महराजगंज के सदर तहसील क्षेत्र की ग्रामसभा भिसवा में श्मशान घाट की जमीन पर विवाह भवन बनाने का प्रस्ताव है। इसे लेकर ग्रामीणों में गुस्सा है। उन्होंने जिलाधिकारी (DM) को आवेदन देकर निर्माण कार्य तुरंत रोकने और जमीन की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी गोदाम के बगल वाली इस जमीन पर कई पीढ़ियों से शवों का अंतिम संस्कार होता आ रहा है। पहले के ग्राम प्रधानों ने श्मशान घाट के नाम पर यहां पेड़ भी लगाए थे, जो अब भी मौजूद हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, साल 2015 में यहां श्मशान घाट का साइन बोर्ड और मनरेगा से जुड़ा बोर्ड भी लगाया गया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मौजूदा ग्राम प्रधान या प्रशासक ने श्मशान घाट पर बनी अंतिम संस्कार की वेदियों को जेसीबी मशीन से समतल करवा दिया है। इससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया है। उनका कहना है कि जिस जमीन का इस्तेमाल लंबे समय से अंतिम संस्कार के लिए हो रहा है, उसे किसी और काम के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ग्रामीणों ने DM से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, श्मशान घाट की जमीन को सुरक्षित रखने और प्रस्तावित विवाह भवन का निर्माण तुरंत रुकवाने की मांग की है। इस दौरान मुन्ना भास्कर, पूर्व प्रधान नूरआलम, पदमाकर, रामरतन, राममिलन, मीना, मणिमय, अरविंद और अक्षय समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।





















