
बलरामपुर के उतरौला थाना क्षेत्र के पीरगैंड़ास गांव में सोमवार को एक दंपती अपने कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले। दोनों के शव अंदर से बंद कमरे में बिस्तर पर पड़े मिले। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, एएसपी और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान मनोज कुमार (28) और उनकी पत्नी मंजू (26) के रूप में हुई है। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं। अचानक माता-पिता की मौत से बच्चों और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार, पति-पत्नी अपने कमरे में थे और दरवाजा अंदर से बंद था। परिवार के लोगों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अनहोनी की आशंका होने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। कमरा खुलने के बाद दोनों बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। इसके बाद परिजन आनन-फानन में दोनों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पति जुलाई में ही नौकरी से लौटा था परिवार के मुताबिक, मनोज कुमार बाहर रहकर नौकरी करते थे और जुलाई में ही घर लौटे थे। घटना से पहले दोनों पति-पत्नी कमरे में साथ थे। मौत की वजह को लेकर फिलहाल परिवार के लोग भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, लेकिन पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विशाल पांडे ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला से पुलिस को सूचना मिली थी कि पीरगैंड़ास गांव से दो लोगों को उनके परिजन अस्पताल लेकर आए हैं, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एएसपी समेत पुलिस अधिकारियों और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि अभी घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। सुसाइड वीडियो की पुष्टि नहीं घटना के बाद सुसाइड वीडियो की चर्चा को लेकर भी सवाल उठे। इस संबंध में एएसपी विशाल पांडे ने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई सुसाइड वीडियो सामने नहीं आया है। पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने घटना की तह तक पहुंचने के लिए एक विशेष टीम गठित की है। टीम दंपती के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण करेगी। इसके साथ ही परिजनों से भी गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों और संभावित कारणों की जानकारी मिल सके। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले दंपती की किसी से बातचीत हुई थी या नहीं और उनके मोबाइल फोन में ऐसी कोई जानकारी मौजूद है या नहीं, जो मौत की वजह तक पहुंचने में मदद कर सके। उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का किया निरीक्षण मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। फील्ड यूनिट ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। पुलिस ने कमरे और आसपास की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। मनोज और मंजू की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। दोनों के दो छोटे बच्चे हैं, जो अब माता-पिता के बिना रह गए हैं। घर में जहां सामान्य दिनों की तरह परिवार चल रहा था, वहीं अचानक हुई इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। परिजन समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी, जिसमें दोनों की जान चली गई। वहीं ग्रामीण भी घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस को जांच पूरी होने का इंतजार एएसपी विशाल पांडे ने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अभी तक मौत के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है और परिजन भी कोई ठोस जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण, परिजनों से पूछताछ, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को एक साथ जोड़कर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद घटना के वास्तविक कारण सामने लाए जाएंगे।





























