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मनौरी में बारूद के ढेर पर बसा था मौत का कारखाना, भीषण धमाके में आठ की मौत

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कौशाम्बी। जिले में सोमवार की दोपहर मनौरी में अचानक मौत का तांडव शुरू हो गया। एयरफोर्स स्टेशन के बेहद करीब एक मकान में संचालित पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ तो पूरा इलाका धमाकों से दहल उठा। एक के बाद एक हुए विस्फोटों से फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई। आसपास के करीब पांच मकान भी इसकी चपेट में आकर ढह गए। हादसे में आठ लोगों की मौत की सूचना है, जबकि एक दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। मलबे में कई और लोगों के दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। दोपहर में फैक्ट्री के भीतर अचानक तेज धमाका हुआ। इसके बाद पटाखों में आग लगने से लगातार विस्फोट होते रहे। धमाकों की गूंज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही देर में फैक्ट्री से उठता धुएं का काला गुबार पूरे इलाके में फैल गया। धमाकों की आवाज सुनकर मनौरी बाजार में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। एक धमाके ने कई घरों की छत छीन ली विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पटाखा फैक्ट्री का भवन देखते ही देखते मलबे में बदल गया। आसपास के करीब पांच मकानों के भी क्षतिग्रस्त होकर गिरने की सूचना है। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल से काफी दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी। फैक्ट्री के आसपास का इलाका धुएं और मलबे से पट गया। मलबे के नीचे मजदूरों और अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल लगातार तलाश अभियान चला रहा है। भारी मलबा हटाने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है। रिहायशी इलाके के करीब चल रहा था पटाखों का कारोबार स्थानीय लोगों के मुताबिक पटाखा फैक्ट्री रिहायशी बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में संचालित हो रही थी। घटनास्थल से कुछ दूरी पर एयरफोर्स स्टेशन भी स्थित है। ऐसे संवेदनशील इलाके में पटाखों के निर्माण और भंडारण को लेकर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फैक्ट्री के पास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे या नहीं, विस्फोटक सामग्री के निर्माण और भंडारण की अनुमति थी या नहीं और अग्निसुरक्षा के मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच हादसे के बाद बेहद अहम हो गई है। धमाकों के बीच बचाव में जुटे ग्रामीण विस्फोट के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। अपनों की तलाश में लोग मलबे के आसपास दौड़ते नजर आए। कई ग्रामीणों ने पुलिस और राहत दल के पहुंचने से पहले ही घायलों को बाहर निकालने में मदद की। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को स्थानीय लोगों ने चारपाई पर लिटाया और उन्हें इलाज के लिए प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की ओर रवाना किया। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल पहुंचने के बाद उनका उपचार शुरू कराया गया। पिपरी-चरवा पुलिस और एयरफोर्स की दमकल ने संभाला मोर्चा हादसे की सूचना मिलते ही पिपरी और चरवा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए एयरफोर्स की अग्निशमन टीम की कई गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। लगातार धमाकों के कारण बचाव अभियान में भी चुनौती सामने आई। पुलिस और बचाव दल की टीमें मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं। प्रशासन की निगरानी में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। हादसे ने खोल दी सुरक्षा व्यवस्था की पोल मनौरी की इस घटना ने पटाखा निर्माण और भंडारण की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रिहायशी क्षेत्र के नजदीक पटाखा फैक्ट्री का संचालन, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण और एयरफोर्स स्टेशन के करीब ऐसी गतिविधि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किसकी अनुमति और किस सुरक्षा व्यवस्था के भरोसे यहां पटाखों का निर्माण किया जा रहा था? जांच के बाद ही हादसे की असली वजह और जिम्मेदार लोगों की तस्वीर साफ होगी।

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