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हर्रैया SDM को सौंपा ज्ञापन:मुख्यमंत्री आगमन पर हाउस अरेस्ट, मनोरमा नदी और टोल प्लाजा समेत कई मामले

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चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने हर्रैया के उपजिलाधिकारी (SDM) को एक रिमाइंडर पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने जनहित से जुड़े पांच गंभीर मामलों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। पाण्डेय ने कहा कि प्रशासन ने इन मामलों पर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन लंबे समय से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पाण्डेय ने जिन मुख्य मुद्दों को उठाया है, वे इस प्रकार हैं: मुख्यमंत्री के हर्रैया आगमन के दौरान उन्हें कथित रूप से हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला। माँ मनोरमा नदी की सफाई, संरक्षण और अतिक्रमण हटाने की मांग। चौकड़ी टोल प्लाजा से जुड़े अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच। स्थानीय जनता को टोल वसूली और आने-जाने की परेशानियों से राहत। महूघाट–विशेषरगंज मार्ग पर लगाए गए हाइट बैरियर के संबंध में कार्रवाई। चन्द्रमणि पाण्डेय ने कहा कि माँ मनोरमा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसकी रक्षा और संरक्षण के लिए उनका संघर्ष पहले भी जारी था और आगे भी मजबूती से जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र की जनता को गैरजरूरी टोल वसूली और आने-जाने की परेशानियों से राहत दिलाना उनका दायित्व है। पाण्डेय ने सार्वजनिक जमीन से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और कानून के हिसाब से कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। पाण्डेय ने प्रशासन से सभी मामलों में तय समय में कार्रवाई करने और लिखित रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने साफ किया कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि हर्रैया की जनता, उनके अधिकारों, पर्यावरण और जनहित के लिए है। चन्द्रमणि पाण्डेय ने चेतावनी दी कि यदि इन जनहित के मामलों में सही कार्रवाई नहीं होती है, तो जनता की आवाज को लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से और मजबूती से उठाया जाएगा।

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