
बलरामपुर जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों से मिलने जेल पहुंचीं और उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। जेल प्रशासन ने पर्व को सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। मुलाकात के दौरान कई भावुक दृश्य देखने को मिले। जेल अधीक्षक विजय राय की मौजूदगी में रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सलामती और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके बाद भाइयों को मिठाई खिलाकर अपना स्नेह जताया। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। 300 महिलाएं और 75 बच्चे पहुंचे जेल अधीक्षक विजय राय ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर 300 महिलाएं और 75 बच्चे अपने परिजनों से मिलने जिला कारागार पहुंचे। इसके अलावा एक पुरुष भी जेल में बंद अपनी बहन से राखी बंधवाने पहुंचा। मुलाकात में छलके खुशी और जुदाई के आंसू जेल में मुलाकात के दौरान कई भावुक क्षण देखने को मिले। लंबे समय बाद भाइयों से मिलकर कुछ बहनों की आंखों में खुशी के आंसू थे, तो कुछ की आंखें बिछड़ने का दर्द बयां कर रही थीं। जेल की दीवारों के बीच भाई-बहन के रिश्ते की भावनाएं साफ नजर आईं। महिलाओं और बच्चों के लिए किए विशेष इंतजाम जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन को लेकर व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। जेल पहुंचने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए बैठने, जलपान और अन्य जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया गया था। प्रशासन की कोशिश रही कि मुलाकात के दौरान किसी को परेशानी न हो। जेल परिसर में बना रहा प्रेम और विश्वास का माहौल रक्षाबंधन के दौरान जिला कारागार परिसर में पूरे दिन प्रेम और विश्वास का माहौल बना रहा। पर्व ने यह संदेश दिया कि परिस्थितियां और दूरी चाहे कितनी भी हो, भाई-बहन के बीच का स्नेह और रिश्ता कायम रहता है।



























