
नगर तुलसीपुर से सटा मनकौरा काशीराम गांव को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बारिश के दौरान नाले में आई बाढ़ से रास्ते पर बनी पुलिया का एप्रोच पूरी तरह बह गया है। इससे गांव का मुख्य संपर्क मार्ग बंद हो गया है और ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। पुलिया का एप्रोच बाढ़ के पानी में बह जाने के बाद रास्ते पर आना-जाना लगभग बंद हो गया है। फिलहाल लोग किसी तरह पैदल इस रास्ते से गुजर रहे हैं, लेकिन यह रास्ता भी काफी खतरनाक हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में नाला भर जाने से स्थिति और खराब हो जाती है। ग्रामीण रामराज, विमल, अशोक, दिनेश और संजय ने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि कई सालों से चली आ रही है। हर साल बारिश के मौसम में पुलिया का एप्रोच टूटकर बह जाता है। इसके बाद कुछ समय के लिए रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है। अधिकारियों द्वारा स्थायी समाधान न करने से ग्रामीणों को हर साल इसी समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। गांव के बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। वहीं, ग्रामीणों को जरूरी कामों के लिए तुलसीपुर पहुंचने में भी दिक्कत होती है। सामान्य दिनों में जिस दूरी को आसानी से तय किया जा सकता है, रास्ता बंद होने के कारण बरसात के समय ग्रामीणों को करीब पांच किलोमीटर घूमकर तुलसीपुर पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया के एप्रोच के बार-बार बहने का स्थायी समाधान जरूरी है। केवल मिट्टी डालकर या अस्थायी रूप से रास्ता ठीक करने से समस्या हल नहीं होगी। पुलिया के दोनों ओर मजबूत एप्रोच बनाने के साथ रास्ते को भी ऊंचा और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि बाढ़ का पानी सड़क को दोबारा नुकसान न पहुंचा पाए।
































