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नांदेकुआं के पांच दोस्त बने यूपी पुलिस कांस्टेबल:बचपन के दोस्त, एक साथ की थी तैयारी; कुछ का दिल्ली पुलिस और लेखपाल में भी चयन

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नांदेकुआं के पांच दोस्त बने यूपी पुलिस कांस्टेबल:बचपन के दोस्त, एक साथ की थी तैयारी; कुछ का दिल्ली पुलिस और लेखपाल में भी चयन

बस्ती के दुबौलिया ब्लॉक के नांदेकुआं गांव के पांच बचपन के दोस्तों का उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर चयन हुआ है। एक ही गांव के पांच युवाओं की इस सफलता से उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। माता-पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। खास बात यह है कि पांचों दोस्तों ने सरकारी नौकरी की तैयारी के दौरान एक-दूसरे का साथ दिया और मुश्किलों के बावजूद पढ़ाई जारी रखी।
पांच दोस्तों का कांस्टेबल पद पर चयन
चयनित युवाओं में कृष्ण कुमार के बेटे अंकेश सत्यम दूबे और आदर्श द्विवेदी, श्रीकांत के बेटे दीपक दूबे, महात्मा प्रसाद के बेटे आदित्यनाथ दूबे उर्फ उत्कर्ष और शिव प्रसाद के बेटे रोहित प्रजापति शामिल हैं। पांचों ने अलग-अलग विद्यालयों से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद सरकारी नौकरी पाने के लिए तैयारी शुरू की थी।
नौकरी करते हुए की तैयारी, दोस्तों की भी मदद की
अंकेश सत्यम दूबे ने बताया कि वह गांव के पास स्थित एक निजी विद्यालय में शिक्षक की नौकरी करते थे। इससे मिलने वाले वेतन से अपनी तैयारी का खर्च उठाते थे। जरूरत पड़ने पर दोस्तों की भी मदद करते थे।
वहीं, आदर्श द्विवेदी घर पर रहकर परीक्षा की तैयारी करते थे। पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए वह शाम को बच्चों को कोचिंग पढ़ाते थे। आदर्श का इससे पहले लेखपाल पद पर भी चयन हो चुका है।
शाम को साथ बैठकर करते थे पढ़ाई
रोहित प्रजापति ने बताया कि पांचों दोस्त शाम को एक साथ बैठकर मोबाइल की मदद से पढ़ाई करते थे। इस दौरान वे एक-दूसरे के सवालों को समझते, तैयारी में सहयोग करते और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। रोहित का इससे पहले दिल्ली पुलिस में भी चयन हो चुका है।
वहीं, आदित्यनाथ दूबे उर्फ उत्कर्ष का चयन एसएससी जीडी में भी हुआ है। आदित्यनाथ ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया।
गांव में खुशी का माहौल
पांचों दोस्तों की इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता की चर्चा हो रही है। साथ मिलकर तैयारी करने वाले इन मित्रों ने मेहनत, आपसी सहयोग और लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता हासिल कर गांव का नाम रोशन किया है।

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