श्रावस्ती में लगातार तीन दिनों से हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार दोपहर तक किसानों के मुताबिक, खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं के कारण हजारों बीघा धान की फसल प्रभावित हुई है। कई निचले इलाकों में पकी और बालियां निकल चुकी धान की फसल जमीन पर गिर गई है। हालांकि, जिन खेतों में धान की फसल अभी बालियां निकलने की स्थिति में नहीं पहुंची है और जहां पानी का भराव कम है, वहां किसान बारिश को फायदेमंद भी बता रहे हैं। ऐसे में इस बारिश का किसानों पर मिला-जुला असर पड़ा है। पकी फसल में दाना कम होने की आशंका शनिवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से कई निचले इलाकों में धान की फसल गिर गई। जिन खेतों में बालियां निकल चुकी थीं और दाना बनने की प्रक्रिया चल रही थी, वहां पानी भरने से किसानों को नुकसान की आशंका है। किसानों का कहना है कि खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहा तो धान की बालियों पर असर पड़ सकता है और दाना कम पड़ने की संभावना है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रविवार दोपहर 12 बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर रहा। इससे तटवर्ती इलाकों में संभावित बाढ़ को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि रविवार सुबह से बारिश थमने और कुछ इलाकों में हल्की धूप निकलने से किसानों को थोड़ी राहत मिली है। किसानों को उम्मीद है कि मौसम साफ रहा और खेतों से पानी जल्द निकल गया तो फसलों का नुकसान कुछ कम हो सकता है। पेड़ गिरने से भी बढ़ी परेशानी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हुआ है। किसान गोली, वसीम, निब्बर और सरोज समेत कई किसानों ने प्रशासन से फसलों का स्थलीय सर्वे कराने और वास्तविक नुकसान का आकलन करने की मांग की है। किसानों ने प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की भी मांग की है। ‘जरूरत के समय पानी नहीं मिला, अब ज्यादा बारिश से नुकसान’ किसान मोतीलाल यादव ने बताया कि लगातार बारिश से धान के साथ अरहर और मक्का की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यदि नुकसान के आधार पर मुआवजा मिलता है तो गरीब किसानों को राहत मिलेगी। वहीं रामनारायण ने कहा कि कई खेतों में धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। उन्होंने कहा कि जब फसल को बारिश की जरूरत थी, तब पर्याप्त पानी नहीं मिला और अब जरूरत से ज्यादा बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
श्रावस्ती में लगातार बारिश से फसलें प्रभावित:किसानों ने मांगा मुआवजा, राप्ती का जलस्तर बढ़ा, कई जगह पेड़ गिरे
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