सिसवा में नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी:बिहार पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर ठगी, फर्जी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिया

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महराजगंज के सिसवा में बिहार पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवक से दो लाख रुपये ऐंठने और फर्जी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र थमाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नौकरी नहीं मिलने पर जब युवक ने अपनी रकम वापस मांगी तो जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। मामले में न्यायालय के आदेश पर कोठीभार पुलिस ने सात धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रकरण कोठीभार थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव के एक युवक से जुड़ा है। न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र के मुताबिक, युवक पुलिस और सेना में भर्ती की तैयारी करता था। इसी दौरान जनवरी 2026 में सिसवा के महात्मा गांधी इंटरमीडिएट कॉलेज के मैदान में उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने खुद को बिहार पुलिस में अच्छी पहुंच वाला बताते हुए दो लाख रुपये के बदले बिहार के मोतिहारी से प्रशिक्षण प्रमाणपत्र दिलाने और बिहार पुलिस में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। आरोप है कि युवक ने फरवरी में तीन-चार किश्तों में दो लाख रुपये देने के साथ अपने आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी सौंप दिए। जून में उसे बुनियादी प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र दिया गया और एक महीने के भीतर नौकरी लगवाने का आश्वासन मिला। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर युवक ने प्रमाणपत्र की जांच कराई तो उसके फर्जी होने की जानकारी मिली। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि 18 जुलाई 2026 को सुबह करीब पांच बजे सिसवा के मैदान में रुपये वापस मांगने पर जातिसूचक गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। युवक ने क्षेत्र के अन्य बेरोजगारों से भी नौकरी के नाम पर ठगी किए जाने की आशंका जताई है। कोठीभार थाना प्रभारी अखिलेश वर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी, कूटरचना, धमकी और एससी-एसटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है।

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