सिद्धार्थनगर के खुनियांव में दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित एक दिवसीय कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण मापन शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया। खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सभागार में लगे शिविर में खुनियांव, डुमरियागंज, इटवा और भनवापुर ब्लॉक से पहुंचे 150 दिव्यांग बच्चों का पंजीकरण और परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों की जांच के बाद 130 बच्चों को उनकी जरूरत के मुताबिक उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया। चार ब्लॉकों से पहुंचे बच्चे राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में समग्र शिक्षा सिद्धार्थनगर एवं बेसिक शिक्षा विभाग ने शिविर आयोजित किया। एलिम्को कानपुर ने तकनीकी सहयोग दिया। कार्यक्रम का आयोजन जिला समन्वयक समेकित शिक्षा करुणापति त्रिपाठी ने किया। बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी शिविर में पहुंचे। विशेषज्ञ टीम ने किया तकनीकी परीक्षण एलिम्को कानपुर की टीम ने बच्चों की शारीरिक जरूरतों का गहन परीक्षण और तकनीकी मापन किया। कृत्रिम अंग विशेषज्ञ अमर बहादुर और फैसल करीम, ऑडियोलॉजिस्ट बाल गोपाल चौधरी, टेक्नीशियन गौरव तिवारी और डाटा मैनेजर आकाश सैनी ने बच्चों की जांच की। फिजियोथैरेपिस्ट खुर्शीद आलम और विशेष शिक्षकों ने भी सहयोग किया। 130 बच्चों के लिए उपकरण तय परीक्षण के बाद 130 बच्चों को विभिन्न सहायक उपकरणों के लिए पात्रता के आधार पर चिन्हित किया गया। इनमें ब्रेल किट, सीपी चेयर, एमआर टीएलएम किट, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, हियरिंग ऐड, बैसाखी और कैलीपर शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार उपकरण बच्चों की व्यक्तिगत जरूरत के हिसाब से उपलब्ध कराए जाएंगे। नवंबर में विशेष कैंप लगाकर वितरण अधिकारियों ने बताया कि मापन के बाद चिन्हित बच्चों को उपकरण देने के लिए नवंबर में विशेष वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई, दैनिक गतिविधियों और आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। अभिभावकों ने शिविर की पहल को उपयोगी बताया। विशेष शिक्षकों ने संभाली व्यवस्थाएं शिविर को सफल बनाने में गणेश गौण, अर्जुन वर्मा, अंजनी सिंह, रितेश वर्मा, सुरेंद्र कुमार, पंकज, फूलचंद, गंगाराम, वीरेंद्र, इंद्रजीत, शिवम शुक्ल, अंशिका श्रीवास्तव, महेंद्र मौर्य, राम कुमार, सदानंद, रामनाथ शर्मा, अवनीश त्रिपाठी, सतीश चंद्र, राकेश चौधरी, राघवेंद्र मिश्रा, सर्वेश, सुनील सागर और आशीष कुमार सहित अन्य विशेष शिक्षकों ने सहयोग किया। अभिभावकों में दिखी उम्मीद कार्यक्रम में ‘एक कदम और फाउंडेशन’ के ग्लोबल प्रोग्राम मैनेजर अनुप दुबे भी मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने बच्चों की जरूरत के अनुसार मापन किया, जबकि अभिभावकों ने आवश्यक जानकारी हासिल की। शिविर में बच्चों की सक्रिय भागीदारी रही। उपकरण मिलने के बाद दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और रोजमर्रा की गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सिद्धार्थनगर में 150 दिव्यांग बच्चों का मापन:130 को मिलेंगे सहायक उपकरण; नवंबर में होगा वितरण
सिद्धार्थनगर के खुनियांव में दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित एक दिवसीय कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण मापन शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया। खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सभागार में लगे शिविर में खुनियांव, डुमरियागंज, इटवा और भनवापुर ब्लॉक से पहुंचे 150 दिव्यांग बच्चों का पंजीकरण और परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों की जांच के बाद 130 बच्चों को उनकी जरूरत के मुताबिक उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया। चार ब्लॉकों से पहुंचे बच्चे राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में समग्र शिक्षा सिद्धार्थनगर एवं बेसिक शिक्षा विभाग ने शिविर आयोजित किया। एलिम्को कानपुर ने तकनीकी सहयोग दिया। कार्यक्रम का आयोजन जिला समन्वयक समेकित शिक्षा करुणापति त्रिपाठी ने किया। बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी शिविर में पहुंचे। विशेषज्ञ टीम ने किया तकनीकी परीक्षण एलिम्को कानपुर की टीम ने बच्चों की शारीरिक जरूरतों का गहन परीक्षण और तकनीकी मापन किया। कृत्रिम अंग विशेषज्ञ अमर बहादुर और फैसल करीम, ऑडियोलॉजिस्ट बाल गोपाल चौधरी, टेक्नीशियन गौरव तिवारी और डाटा मैनेजर आकाश सैनी ने बच्चों की जांच की। फिजियोथैरेपिस्ट खुर्शीद आलम और विशेष शिक्षकों ने भी सहयोग किया। 130 बच्चों के लिए उपकरण तय परीक्षण के बाद 130 बच्चों को विभिन्न सहायक उपकरणों के लिए पात्रता के आधार पर चिन्हित किया गया। इनमें ब्रेल किट, सीपी चेयर, एमआर टीएलएम किट, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, हियरिंग ऐड, बैसाखी और कैलीपर शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार उपकरण बच्चों की व्यक्तिगत जरूरत के हिसाब से उपलब्ध कराए जाएंगे। नवंबर में विशेष कैंप लगाकर वितरण अधिकारियों ने बताया कि मापन के बाद चिन्हित बच्चों को उपकरण देने के लिए नवंबर में विशेष वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई, दैनिक गतिविधियों और आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। अभिभावकों ने शिविर की पहल को उपयोगी बताया। विशेष शिक्षकों ने संभाली व्यवस्थाएं शिविर को सफल बनाने में गणेश गौण, अर्जुन वर्मा, अंजनी सिंह, रितेश वर्मा, सुरेंद्र कुमार, पंकज, फूलचंद, गंगाराम, वीरेंद्र, इंद्रजीत, शिवम शुक्ल, अंशिका श्रीवास्तव, महेंद्र मौर्य, राम कुमार, सदानंद, रामनाथ शर्मा, अवनीश त्रिपाठी, सतीश चंद्र, राकेश चौधरी, राघवेंद्र मिश्रा, सर्वेश, सुनील सागर और आशीष कुमार सहित अन्य विशेष शिक्षकों ने सहयोग किया। अभिभावकों में दिखी उम्मीद कार्यक्रम में ‘एक कदम और फाउंडेशन’ के ग्लोबल प्रोग्राम मैनेजर अनुप दुबे भी मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने बच्चों की जरूरत के अनुसार मापन किया, जबकि अभिभावकों ने आवश्यक जानकारी हासिल की। शिविर में बच्चों की सक्रिय भागीदारी रही। उपकरण मिलने के बाद दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और रोजमर्रा की गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।






























