रिपोर्ट:हेमन्त कुमार दुबे।
महराजगंज/निचलौल।पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी (IPS) के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना निचलौल पुलिस ने अवैध आतिशबाजी की बड़ी खेप पकड़ने का दावा किया है। पुलिस ने पिकअप वाहन से 8 बोरी और 18 गत्तों में भरी विभिन्न प्रकार की आतिशबाजी बरामद कर एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। हालांकि, मौके की तस्वीरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने पुलिस के आधिकारिक दावे पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
थाना निचलौल पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर मु0अ0सं0 294/2026 धारा 5/9बी विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कौशेन पुत्र धनीफ (निवासी कोर्ट मोहल्ला, वार्ड नं0 07, थाना निचलौल) को आतिशबाजी सहित उसके घर से गिरफ्तार किया हैं।इस कार्रवाई में तहसीलदार निचलौल अमित सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम भी साथ रही।

पुलिस का दावा बनाम मौके की सच्चाई!
इस कार्रवाई को लेकर एक बड़ा विरोधाभास सामने आया है। पुलिस का आधिकारिक दावा है कि यह आतिशबाजी सामग्री अभियुक्त के घर से पकड़ी गई है।
वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल तस्वीरों के अनुसार, असलियत कुछ और ही बयां कर रही है:
कहाँ पकड़ी गई गाड़ी? चश्मदीदों के मुताबिक, आतिशबाजी से भरी पिकअप गाड़ी को छठ घाट स्थित रामजानकी मंदिर के पास से पकड़ा गया था।मौके की सामने आई तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पिकअप गाड़ी सड़क पर खड़ी है और पुलिस टीम वहां मौजूद है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब गाड़ी सड़क पर (छठ घाट के पास) पकड़ी गई, तो पुलिस इसे अभियुक्त के घर से बरामद दिखाने का दावा क्यों कर रही है। क्या पुलिस महकमे के भीतर इस मामले में किसी फेरबदल की कोशिश की जा रही है।












