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बाल कलाकारों का शानदार मंचन, “सदाचार का ताबीज” से भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार

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जबलपुर। जबलपुर के शक्तिभवन स्थित केंद्रीय ग्रंथालय में मध्यप्रदेश विद्युत परिवार हिंदी समिति द्वारा चल रहे हिंदी महोत्सव के दूसरे दिन विविध सांस्कृतिक व बौद्धिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में महाकोशल महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण शुक्ल ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष फिरोज कुमार मेश्राम ने की। इस दौरान पावर मैनेजमेंट कंपनी के अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक अनुराग नायक, समिति उपाध्यक्ष नितिन खत्री, संयोजक दीपक निगम और संचालनकर्ता अंकिता सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

'दुनिया भर की भाषाओं पर संकट, पर हिंदी अडिग'

मुख्य वक्ता डॉ. अरुण शुक्ल ने कहा कि दुनिया की सैकड़ों भाषाओं पर मंडराते विलुप्त होने के संकट के बीच हिंदी भाषा पूरी मजबूती से अडिग है, जो देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने देश की मुख्य भाषा अपनाने के साथ अन्य प्रचलित शब्दों के सहज प्रयोग पर बल दिया। वहीं, समिति अध्यक्ष फिरोज कुमार मेश्राम ने रोजमर्रा के कामकाज में शुद्ध व सरल अभिव्यक्ति को अनिवार्य बताया।

प्रतियोगिता व पुस्तक प्रदर्शनी में दिखा उत्साह

  • हिंदी प्रश्न मंच प्रतियोगिता: विद्युत कंपनियों के कर्मचारियों के लिए आयोजित प्रश्न मंच स्पर्धा में 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्मिकों को 30 मिनट की समय सीमा में हिंदी भाषा और सामान्य ज्ञान पर आधारित 50 वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रश्नों के उत्तर देने थे।

  • पुस्तक प्रदर्शनी: आयोजन स्थल पर 'त्रिलोक सिंह स्मृति पुस्तकालय' के पुस्तक प्रदर्शक अजय एवं मनु यादव द्वारा श्रेष्ठ हिंदी साहित्य और विदेशी भाषाओं के अनुवादों की समृद्ध पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे पाठकों ने काफी सराहा।

'सदाचार का ताबीज' नाटक का सफल मंचन

महोत्सव के दूसरे दिन विवेचना थिएटर ग्रुप के बाल कलाकारों ने व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की प्रसिद्ध रचना 'सदाचार का ताबीज' का शानदार मंचन किया।

  • निर्देशन व कलाकार: आदित्य रूसिया के निर्देशन और पल्लव शुक्ला के सहयोग से तैयार इस नाटक में इहान भटेले तिवारी, अर्हम जैन, एकाक्ष मरवाहा, हृदयांश चौकसे, रिया पांडे, अर्शवीर सिंह सूरमा और अस्तित्व शुक्ला ने अपनी अदाकारी से प्रशासनिक पाखंड और भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार किया।

आज भाषण स्पर्धा के साथ होगा समापन

हिंदी महोत्सव का समापन 17 सितंबर को दोपहर 3:00 बजे तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता (Extempore) और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा। समापन अवसर पर अहिंदी भाषी हास्य कलाकार के.के. नायकर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे, जिन्हें हिंदी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।