
रायबरेली एआरटीओ कार्यालय से निकाले गये कुछ पीड़ित युवा पहुंचे मुख्यमंत्री के जनता दरबार पूर्व में भी अलग-अलग समय पर दो बार ऐसे ही कुछ युवा पहुंचे थे जनता दरबार, की थी गुहार योगी ने पढ़ा युवाओं का शिकायती लेटर, परिवहन विभाग पर बिफरे, कई उच्चाधिकारी तलब जनता दरबार से निकलते ही परिवहन आयुक्त कार्यालय से संबंधित युवाओं के पास पहुंचा कॉल दोपहर तक टीसी आॅफिस पर रही गहमागहमी, मुख्यालय की टीम एफआइआर कराने संग गई इससे पहले भी बरेली में पीड़ित युवाओं ने दर्ज करायी थी एफआइआर, अभी तक चल रही जांच लखनऊ। विगत दो माह के अंतराल पर क्रमवार तीसरी बार जब परिवहन विभाग के एक ही विंग से जुड़े भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला सोमवार को सीएम के जनता दरबार पहुंचा…तो स्वयं सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ भी कुछ देर के लिये हैरान रह गये। विश्वस्त सूत्रों की माने तो इस दौरान उन्होंने उन पीड़ित युवाओं से उनका शिकायत लेटर लिया और बकायदा कुछ समय के लिये उसको पढ़ा और समझा और फिर जाना कि ये मामला तो पहले भी उनके समक्ष जनता दरबार में आ चुका है। इसके बाद तो उन्होंने वहीं पर परिवहन विभाग द्वारा इस प्रकरण पर ढुलमुल रवैये को लेकर काफी नाराजगी जाहिर की और फिर बाद में कई उच्चाधिकारियों को भी तलब किया गया। शासन की गतिविधियों से जुड़े जानकारों की माने तो पहले तो मौके पर सीएम के सचिव वहां मौजूद रहे जब योगी ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर फटकार लगायी और उसके बाद वहां से सीधे परिवहन आयुक्त कार्यालय को निर्देशित किया गया कि इस गंभीर प्रकरण को लेकर त्वरित कार्रवाई की जाये। वैसे रायबरेली एआरटीओ कार्यालय में बीते दिसंबर में डाटा इंटी ऑपरेटर डीईओ पद पर कार्यरत रहे और फिर मार्च में बिना किसी कारण के युवक को कंपनी के कामकाज से बाहर का रास्ता दिखा दियाग या, इसको लेकर सोमवार को संबंधित कुछ जेन जी आयु वर्ग वाले युवाओं का समूह पहले सीएम जनता दरबार पहुंचा और फिर उसके बाद परिवहन विभाग मुख्यालय पर संबंधित आला अफसरों संग वाद संवाद होता रहा। पीड़ित युवाओं का कहना रहा कि एक तो उन्हें बिना किसी कारण के गुजरात के अहमदाबाद बेस्ड सिल्वर टच कंपनी ने बाहर निकाल दिया और दूसरे कुछ अनियमित वित्तीय लेन देन को लेकर भी आरोप लगाया है। देर शाम खबर लिखे जाने तक लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के वजीरगंज थाने पर पीड़ित युवा परिवहन विभाग मुख्यालय के कुछ संबंधित अफसरों व बाबू संग एफआइआर दर्ज कराने पहुंचे थे, जिसके तहत तब तक तहरीर दे दी गयी थी और जीरो एफआइआर की प्रक्रिया चल रही थी जिसके दर्ज होने के बाद संबंधित थाना क्षेत्र को अलग अलग मामले स्थानांतरित कर दिये जायेंगे। बता दें कि इससे कुछ दिनों पूर्व ही एक पीड़ित युवा ने बरेली थाना क्षेत्र में परिवहन विभाग की एक सेवानिवृत्त महिला अधिकारी आईटी विंग, मुख्यालय पर कार्यरत एक सुपरवाइजर समेत कुछ संबंधित लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी थी जिसके बाद पुलिस जांच अभी भी चल रही, हालांकि इसके बाद परिवहन विभाग उक्त मामले में क्या विभागीय एक्शन ले रहा, या लेने की प्रक्रिया में है इसका साफ तौर पर पता नहीं चल सका। क्या बोले परिवहन आयुक्त…!प्रदेश में हमारा परिवहन विभाग एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत कार्यरत है, इसके किसी भी जनसुविधा या अन्य सेवाओं से जुडेÞ किसी भी युवा आदि को लेकर यदि कोई भी अनियमितता पायी जायेगी तो ठोस जांच पड़ताल के बाद संबंधित के खिलाफ अपनी विभागीय सीमाओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी। जो युवा सीएम जनता दरबार गये थे, उनकी बातों को सुना गया है और हरसंभव समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा।
























