थाना सिद्धार्थनगर के महनगा गांव में सुनीता (30) ने 22 अगस्त को अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के नौ दिन बाद, उनके पिता रमेसर की शिकायत पर पुलिस ने पति सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुनीता के पिता रमेसर ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की शादी साल 2016 में महनगा गांव निवासी रामरतन पुत्र ज्ञानदास से हुई थी। उनका गौना 22 अप्रैल 2020 को हुआ था। पिता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही सुनीता को पति रामरतन, सास और ससुर द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। ससुराल वाले उसे गरीबी को लेकर ताने देते थे और उसकी जरूरतों का सामान मांगने पर मना कर देते थे। पिता के अनुसार, सुनीता इस प्रताड़ना से परेशान रहती थी और इसकी जानकारी अपने मायके वालों को भी देती थी। तहरीर में बताया गया है कि 21 अगस्त को पंचमी का त्योहार था, जिसके लिए सुनीता अपने ससुराल महनगा गई थी। रक्षाबंधन पर मायके आने के लिए उसने पति, सास और ससुर से विदा मांगी, लेकिन आरोप है कि ससुराल वालों ने उसे अपमानित कर वापस भेज दिया। इसके अगले दिन, 22 अगस्त को सुनीता ने महनगा स्थित अपने ससुराल में फांसी लगा ली। परिजनों को घटना की जानकारी सुबह करीब 7 बजे मिली, जिसके बाद पुलिस ने पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की। बेटी की मौत के बाद, पिता रमेसर ने पुलिस को तहरीर देकर ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनकी शिकायत पर 31 अगस्त को थाना सिद्धार्थनगर में सुनीता के पति रामरतन, ससुर ज्ञानदास और सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
महिला ने ससुराल में फांसी लगाई:सिद्धार्थनगर में पति समेत 3 पर केस, त्योहार पर नहीं जाने दिया था मायके
थाना सिद्धार्थनगर के महनगा गांव में सुनीता (30) ने 22 अगस्त को अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के नौ दिन बाद, उनके पिता रमेसर की शिकायत पर पुलिस ने पति सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुनीता के पिता रमेसर ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की शादी साल 2016 में महनगा गांव निवासी रामरतन पुत्र ज्ञानदास से हुई थी। उनका गौना 22 अप्रैल 2020 को हुआ था। पिता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही सुनीता को पति रामरतन, सास और ससुर द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। ससुराल वाले उसे गरीबी को लेकर ताने देते थे और उसकी जरूरतों का सामान मांगने पर मना कर देते थे। पिता के अनुसार, सुनीता इस प्रताड़ना से परेशान रहती थी और इसकी जानकारी अपने मायके वालों को भी देती थी। तहरीर में बताया गया है कि 21 अगस्त को पंचमी का त्योहार था, जिसके लिए सुनीता अपने ससुराल महनगा गई थी। रक्षाबंधन पर मायके आने के लिए उसने पति, सास और ससुर से विदा मांगी, लेकिन आरोप है कि ससुराल वालों ने उसे अपमानित कर वापस भेज दिया। इसके अगले दिन, 22 अगस्त को सुनीता ने महनगा स्थित अपने ससुराल में फांसी लगा ली। परिजनों को घटना की जानकारी सुबह करीब 7 बजे मिली, जिसके बाद पुलिस ने पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की। बेटी की मौत के बाद, पिता रमेसर ने पुलिस को तहरीर देकर ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनकी शिकायत पर 31 अगस्त को थाना सिद्धार्थनगर में सुनीता के पति रामरतन, ससुर ज्ञानदास और सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।






























