
नौतनवा कस्बे में खनुआ तिराहा के पास तहसील रोड पर एक सरकारी डॉक्टर अपना निजी अस्पताल चला रहा था। यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है। जिलाधिकारी (डीएम) ने शनिवार को कहा कि जांच में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनन्या अस्पताल से जुड़े पैथोलॉजी और मेडिकल स्टोर का रजिस्ट्रेशन नहीं था। साथ ही, यहां इलाज के दौरान एक मरीज की मौत भी हो गई थी। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया है। नौतनवा में तहसील दिवस के दौरान डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी डॉक्टर का निजी अस्पताल चलाना बिल्कुल गलत है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अस्पताल से जुड़े सभी मामलों की बिंदुवार जांच कराकर कार्रवाई करें और रिपोर्ट पेश करें। अगर जांच टीम की तरफ से कोई लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी पर भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम के सख्त रुख के बाद अब अस्पताल और सरकारी डॉक्टर अमित चौधरी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शुक्रवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जांच की थी। इसमें पैथोलॉजी और मेडिकल स्टोर का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला था। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने शनिवार को भी इन सेंटरों का संचालन जारी रखा।
































