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खरगे के उत्तराखंड दौरे के ‘शुद्धिकरण’ पर राहुल का हमला, FIR की मांग

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष चल रहा है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उत्तराखंड के हल्द्वानी दौरे के दौरान कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना का मुद्दा भी उठाया और दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में खरगे के दौरे के बाद बीजेपी-आरएसएस से जुड़े लोगों ने ‘शुद्धिकरण’ की रस्म की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के दौरे के बाद इस तरह का शुद्धिकरण करना आपत्तिजनक होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है। राहुल के मुताबिक, खरगे ने 13 अगस्त को संसद में भी इस घटना को लेकर अपना अपमान किए जाने की बात कही थी, लेकिन अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी मांग है कि जिन लोगों ने कथित तौर पर यह कृत्य किया, उनके खिलाफ जल्द से जल्द FIR दर्ज की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) से जुड़े कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करती है।

प्रधानमंत्री से भी कार्रवाई की मांग
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री खुद को हर जाति और पूरे देश का प्रतिनिधि बताते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी है कि वे इस मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से मांग की कि खरगे को न्याय दिलाने के लिए दोषियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।

‘मुद्दा सिर्फ खरगे का नहीं, हर दलित का है’
राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक दलित से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ सार्वजनिक रूप से इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम दलितों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई BJP और RSS की उस विचारधारा के खिलाफ है, जिसे वह भेदभाव और असमानता को बढ़ावा देने वाली मानते हैं। राहुल ने कहा कि ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता और दोषियों पर कानून के तहत कार्रवाई होने की मांग।

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