डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लगभग दो सप्ताह पहले बंगाल के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण पोर्टल को अपडेट किया गया था, ताकि जज एसआईआर आदेश में बताई गई 13 तरह की दस्तावेजों की सूची के अलावा अन्य दस्तावेजों का भी इस्तेमाल कर सकें। अब इसी सप्ताह के भीतर चुनाव आयोग जजों के लिए लॉग-इन करने और अपने आदेश अपलोड करने की अनिवार्य शर्त के रूप में आधार-प्रमाणित ई-साइन की जगह डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट लागू करने जा रहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईआर ट्रिब्यूनल के जजों की दो और मांगों को स्वीकार कर लिया गया है और लागू भी कर दिया गया है। अब अपीलीय न्यायाधिकरण के प्लेटफॉर्म पर जज एक-एक करके आदेश अपलोड करने के बजाय, एक साथ कई आदेश (बल्क में) अपलोड कर सकते हैं। इससे समय और मेहनत की बचत होगी।
जजों ने जताई थीं आपत्तियां
दरअसल, इस साल सितंबर में आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद जजों ने इस पर कुछ आपत्तियां जताई थीं, जिसके कारण पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय में ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए कई आदेश पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पाए थे।
जरूरी बदलाव भी संभव
ECINET पोर्टल पर जज अपने आदेशों को ड्राफ्ट के रूप में भी सेव कर सकेंगे, जिससे वे अंतिम आदेश जारी करने से पहले उनमें जरूरी बदलाव कर सकेंगे। सूत्रों ने बताया कि लगभग दो सप्ताह पहले चुनाव आयोग ने ट्रिब्यूनल के लिए बने अपने पोर्टल में बदलाव किया था। इसके तहत मान्य दस्तावेजों की सूची में एक 14वीं श्रेणी जोड़ी गई है, जिसका नाम है कोई अन्य दस्तावेज।
अब जज अपने विवेक से किसी ऐसे दस्तावेज को भी अपलोड करवा सकते हैं, जो उन्हें किसी व्यक्ति की मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता तय करने के लिए सही लगे। सूत्रों के मुताबिक, मतदाता पंजीकरण अधिकारी या खुद मतदाता भी इस तरह के दस्तावेज को पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।
चुनाव आयोग द्वारा अब तक जारी किए गए सभी एसआईआर आदेशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 13 दस्तावेजों की यह सूची केवल उदाहरण के लिए है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रिब्यूनल जजों के लिए डीएससी-आधारित एक्सेस की मंजूरी इस हफ्ते के अंत तक मिल सकती है। डिजिटल सिग्नेचर वाली पेन-ड्राइव तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है।
