मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में छापेमारी के दौरान जब्त रकम की हेराफेरी करने वाले चार पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने सेवा नियमावली का उल्लंघन और भ्रष्ट आचरण सिद्ध होने पर चार सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त सिपाहियों में संतोष कुमार, गौतम कुमार यादव, कृष्ण कुमार और ओमप्रकाश शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान मिली रकम में की हेराफेरी
मामला गोविंदगंज थाना क्षेत्र के रढ़िया गांव का है, जहां पुलिस टीम ने ठगी के आरोपी चंदन सिंह के ठिकाने पर रेड मारी थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस को 4.15 लाख रुपये नकद, सोने जैसे दिखने वाले 10 बिस्किट और एक सोने की चेन मिली थी। छापेमारी दल में शामिल चारों सिपाहियों ने मिलीभगत कर जब्त 4.15 लाख में से 3 लाख रुपये आपस में बांट लिए और रिकॉर्ड में सिर्फ 1.15 लाख रुपये ही दर्ज किए।
वरिष्ठ अधिकारियों की पूछताछ में खुला राज
मामला संदिग्ध लगने पर जब वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो सिपाहियों की करतूत उजागर हो गई। पुलिस ने छिपाए गए पूरे 3 लाख रुपये बरामद कर लिए।
FIR दर्ज होने के बाद जेल और अब बर्खास्तगी
मामला सामने आने पर चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके साथ ही शुरू हुई विभागीय जांच में आरोप पूरी तरह सिद्ध पाए गए, जिसके बाद एसपी ने चारों सिपाहियों को बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।





























