आपदा जोखिम कम करने के लिए समुदाय की भागीदारी जरूरी-आपदा विशेषज्ञ
श्रावस्ती। आज अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत (MY BHARAT) के माध्यम से इकौना के महामाया राजकीय डिग्री कालेज मे एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्रों एवं शिक्षकों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्राचार्य डॉ धर्मेंद्र कुमार एवं संचालन डॉ आशुतोष मिश्र ने किया।
इस अवसर पर आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने छात्रों को बताया कि- आपदाओं पर मनुष्य का कोई नियंत्रण नही है लेकिन हम सभी आपदाओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। आपदाओं के प्रति जानकारी से हम आपदाओं का सामना करने में सक्षम हो सकते हैं। एक जागरूक समुदाय आपदाओं से निपटने मे सक्षम हो सकता है। जाने अनजाने में हमारे कृत्यों से भी आपदाओं को आमंत्रण मिलता है नदियों का मार्ग अवरुद्ध करना, अवैध खनन, वृक्षों को काटना, प्रदूषण फैलाना आदि वह कारण हैं जिनसे आपदाओं को आमंत्रण मिलता है। हम अगर इनसे बचेंगे तो आपदा जोखिम भी कम हो जायेगा इसलिए हमें प्रकृति का संरक्षण करने का भी प्रयास करना चाहिए।
छात्रों को अग्निकांड के प्रति जागरूक करते हुए अग्निशमन कर्मी अरविन्द सिंह यादव ने छात्रों को बताया कि आग एक रसायनिक प्रक्रिया है जिसमें ज्वलनशील पदार्थ आक्सीजन की उपस्थिति मे उष्मा देती है अगर कहीं आग लग जाती है तो किसी एक कंपोनेंट को अलग कर देंगे तो बुझ जाती है। हमें उन स्थानों पर जहां आग जलती है वहां अग्निशमन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। छात्रों को आग के प्रकार और उससे बचाव की जानकारी रखनी चाहिए।
इस अवसर पर डॉ श्याम नरायण वर्मा, डॉ उपेंद्र सोनी, डॉ शिवप्रताप राय, डॉ सत्यप्रकाश वर्मा, श्रवण कुमार शर्मा, अमरेश, गोलू शर्मा समेत सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।






















