श्रावस्ती में लगातार चार दिनों तक हुई बारिश के बाद रविवार से मौसम साफ और धूप निकलने से लोगों को राहत मिली है, बुधवार सुबह 9:00 बजे तक राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया, जलस्तर घटने से जमुनहा क्षेत्र के प्रभावित गांवों से पानी तेजी से हट गया है। हालांकि, पानी उतरने के बाद जमा कीचड़,पांच दिन से बाधित बिजली और मोबाइल नेटवर्क लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। राप्ती बैराज पर जलस्तर बढ़ने के बाद नदी का पानी इकौना क्षेत्र की ओर बढ़ता है। जमुनहा क्षेत्र में जलस्तर घटने से लोगों को राहत मिली है, वहीं इकौना क्षेत्र में नदी किनारे बसे कई गांवों में अभी जलभराव की समस्या बनी हुई है। गांवों को जोड़ने वाले मार्गों पर जलभराव है। हालांकि पानी धीरे-धीरे निकल रहा है, लेकिन ग्रामीणों को पूरी तरह राहत मिलने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। बारिश और तूफान से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए पानी घटते ही राजस्व टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर रही हैं। फसलों का भी आकलन किया जिन क्षेत्रों से पानी निकल गया है, वहां सर्वे का काम तेजी से कराया जा रहा है। इसके साथ ही बारिश और तूफान से खराब हुई फसलों का भी आकलन किया जा रहा है, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके। अपर जिलाधिकारी ललित कुमार ने बताया कि अतिवृष्टि से हुई जनहानि, पशुहानि और मकानों आदि के नुकसान के सर्वे के बाद आपदा राहत कोष से सहायता राशि जारी हुई है। 1.05 लाख रुपये की सहायता राशि इकौना और जमुनहा में हुई दो जनहानि के मामलों में मृतकों के परिवारों को कुल आठ लाख रुपये, पशुहानि में 75 हजार, पक्के मकान की क्षति पर 1.46 लाख, कच्चे मकानों की क्षति पर 2.92 लाख, झोपड़ी क्षति पर 1.36 लाख तथा पशु शेड की क्षति पर 1.05 लाख रुपये की सहायता राशि जारी की गयी है। उप जिलाधिकारियों को निर्देश डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि आपदा से किसी प्रकार की जनहानि या अन्य क्षति होने पर प्रभावित परिवारों को आपदा राहत कोष से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसमें किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए।
श्रावस्ती में घटा राप्ती का जलस्तर:बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत, कीचड़ और बिजली संकट बरकरार
और पढ़ें
संबंधित खबरें











































