
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर गांव में इस बार काफी उत्साह है। इस मौके पर गांव के लगभग हर घर में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की सुंदर झांकियां सजाई गई हैं। बच्चे और बड़े सभी लोग जन्माष्टमी की तैयारियों में लगे हैं। घरों में छोटे कृष्ण कन्हैया और राधा जी की मूर्तियों को सजाकर झूले पर रखा गया है। कई घरों में रंग-बिरंगी झालरों, फूलों, गुब्बारों और सजावटी सामान से पूजा की जगह को सजाया गया है। कहीं नन्हे कृष्ण को माखन की मटकी के साथ सजाया गया है, तो कहीं राधा-कृष्ण की सुंदर झांकी बनाई गई है। बच्चों में इस त्योहार को लेकर बहुत उत्साह है। छोटे बच्चे कृष्ण कन्हैया की पोशाक पहनकर मुरली, मुकुट और मोरपंख के साथ अपनी सुंदर छवि दिखा रहे हैं। कई घरों में बच्चों को कान्हा के रूप में सजाकर परिवार के लोगों ने उनकी पूजा भी की। गांव की गलियों में भी जन्माष्टमी की सजावट दिख रही है। शाम होते ही घरों में रोशनी से पूरा गांव भक्ति में डूबा नजर आया। महिलाओं ने घरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। पूजा के लिए माखन-मिश्री, पंजीरी, फल, मिठाई और दूसरे प्रसाद बनाए जा रहे हैं। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विधि-विधान से पूजा कर प्रसाद बांटा जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि जन्माष्टमी सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं है। यह गांव में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का मौका भी है। हर साल की तरह इस बार भी लोगों ने अपने घरों में भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर झांकियां सजाकर अपनी श्रद्धा दिखाई है। घरों में सजाए गए नन्हे कृष्ण-कन्हैया और राधा रानी की सुंदर मूर्तियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
































