राम जनक यादव | शंकरपुर(हर्रैया), बस्ती16 घंटे पहले
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मत्स्य पालन परिक्षेत्र 10 साल से बदहाल।
विक्रमजोत के शंकरपुर में मत्स्य विभाग ने एक राजकीय मिश्रित मत्स्य पालन परिक्षेत्र बनाया था। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय मछली पालकों को कम दाम पर मछली बीज उपलब्ध कराना था।
शुरुआत में यहां सुपरवाइजर और चौकीदार समेत पूरा स्टाफ तैनात था। मछली पालकों को समय पर बीज मिल जाता था। लेकिन, ग्रामीणों के मुताबिक पिछले करीब दस साल से यहां कोई स्टाफ नहीं है।
देखरेख न होने से सरकारी आवास पूरी तरह टूट गए हैं। तालाब में पानी भरने वाला सरकारी इंजन भी लावारिस पड़ा जंग खा रहा है। विभाग की लापरवाही से तालाब भी बेकार हो गया है।
इसका सीधा असर इलाके के मछली पालकों पर पड़ रहा है। मछली बीज के लिए उन्हें बस्ती जिला मुख्यालय और दूसरे जिलों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ गई है।
क्षेत्रीय मछली पालकों ने जिलाधिकारी और मत्स्य विभाग के उप निदेशक से जांच, स्टाफ तैनाती और मरम्मत की मांग की है। साथ ही, मछली पालकों को यहीं बीज उपलब्ध कराने को भी कहा है।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026























