Loading...
LIVE
⚡ FLASH NEWS
BREAKING NEWS
खबरें लोड हो रही हैं...
Home दिल्ली ‘Gen-Z को अघोषित इमरजेंसी मंजूर नहीं’, दिल्ली में पाबंदियों पर भड़के शशि...

‘Gen-Z को अघोषित इमरजेंसी मंजूर नहीं’, दिल्ली में पाबंदियों पर भड़के शशि थरूर

0
1
'Gen-Z को अघोषित इमरजेंसी मंजूर नहीं', दिल्ली में पाबंदियों पर भड़के शशि थरूर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को रोकने के लिए गई भारी सुरक्षा व्यवस्था और कड़े प्रतिबंधों पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार जोरदार हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली को छावनी में तब्दील करने को अत्यधिक दमनकारी करार देते हुए सरकार को घेरा है।

शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जो सरकार अपनी चुनावी पारदर्शिता को लेकर आश्वस्त होती है, वह जनता के सवालों का स्वागत करती है, न कि डरकर राजधानी को किले में बदल देती है।

‘लाठी नहीं, जवाब चाहिए’

अपने पोस्ट में थरूर ने आगे कहा कि सरकार को लाठी नहीं, जवाब देने चाहिए…दमन नहीं, अभिव्यक्ति की आजादी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बैरिकेड्स लगाने से चुनाव आयोग पर से जनता का भरोसा वापस नहीं आएगा। सरकार जितनी जल्दी जनता के सवालों के जवाब देगी, उतनी ही जल्दी शहर में शांति लौटेगी। 

महिला सुरक्षा के समय पुलिस की क्यों नहीं दिखाती फुर्ती- थरूर

एक्स पर लंबे पोस्ट में पाबंदियों को सबसे दमनकारी बताते हुए थरूर ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के दिल में इंटरनेट तक निलंबित कर दिया गया है। लोगों की आवाजाही की स्वतंत्रता पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

थरूर ने आगे कहा कि जंतर-मंतर को इसीलिए तय किया गया था कि नागरिक दिल्ली के केंद्र में अपनी असहमति जता सकें, लेकिन आज वहां जाने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजधानी की महिलाओं को सुरक्षा की जरूरत होती है, तब यह भारी पुलिस बल और फुर्ती कहां गायब हो जाती है?

यह अघोषित इमरजेंसी है- थरूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए और एक नया शब्द गढ़ते हुए थरूर ने तंज कसा कि जिन्हें हिरासत में लिया गया है, उन्हें रिहा करना ही होगा। और अगर प्रदर्शनकारी सोमवार को फिर लौट आए, तो क्या अधिकारी पूरी राजधानी को फिर से लॉक कर देंगे? हमारी ‘जेन-जी’ पीढ़ी अघोषित ‘इमरजेंसी’ से कहीं बेहतर की हकदार है।

दिल्ली की मौजूदा स्थिति पर बयां किया दर्द

इतना ही नहीं पोस्ट में देर रात राजधानी लौटने के अपने अनुभव को साझा करते हुए थरूर ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में ऐसा खौफनाक मंजर शायद ही कभी देखा हो। हर कुछ सौ मीटर पर पुलिस चौकियां, सड़कों पर कंक्रीट के बैरिकेड्स और नुकीले कांटे बिछाए गए हैं। अपने पोस्ट में थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि शहर भर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 22000 जवानों को युद्ध की तरह तैनात किया गया है।

संबंधित खबरें
Follow @mntnewsbharat