नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और चुनाव आयोग को लेकर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि वह पिछले एक दशक से अधिक समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ लड़ रहे हैं और उनके तौर-तरीकों को अच्छी तरह समझते हैं।
राहुल गांधी ने कहा, “मैं नरेंद्र मोदी, आरएसएस और इनसे जुड़े लोगों के खिलाफ एक दशक से भी ज्यादा समय से लड़ रहा हूं। मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूं, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है। मैं इन्हें अंदर तक जानता हूं, इनकी हर चाल से वाकिफ हूं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक विरोधियों की सबसे बड़ी पहचान ‘कायरता’ है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम लेते हुए कहा कि अब धीरे-धीरे उनके चारों तरफ का दायरा सिमट रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि गिरफ्तारी और सुरक्षा बलों के इस्तेमाल से विपक्ष की आवाज नहीं दबाई जा सकती। उन्होंने कहा, “जो करना है, कर लीजिए। जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए। सारे नेताओं को गिरफ्तार कर लीजिए, सारे युवाओं को गिरफ्तार कर लीजिए, हम सबको गिरफ्तार कर लीजिए। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके पास जरूरी जानकारी मौजूद है और उनकी लड़ाई संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने युवाओं से विरोध जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
राहुल गांधी की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार और प्रशासन की आलोचना की है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शनकारियों की हिरासत को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए राजधानी को ‘किले’ में बदल दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि युवाओं और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को उनके संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने से रोका जा रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश देश के हितों के खिलाफ हैं और सरकार आलोचनाओं से घबराई हुई दिखाई दे रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था यह दिखाती है कि सरकार विरोध प्रदर्शनों से परेशान है। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।कांग्रेस का कहना है कि युवाओं, छात्रों और मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026






















