
सदर तहसील के कोदइला गांव से गुजरने वाली देवरिया नहर पर बना करीब पांच दशक पुराना पुल हादसे को दावत दे रहा है। पुल की पूरब और पश्चिम दोनों तरफ की रेलिंग टूटकर गिर चुकी है, जबकि पुल की छत भी कई जगह से दरक गई है। इसके बावजूद ग्रामीण रोजाना जान जोखिम में डालकर इस पुल से आवागमन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर पहले भी कई छोटी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। 24 फरवरी 2024 को अगया निवासी राजेश साहनी की इसी पुल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद भी पुल की हालत में सुधार नहीं हुआ। दोनों तरफ की रेलिंग टूटकर गिरी कोदइला गांव के पास देवरिया नहर पर बने पुल की हालत लंबे समय से जर्जर है। पुल के दोनों ओर सुरक्षा के लिए लगी रेलिंग टूटकर गिर चुकी है। रेलिंग न होने के कारण पुल से गुजरने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ गया है। खासकर रात के समय यहां से गुजरना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। पुल की छत भी कई जगह से दरकी ग्रामीणों के मुताबिक करीब पांच दशक पहले बने इस पुल की सिर्फ रेलिंग ही नहीं, बल्कि छत भी कई जगह से दरक चुकी है। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण पुल की स्थिति लगातार खराब होती गई। लोगों को आशंका है कि अगर समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। 2024 में पुल से गिरकर युवक की गई थी जान इस पुल पर हादसे का खतरा कितना गंभीर है, इसका अंदाजा 24 फरवरी 2024 की घटना से लगाया जा सकता है। इसी पुल से गिरकर अगया निवासी राजेश साहनी की मौत हो गई थी। इसके अलावा ग्रामीणों के अनुसार पहले भी यहां कई छोटी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके पुल की टूटी रेलिंग अब तक नहीं बनवाई गई है। जान जोखिम में डालकर गुजर रहे ग्रामीण कोदइला और आसपास के गांवों के लोगों के लिए यह पुल आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। रोजाना ग्रामीण इसी पुल से होकर आते-जाते हैं। रेलिंग टूटने और पुल की छत दरकने के बावजूद लोगों के पास दूसरे रास्ते का विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में यहां से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की मांग की है। पूर्व प्रधान बोले- कई बार विभाग को लिखा पत्र पूर्व प्रधान एडवोकेट नूरआलम ने बताया कि पुल की रेलिंग बनवाने के लिए उन्होंने कई बार संबंधित विभाग को पत्र लिखकर मांग की है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने इसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही बताया। महंगू केवट, विभूति शर्मा, राधेश्याम, राजकुमार, सुभान अंसारी, जमीर अंसारी समेत कई ग्रामीणों ने भी कार्रवाई की मांग की है। सर्वे के बाद बनेगी पुल की रेलिंग सिंचाई खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता विनोद वर्मा ने कहा कि क्षतिग्रस्त पुल का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद पुल की रेलिंग बनवाई जाएगी। विभाग के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा और पुल से गुजरने वाले लोगों को हादसे के खतरे से राहत मिलेगी।
































