जेएनएन, रायपुर। अशोक नगर में शनिवार को मां-बेटे की मौत का मामला सामने आया। मृतकों की पहचान 52 वर्षीय जयजी देशमुख और उनके 25 वर्षीय बेटे हंसमुख देशमुख के रूप में हुई है। दोनों के शव घर के अंदर मिले। कमरा कई दिनों से बंद था।
मकान से तेज बदबू आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस को बेटे का शव बिस्तर पर और मां का शव जमीन पर औंधे मुंह मिले।
पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट और कीटनाशक की बोतल मिली। नोट में महिला ने बेटे की लंबी बीमारी से परेशान होकर अपनी मर्जी से उसके साथ जान देने की बात लिखी है।
पति की मौत के बाद अकेलेपन, बेटे के भविष्य और बीमारी की चिंता का भी जिक्र है। महिला ने अपने सोने-चांदी के जेवर किसी एनजीओ को देने की इच्छा जताई। नोट और मौत की परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद होगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मां-बेटे मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले थे और करीब चार वर्ष से अशोक नगर में किराये पर रह रहे थे।
हंसमुख को करीब दो वर्ष से पेट संबंधी बीमारी थी और अस्पताल में उपचार चल रहा था। मां उसकी देखभाल करती थी और उसे घर से बाहर नहीं जाने देती थी। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। मौत का कारण और समय का पता रिपोर्ट आने के बाद चलेगा।
