जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने के कारण पशुओं के लिए चारे और पानी का संकट गहरा गया है। प्रदेश के 41 में से 31 जिलों में हालात चिंताजनक हैं।
स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश से चारा उपलब्ध कराने के लिए मदद मांगी है।
राज्य सरकार ने पंजाब, हरियाणा व मध्य प्रदेश की सरकार से पराली को जलाने के बजाय चारे के रूप में उपलब्ध कराने की अपील की है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों में अनुदान वाले चारा डिपो और पशु शिविर खोलने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 31 दिसंबर तक टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाएगी।
सरकार ने जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, दौसा और जोधपुर सहित नौ जिलों को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। वहीं, जयपुर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जालौर सहित 22 जिलों को अर्ध-गंभीर श्रेणी में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को अपने-अपने जिलों का दौरा कर चारे-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सामान्य से कम हुई बारिशराजस्थान में इस साल अब तक करीब 351 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 424.71 मिलीमीटर है। पिछले वर्ष 715.2 मिलीमीटर और वर्ष 2024 में 678.4 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
कम बारिश का असर विशेष रूप से पशुओं के लिए चारे और पानी की उपलब्धता पर पड़ा है। सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए राहत उपाय तेज कर दिए हैं।
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