
राजस्व विवादों के रुके हुए मामलों को अब डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन खुद मौके पर पहुंचकर सुलझाने में लगे हैं। रुके हुए राजस्व मामलों को जल्दी, साफ और सही तरीके से निपटाने की मुहिम के तहत बुधवार को डीएम ने भगवतीगंज और विशुनापुर जाकर विवादित जगहों की असलियत परखी। खास बात यह रही कि मौके पर जांच दोनों पक्षों की मौजूदगी में कराई गई। इससे मौके की असलियत और कागजों में दर्ज जानकारी के बीच कोई अंतर नहीं रहा। डीएम ने अपने राजस्व कोर्ट में चल रहे मामलों से जुड़ी जगहों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद दोनों पक्षों से जानकारी ली और मामले से जुड़ी बातों को समझा। निरीक्षण के दौरान संबंधित कागजों और मौके की स्थिति का मिलान करते हुए विवाद के अलग-अलग पहलुओं की जांच की गई। डीएम ने कहा कि राजस्व मामलों को निपटाने में कागज बहुत जरूरी हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर मौके की असलियत जांचना भी उतना ही अहम है। इससे विवाद के असली तथ्यों को समझने और सही फैसला लेने में मदद मिलती है। डीएम के इस कदम से साफ है कि लंबे समय से रुके राजस्व मामलों को सिर्फ फाइलों में आगे बढ़ाने के बजाय, मौके की असलियत जांचकर फैसला लेने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर है। डीएम ने सभी एसडीएम को राजस्व मामलों को निपटाने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रुके हुए मामलों की लगातार समीक्षा की जाए और जरूरत के अनुसार मौके पर निरीक्षण के साथ कागजों की अच्छे से जांच कराई जाए। उन्होंने साफ किया कि राजस्व मामलों में बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए। केस लड़ने वालों को समय पर न्याय मिले, इसके लिए राजस्व कोर्ट में रुके मामलों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए। प्रशासन का जोर अब राजस्व विवादों को जल्दी और सही तरीके से निपटाने पर है। डीएम के खुद मौके पर पहुंचकर असलियत जांचने से यह संदेश भी गया है कि राजस्व मामलों में सिर्फ कागजी कार्रवाई पर निर्भर नहीं रहा जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर सच की जांच की जाएगी।
































