
बलरामपुर के उतरौला में निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों के कथित शोषण का मामला सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश ने हाल ही में नगर के फातिमा अस्पताल की जांच की, जहां कथित बाल रोग विशेषज्ञ सहित कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। जांच के दौरान, अस्पताल का संचालन चार अप्रशिक्षित स्थानीय लड़के करते पाए गए। डॉ. प्रकाश ने बताया कि एक गंभीर अवस्था में बच्चे को अस्पताल से निकाले जाने की खबर वायरल होने के बाद यह जांच की गई थी। अस्पताल प्रबंधन बच्चे से संबंधित कोई भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सका। इस दौरान, एक ही लाइसेंस पर दो नर्सिंग होम के संचालन का मामला भी सामने आया, जिसकी जांच अधिकारी ने उचित नहीं समझी। निजी अस्पतालों में मरीजों का शोषण विभिन्न तरीकों से किया जाता है। इनमें महंगी रक्त जांच, प्रिंट रेट पर उच्च कमीशन वाली दवाएं बेचना और कभी-कभी डॉक्टरों की मर्जी के अनुसार पैथोलॉजी रिपोर्ट तैयार करना शामिल है, ताकि इलाज के नाम पर अधिक वसूली की जा सके। अक्सर, बड़े नामचीन चिकित्सकों की उपलब्धता का दावा किया जाता है, लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान उनकी उपस्थिति नगण्य पाई जाती है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश ने इस स्थिति पर उच्च स्तर पर लगाम लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ, डेंटल हाइजिनिस्ट और नेत्र सहायक सहित अन्य चिकित्सक उपलब्ध हैं। सीएचसी में डिजिटल एक्स-रे, रक्त जांच की सुविधा और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर बाजार मूल्य से काफी सस्ती दवाएं भी उपलब्ध हैं। यहां प्री-डिलीवरी से लेकर पोस्ट-डिलीवरी तक की सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। डॉ. प्रकाश ने मरीजों से ऐसे निजी अस्पतालों में धन और समय बर्बाद करने से बचने की अपील की, क्योंकि निजी अस्पतालों के खिलाफ शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
Home लेटेस्ट न्यूज़ बलरामपुर में निजी अस्पतालों में मरीजों का शोषण:जांच में डॉक्टर नदारद, अप्रशिक्षित...





























