर्शन स्थल बना लिया।

लोग इस अनोखे रिक्शा को देखकर रुक जाते हैं और तस्वीरें खींचते हैं। जनार्दन का यह प्रयास साबित करता है कि जुनून हो तो साधारण चीजों को भी खास बनाया जा सकता है।

7 वर्षों की निष्ठा और मेहनत का मिला फल, मंडेला खुर्द के अंकित त्रिपाठी को मिली अहम जिम्मेदारी

रिपोर्ट:हेमन्त कुमार दुबे।

महराजगंज। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्षा एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती जी के दिशा–निर्देश पर बसपा जिलाध्यक्ष नारद कुमार राव ने जनपद महराजगंज की 8-सदस्यीय नई जिला कमेटी की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस नई कार्यकारिणी में पार्टी के प्रति निरंतर समर्पित रहने वाले अंकित त्रिपाठी (एडवोकेट) को जिला कोषाध्यक्ष के महत्वपूर्ण पद पर मनोनीत किया गया है।

अंकित त्रिपाठी के कोषाध्यक्ष बनने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

संघर्ष और सांगठनिक अनुभव का मिला सम्मान।

मूल रूप से सदर तहसील क्षेत्र के मंडेला खुर्द गांव के निवासी अंकित त्रिपाठी पिछले लगभग 7 वर्षों से बसपा में सक्रिय और निष्ठावान भूमिका निभा रहे हैं।

अंकित त्रिपाठी ने पार्टी में धरातल पर काम करते हुए अपनी सांगठनिक क्षमता का लोहा मनवाया है।शुरुवाती दौर में महराजगंज सदर विधानसभा के सचिव के रूप में पार्टी संगठन को मजबूती दी।उसके बाद 2022 के महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव में उन्होंने जिला प्रभारी के पद पर रहते हुए अपनी रणनीतिक कुशलता और नेतृत्व क्षमता का बखूबी प्रदर्शन किया था।

शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार।

अपनी इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर खुशी जताते हुए अंकित त्रिपाठी एडवोकेट ने बसपा सुप्रीमो मायावती जी, जिलाध्यक्ष नारद कुमार राव और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त किया।

> अंकित त्रिपाठी ने कहा:

> “पार्टी नेतृत्व ने जिस विश्वास के साथ मुझे जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से खरा उतरने का प्रयास करूंगा। बहुजन समाज की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना और आगामी चुनावों में संगठन को मजबूती प्रदान करना ही मेरी प्राथमिक प्राथमिकता होगी।”

अंकित त्रिपाठी को बधाई देने वालों में बसपा के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों का तांता लगा हुआ है। सभी ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में जनपद में पार्टी संगठन को एक नई दिशा और मजबूती मिलेगी।

बारीगांव में रामलीला मेले की परंपरा 83 साल से जारी:1943 में शुरू हुए मेले में रावण दहन हुआ, कबड्डी, दौड़, फुटबॉल और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं भी हुई

घुघली विकास खंड के पिपरा ब्राह्मण उर्फ बारीगांव में रामलीला मेले के तहत रावण दहन किया गया। कार्यक्रम में लोगों ने हिस्सा लिया और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया गया। यह परंपरा 83 साल से जारी है।
बारीगांव में श्रीरामलीला मेले की शुरुआत 1943 में स्वर्गीय पंडित भवानी कृष्ण त्रिपाठी और उनके सहयोगियों ने की थी। ग्रामीणों के सहयोग से शुरू हुआ यह मेला अब भी जारी है।
मेले में रामलीला मंचन के साथ कबड्डी, दौड़, फुटबॉल और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं होती हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकार और ग्रामीण अपनी प्रतिभा दिखाते हैं।
आयोजकों और ग्रामीणों के सहयोग से यह परंपरा आगे बढ़ रही है। मेले के जरिए नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराया जाता है।

बिजली की चपेट में आने से नौजवान की मौत:साउघाट में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने परिजनों से मिलकर जताया शोक

बस्ती के साउघाट में रहने वाले निवासी गौरा चौराहे के निवासी भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष बसडीलिया ग्राम पंचायत के निवासी राम करन चौधरी के 21 वर्षीय बेटे सूरज चौधरी की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी उनके घर पहुंचे। संजय चौधरी ने परिजनों से मुलाकात की और शोक जताया। उन्होंने बताया कि यह अकस्मीय बिजली की चपेट में आने से निंदनीय घटना है इसकी पूरी जो भी आ सकती होगी हम हर प्रकार से खड़े रहेंगे

मध्य प्रदेश: 6 साल के पोते ने जीत ली 50 लाख की टोयोटा फॉर्च्यूनर, दादी ने खरीदा था सिर्फ 200 रुपये का कूपन

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के सीलमपुरा गांव के 6 वर्षीय मेदांश रायकवार की किस्मत चमक गई। उनकी दादी किरण रायकवार ने लगभग एक साल पहले गरबा कार्यक्रम में महज 200 रुपये का लकी ड्रॉ कूपन खरीदा था और पोते का नाम लिखवा दिया था। उसी कूपन से मेदांश ने करीब 50 लाख रुपये की टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी जीत ली।

यह लकी ड्रॉ आभापुरी स्थित श्री सरकार धाम में आयोजित किया गया था। जब 2026 में परिणाम घोषित हुए और मेदांश का नाम पहले इनाम के रूप में निकला, तो पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

परिवार पिछले दो साल से कार खरीदने का सपना देख रहा था। मेदांश के दादा और पिता खासतौर पर फॉर्च्यूनर खरीदना चाहते थे, लेकिन आर्थिक कारणों से यह सपना अधूरा रह गया था। अब 200 रुपये के छोटे से कूपन ने परिवार का लंबे समय से चला आ रहा सपना पूरा कर दिया।

इनाम मिलने पर मेदांश का भव्य स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों के साथ रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने जश्न मनाया। नई फॉर्च्यूनर की पारंपरिक पूजा भी की गई। यह दिलचस्प घटना सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है। लोग दादी की छोटी सी कोशिश को सराह रहे हैं, जिसने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।

श्रावस्ती में ई-रिक्शा की टक्कर से पिता-पुत्र घायल:इकौना-पयागपुर मार्ग पर हादसा, पिता बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर

श्रावस्ती के इकौना-पयागपुर मार्ग पर ई-रिक्शा और बाइक की टक्कर में पिता-पुत्र घायल हो गए। 65 वर्षीय पिता को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया। बेटे का इलाज इकौना सीएचसी में हुआ।
इकौना थाना क्षेत्र के मादरा गांव निवासी जगदेव प्रसाद (65), पुत्र साधू प्रसाद, अपने बेटे द्वारका प्रसाद (36) के साथ बाइक से बहराइच जिले के चिल्हरिया गांव गए थे। वहां से घर लौटते समय सामने से आ रहे ई-रिक्शा ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर से जगदेव और द्वारका सड़क पर गिरकर घायल हो गए। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना ले गई।
वहां प्राथमिक उपचार के बाद जगदेव प्रसाद की हालत गंभीर होने पर बुधवार रात उन्हें मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया। द्वारका प्रसाद का इलाज इकौना सीएचसी में किया गया।

यूपी में बुरा हाल, कर्नाटक में सूपड़ा साफ… चार राज्यों की 28 एमएलसी सीटों पर कांग्रेस का नहीं खुला खाता

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और महाराष्ट्र में विधान परिषद (एमएलसी) की 28 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी का खाता तक नहीं खुला है। बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराए गए द्विवार्षिक चुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित किए गए। इन चुनावों में केवल स्नातक और शिक्षक मतदाता ही हिस्सा ले सकते हैं।

प्रेट्र के अनुसार, उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अब तक आठ सीटों के परिणाम घोषित किए गए हैं। इनमें से पांच सीट पर भाजपा और तीन पर सपा ने जीत हासिल की है।

यूपी में कांग्रेस का बुरा हाल 

वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रतिष्ठित सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की है। मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के दिनेश कुमार गोयल, लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उमेश द्विवेदी, आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के आकाश अग्रवाल, मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के श्रीचंदर शर्मा और बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के हरि सिंह ढिल्लो ने जीत हासिल की है।

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद चुनाव को भाजपा और सपा के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार में कैसा रहा प्रदर्शन?

पटना से राज्य ब्यूरो के अनुसार, बिहार विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक के चार-चार क्षेत्रों के चुनाव के अंतिम परिणाम आ गए। भाजपा को तीन और राजद, जदयू तथा जन सुराज पार्टी को एक-एक सीट पर जीत मिली।

निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो सीटों पर परचम लहराया। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के नीरज कुमार चुनाव जीत गए हैं। मोकामा के जदयू विधायक (अब पार्टी से निलंबित) अनंत सिंह के समर्थन वाले जनसुराज के अनुज सिंह तीसरे नंबर पर रहे।

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार चुनाव जीते भाजपा के नवल किशोर यादव इस बार हार गए हैं। कर्नाटक का परिणाम कांग्रेस के लिए खासतौर पर निराशाजनक रहा। भाजपा-जदएस ने सत्तारूढ़ पार्टी को चार में से एक भी सीट नहीं जीतने दी।

जदएस ने कांग्रेस से एक सीट छीन ली, जबकि भाजपा ने तीन सीटें बरकरार रखीं। इस नतीजे से कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इसे भाजपा-जदएस के नेतृत्व में विपक्ष के एकजुट होने का परिणाम माना जा रहा है।

महाराष्ट्र में महायुति तीन सीटों पर आगे

महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ महायुति तीन सीटों पर आगे है, जबकि विपक्षी राकांपा (एसपी) दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना के किरण सरनाइक आगे चल रहे हैं। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े बढ़त बनाए हुए हैं।

पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राकांपा (एसपी) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव जीत की ओर बढ़ती दिख रही हैं। छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राकांपा (एसपी) के प्रतापसिंह पाटिल आगे चल रहे हैं।

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बिना नई अनुमति मिट्टी खनन पर दो डंपर पकड़े:खनन विभाग ने 50 हजार रुपए जुर्माना लेकर छोड़ा

घुघली थाना क्षेत्र के भिस्वा उर्फ कोटिया में मिट्टी खनन के मामले में खनन विभाग ने दो डंपर पकड़े। टीम ने 50 हजार रुपए जुर्माना वसूलने के बाद दोनों वाहन छोड़ दिए। इस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
खनन निरीक्षक अजीत कुमार ने बताया कि संबंधित जगह पर पहले खनन की अनुमति ली गई थी, लेकिन उसकी अवधि खत्म हो गई थी। नई अनुमति के लिए कार्यालय में आवेदन किया गया था, पर मंजूरी नहीं मिली थी।
खनन की सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और मिट्टी लदे दोनों डंपर पकड़े। जुर्माना जमा कराने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
सवाल यह है कि अनुमति खत्म होने के बाद खनन गतिविधियों पर निगरानी की क्या व्यवस्था थी। विभाग को खनन शुरू होने के बाद इसकी जानकारी मिली या गतिविधियां पहले से चल रही थीं, यह भी स्पष्ट नहीं है।

सौरहा में रामलीला का शुभारंभ:डॉ. ममता पाण्डेय ने फीता काटकर किया उद्घाटन, युवा नेता सुशील पाण्डेय भी रहे मौजूद

गौर (बस्ती) के सौरहा में 28 अक्टूबर की रात 10 बजे रामलीला कार्यक्रम शुरू हुआ। डॉ. ममता पाण्डेय ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। युवा नेता सुशील पाण्डेय भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
डॉ. ममता पाण्डेय ने भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम परंपराओं को जीवित रखते हैं और समाज को अच्छे संस्कारों का संदेश देते हैं। कार्यक्रम में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा।

ग्राम पंचायतों को सशक्त करेगी ग्राम स्वराज योजना, 7 हजार करोड़ से ज्यादा होंगे खर्च

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ग्राम पंचायतें अब सिर्फ सरकारी योजनाओं को लागू करने वाली इकाई नहीं रहेंगी, बल्कि गांव के विकास की योजनाएं तैयार करने और उसे आगे बढ़ाने में भी सक्षम होंगी।

अपनी जरूरत के हिसाब से योजनाएं तय करेंगी। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी दी है। 2026-27 से 2030-31 तक चलने वाली इस योजना पर कुल 7,395.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

देश की 2.55 लाख से अधिक पंचायतों के लगभग 32 लाख जनप्रतिनिधियों और पंचायत-कर्मियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। यह विकसित भारत की कल्पना के अनुरूप अगली पीढ़ी की शासन व्यवस्था में बदलाव की पहल है।

कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि योजना पर होने वाले खर्च में केंद्र सरकार 4,869.48 करोड़ रुपये और राज्य सरकारें 2,526.07 करोड़ रुपये देंगी।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा। जहां सामान्य ग्राम पंचायतें नहीं हैं, वहां पारंपरिक स्थानीय निकाय इसके दायरे में आएंगे। योजना के लिए स्थायी पद नहीं बनाया जाएगा, हालांकि जरूरत के अनुसार राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर संविदा पर तकनीकी कर्मचारी रखे जा सकेंगे।

वैष्णव ने बताया कि अभी तक कई योजनाओं में पहले से तय रहता है कि किस तरह का काम करना है। किंतु नई योजना में हर साल 2.55 लाख ग्राम पंचायत विकास योजनाएं तैयार करने में मदद दी जाएगी।

इसके लिए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल का इस्तेमाल होगा। इस पर गांव की जरूरतों, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा धन का ब्योरा एक साथ जोड़ने की कोशिश होगी।

इससे पंचायतों को यह समझने में आसानी होगी कि गांव में कहां विकास की कमी है और उसे दूर करने के लिए किन योजनाओं या संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर ही तय होगा कि किस गांव में किस काम की ज्यादा जरूरत है। अगर किसी गांव में पेयजल, सड़क या दूसरी बुनियादी सुविधाओं की कमी है तो पंचायत उपलब्ध योजनाओं और धन की जानकारी के आधार पर प्राथमिकताएं तय कर सकेगी।

विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर रहेगा, ताकि उपलब्ध धन का बेहतर इस्तेमाल हो और विकास के कामों में दोहराव या कमी की गुंजाइश घटे। सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायतकर्मियों और दूसरे संबंधित लोगों को हर साल क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और डिजिटल माध्यमों से सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें योजना निर्माण, संसाधनों का ब्योरा रखने एवं ग्रामीणों से संवाद करने में सहूलियत हो सके।

योजनाओं की जानकारी देने के लिए ग्राम सभाओं, पंचायत बैठकों और डिजिटल मंचों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रत्येक जागरूकता अभियान के जरिए कम से कम एक करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य है। पंचायतों को अपने स्रोतों से आमदनी बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे केवल अनुदान पर निर्भर न रहें।

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