
बलरामपुर। मुंबई से अपने घर नेवलगढ़ लौट रही 27 वर्षीय नीतू थारू की मुंबई-लखनऊ एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह अपने पति रामनरेश और भाई हरिशंकर के साथ सफर कर रही थीं। जानकारी के अनुसार, नीतू मुंबई-लखनऊ एक्सप्रेस के एस-3 कोच की सीट संख्या 67 पर यात्रा कर रही थीं। कासगंज और फर्रुखाबाद के बीच उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वह बेहोश हो गईं। ट्रेन के फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंचने पर उनके भाई हरिशंकर ने तत्काल आरपीएफ को सूचना दी और मदद मांगी। आरपीएफ सिपाही सुनील कुमार की सहायता से परिजन नीतू को तुरंत डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सक डॉ. ऋषिकांत वर्मा ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके पैतृक गांव नेवलगढ़ ले जाया जा रहा है। मृतका के जेठ प्रेमलाल (बीडीसी) ने बताया कि रामनरेश और नीतू पिछले दो वर्षों से मुंबई में सिलाई का काम करते थे। दोनों की शादी लगभग आठ वर्ष पूर्व हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं थी। नीतू की मां गंगा जमुनी, जो जोगिहवा की निवासी हैं, ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी। टिकट न मिलने के कारण वह उस समय घर नहीं आ सकी थी। 29 अगस्त को टिकट मिलने के बाद वह मुंबई से घर के लिए रवाना हुई थीं, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। नीतू की अचानक मौत की खबर से परिवार में गहरा शोक छा गया है।






























