
महराजगंज में नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण वहां गए भारतीयों से संपर्क टूट गया है। इससे भारत में रह रहे उनके स्वजनों की चिंता बढ़ गई है। सोनौली सीमा क्षेत्र में लोग अपने परिचितों का हालचाल जानने के लिए लगातार फोन और दूसरे तरीकों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। नेपाल के काठमांडू, पोखरा और चितवन समेत पहाड़ी इलाकों में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक घूमने जाते हैं। आपदा के बाद कई मुख्य रास्ते बंद हो गए हैं और संचार व्यवस्था पर असर पड़ा है, जिससे यात्रियों से तुरंत संपर्क नहीं हो पा रहा है। सोनौली और आसपास के इलाकों में नेपाल गए यात्रियों के परिवार वाले अपने परिचितों के लौटने और उनके सुरक्षित होने की जानकारी को लेकर परेशान हैं। गुजरात से आए अंबिका पटेल ने बताया कि उनका बेटा एक हफ्ते पहले नेपाल गया था, लेकिन अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला है। अहमदाबाद के सुबाष कुमार ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य काठमांडू गए थे, लेकिन अभी तक उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। सीमा पर भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। सोनौली सीमा भारत और नेपाल के बीच यात्रियों के आने-जाने का मुख्य केंद्र है। नेपाल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यहां आने वाले लोगों में सबसे ज्यादा चर्चा प्रभावित इलाकों की स्थिति और वहां फंसे भारतीयों को लेकर है। सोनौली व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि वे लगातार लोगों को जानकारी दे रहे हैं।
Home उत्तर प्रदेश नौतनवा में नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से भारतीय लापता:स्वजनों की चिंता बढ़ी, संपर्क...
































