नई दिल्ली। अगर बैंक से जुड़ा आपका कोई जरूरी काम बाकी है, तो उसे आज ही पूरा कर लेना बेहतर होगा। रविवार होने के बावजूद सरकारी बैंक आज खुले हैं। इसके बाद सोमवार से बुधवार तक बैंकिंग सेवाएं हड़ताल के चलते प्रभावित रह सकती हैं।
बैंक कर्मचारियों की ओर से सप्ताह में पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी की मांग को लेकर अगले तीन दिनों तक हड़ताल का ऐलान किया गया है। यूनियनों का कहना है कि जब तक सरकार पांच-डे वर्किंग लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
10 साल बाद रविवार को खुले बैंक
रविवार के दिन आम ग्राहकों के लिए सरकारी बैंकों का खुलना करीब 10 साल बाद हुआ है। इससे पहले नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान रविवार को भी बैंक खोले गए थे। उस समय पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने, जमा करने और नकदी निकालने के लिए बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगी थीं। भीड़ और ग्राहकों की जरूरत को देखते हुए सरकार ने रविवार को बैंक खोलने का फैसला लिया था।
ATM से कैश निकालने पर नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क
हड़ताल के दौरान SBI, PNB समेत सरकारी बैंकों के ATM से कैश निकालने वाले ग्राहकों को राहत मिल सकती है। मंथली फ्री लिमिट खत्म होने के बाद भी ATM से कैश निकालने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
RBI के नियमों के अनुसार, ग्राहक अपने बैंक के ATM से हर महीने पांच बार तक मुफ्त कैश निकासी कर सकते हैं। वहीं दूसरे बैंक के ATM से मेट्रो शहरों में तीन और गैर-मेट्रो शहरों में पांच मुफ्त ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलती है।
फ्री लिमिट पार होने के बाद ATM से प्रत्येक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये और GST का शुल्क लगता है। इसके अलावा ATM इस्तेमाल करने पर बैंक एक-दूसरे को इंटरचेंज फीस भी देते हैं। कैश निकासी के लिए यह शुल्क 19 रुपये और बैलेंस चेक करने के लिए 7 रुपये है।
हड़ताल वापस लेने की अपील ठुकराई
वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन की ओर से यूनियनों से हड़ताल वापस लेने की अपील की गई थी। हालांकि, बैंक यूनियनों ने इस अपील को स्वीकार नहीं किया।
हड़ताल में देश की सात प्रमुख बैंक यूनियनें शामिल होंगी। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं। इन संगठनों से बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी जुड़े हैं।
यूनियनों का कहना है कि पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी की व्यवस्था लागू करने की स्पष्ट तारीख तय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में बैंक ग्राहकों को अगले कुछ दिनों में शाखाओं में होने वाले जरूरी कामों के लिए वैकल्पिक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।















































