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वंदे भारत में पेश की ईमानदारी की मिसाल, सोने की अंगूठी लौटाने वाले यात्री को पूर्व रेलवे के पीसीसीएम ने सराहा

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जागरण संवाददाता, कोलकाता। कामाख्या- हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान मिली सोने की अंगूठी रेलवे के माध्यम से उसके वास्तविक मालिक को लौटाकर यात्री मनोज कुमार शर्मा ने ईमानदारी और नैतिकता की मिसाल पेश की है।

उनकी इस सराहनीय पहल के लिए पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक (पीसीसीएम) डा. उदय शंकर झा ने गुरुवार को कोलकाता स्थित अपने कार्यालय में बुलाकर उन्हें सम्मानित किया।

रेलवे प्रशासन ने अंगूठी के वास्तविक मालिक की पहचान कर उसे सुरक्षित वापस सौंपने की व्यवस्था की। घटना 26 अक्टूबर की है। ट्रेन संख्या 27576 कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस की यात्रा समाप्त होने के बाद मनोज कुमार शर्मा हावड़ा स्टेशन पर अपना सामान लेकर ट्रेन से उतरने की तैयारी कर रहे थे।

इसी दौरान उन्हें अपनी सीट के पास सोने की एक अंगूठी गिरी हुई मिली। उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने हावड़ा स्टेशन पर अंगूठी जमा कराने का प्रयास किया, लेकिन संबंधित अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने पूर्व रेलवे के विधि अधिकारी लाल साहेब सिंह को इसकी जानकारी दी।

पीसीसीएम ने बताया कि तत्पश्चात लाल साहेब सिंह की सूचना पर भारतीय रेलवे आरक्षण प्रणाली के माध्यम से संबंधित यात्री का नाम और मोबाइल नंबर प्राप्त किया गया। अंगूठी के वास्तविक मालिक की पहचान काजल चंद्र मोदक के रूप में हुई।

इसके बाद 29 अक्टूबर को काजल चंद्र मोदक को पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक के कार्यालय में बुलाया गया। वहां मनोज कुमार शर्मा की उपस्थिति में सोने की अंगूठी उन्हें सौंप दी गई।

इस अवसर पर पीसीसीएम डॉ. उदय शंकर झा ने मनोज कुमार शर्मा को सम्मानित किया। पीसीसीएम ने उनके इस कार्य की सराहना करते हुए इसे रेल यात्रा के दौरान ईमानदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का प्रेरक उदाहरण बताया गया।

33 केवी लाइन में फॉल्ट से जमुनहा की बिजली गुल:बारिश के बाद बाजार की दुकानें बंद, मुख्य मार्ग और चौराहे पर छाया अंधेरा

श्रावस्ती के जमुनहा में गुरुवार से मौसम बदला। शुक्रवार सुबह शुरू हुई हल्की बारिश दिनभर तेज बारिश में बदल गई। इसके बाद कस्बे में बिजली गुल हो गई और बाजार की दुकानें बंद रहीं। लगातार बारिश के चलते जमुनहा पावर हाउस की 33 केवी सप्लाई लाइन में फॉल्ट आ गया। इससे पूरे इलाके की बिजली बंद हो गई। बिजली न होने से कई दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ीं। शाम तक मुख्य मार्ग, चौराहे और पूरे कस्बे में अंधेरा छा गया। बाजार में कुछ जगह सोलर पैनल की रोशनी से उजाला था। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश से ठंड बढ़ गई है और बिजली न होने से परेशानी हो रही है। दुकानदारों के मुताबिक, बिजली बंद होने से उनका कारोबार ठप हो गया। खबर लिखे जाने तक बिजली विभाग की टीम 33 केवी लाइन का फॉल्ट ठीक करने में जुटी थी

करमहा के पास नहर किनारे युवक का शव मिला:मौत का कारण साफ नहीं, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा

महराजगंज के सदर कोतवाली क्षेत्र में करमहा गांव के पास नहर किनारे एक युवक का शव मिला। मृतक की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर जुट गए। सदर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जरूरी कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान उसकी मां ने की। राजकुमार, राममिलन का बेटा था और करमहा खास गांव का रहने वाला था। युवक की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के लोग शोक में हैं। गांव में भी शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत का कारण साफ नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इसका पता चलेगा।

पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत: 1 नवंबर से देश में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान की शुरुआत

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा कि एक नवंबर से देशभर के 2,000 शहरों और जिलों में राष्ट्रव्यापी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) अभियान चलाया जाएगा। यह अब तक का सबसे बड़ा डीएलसी अभियान है।

पेंशन जारी रखने के लिए पेंशनभोगियों को हर साल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) जमा करना होता है। डीएलसी के जरिए जीवन प्रमाण नाम की बायोमीट्रिक-आधारित डिजिटल सेवा का इस्तेमाल करके यह प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी की जा सकती है।

कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग एक से 30 नवंबर 2026 तक पूरे देश के 2,000 शहरों/जिलों में 5वां राष्ट्रव्यापी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान आयोजित करेगा। देश के सबसे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले पेंशनभोगियों तक पहुंचने के लिए सरकार एक व्यापक रणनीति अपनाएगी।

इसके लिए पेंशन बांटने वाले बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेंशनभोगी कल्याण संघों, रक्षा लेखा महानियंत्रक, दूरसंचार विभाग, रेलवे, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, राज्य सरकारों, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

अभियान का मुख्य जोर फेस आथेंटिकेशन तकनीक को बढ़ावा देने पर है। इसे एंड्रायड और आइओएस दोनों तरह के डिवाइस पर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे पेंशनभोगियों के लिए यह प्रक्रिया काफी सुविधाजनक हो जाती है।

सोर्स- न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार

हर्रैया में बारिश-तेज हवाओं से फसलें जमीन पर गिरीं:गन्ने और तैयार धान की फसल को नुकसान, किसान मुआवजे की मांग कर रहे

बस्ती जिले के हर्रैया क्षेत्र में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से गन्ने और तैयार धान की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल को हुए नुकसान से उनकी लागत निकालना भी मुश्किल होगा। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं। इलाके में ‘अर्बन चक्रवात’ का असर बताया गया है। खराब मौसम के चलते तापमान गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। स्थानीय निवासी सुशील पांडेय ने बताया कि पूरे दिन बारिश होती रही और तेज हवाएं चलती रहीं। सुशील पांडेय के मुताबिक, सुरक्षा और तकनीकी कारणों से बिजली सप्लाई भी बंद रही। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।

बारिश से बिजली गुल, करीब 20 गांव अंधेरे में:जमुनहा के भगवानपुर लहोर पावर हाउस से सप्लाई बंद; ग्रामीणों ने बिजली बहाल करने की मांग की

बारिश के चलते जमुनहा के करीब 20 गांवों में बिजली गुल हो गई। ग्रामीणों ने बिजली बहाल करने की मांग की है। ये गांव थाना मल्हीपुर क्षेत्र के भगवानपुर लाहौर स्थित पावर हाउस से बिजली लेते हैं। सप्लाई बंद होने से लोगों के रोजमर्रा के काम पर असर पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात में घरों और आसपास सांप, बिच्छू और दूसरे जहरीले जीव-जंतु निकलने की आशंका रहती है। बिजली न होने से रात में लोगों को सतर्क रहना पड़ रहा है। अंधेरे के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जल्द सप्लाई बहाल करने की मांग की है।

₹48000 करोड़ के फ्रॉड में 8 प्रतिशत ‘घर के भेदी’: 400 से ज्यादा मामलों में बैंक कर्मचारियों की ही निकली मिलीभगत

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जयप्रकाश रंजन, जागरण। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की एक शाखा के कर्मचारियों की तरफ से किये गये 35 करोड़ रुपये के फ्रॉड का मामला सामने आया है। बैंक ऑफ इंडिया (अहमदाबाद) में 127 खातों से 16.10 करोड़ रुपये निकालने के आरोप में स्टाफ आफिसर को ही ईडी ने गिरफ्तार किया गया है।

पिछले साल ग्रेटर चेन्नई पुलिस की बैंक फ्रॉड विंग ने 18 फ्रॉड के मामलों में 49 बैंक कर्मचारियों को एक साथ गिरफ्तार किया। इनके निशाने पर एनआरआई ग्राहक थे। कोटा में एक बडे़ निजी बैंक के रिलेशनशिप प्रबंधक ने 41 ग्राहकों के 110 खातों से 4.58 करोड़ रुपये निकाल लिये।

पीएनबी ग्रेटर नोएडा में 35 करोड़ का बैंक फ्रॉड

कानपुर स्थित एक सरकारी बैंक में भी पुलिस ने इसी तरह के फ्रॉड का खुलासा किया है। दिल्ली में सीएसबी बैंक में शाखा प्रबंधक के साथ ही अन्य स्टाफ को गिरफ्तार किया गया है कि वो दिहाड़ी मजदूरों के दस्तावेज से तैयार म्यूल एकाउंट बना कर उसके जरिए पैसे का अवैध लेन-देन कर रहे थे।

बैंकों में उनके ही कर्मचारियों की तरफ से हर साल किये जाने वाले सैकड़ों फ्रॉड में ये सिर्फ गिने-चुने मामलों हैं जो हाल के दिनों में सुर्खियां में आये हैं। आरबीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय बैंकों ने कुल 48,021 करोड़ रुपये के फ्रॉड को रिपोर्ट किया था। इसमें हर तरह के फ्रॉड हैं।

अब तक कुल कितने का फ्रॉड?

अप्रैल, 2026 में राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा दिए गए जवाब (आरबीआई के डेटा पर आधारित) के अनुसार, कर्मचारियों की मिली-भगत से किये गये फ्रॉड वाले मामलों की संख्या घट रही है लेकिन अभी भी यह कुल फ्रॉड में आठ फीसद तक हिस्सा रखते हैं। समस्या खत्म नहीं हुई है।

‘वित्त वर्ष 2020-21 में ऐसे 2,624 मामले दर्ज हुए थे, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 1,935 रह गए। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (सितंबर 2025 तक) में यह संख्या 400 थी। कुल फ्रॉड मामलों की तुलना में यह लगभग आठ फीसद के आसपास है, लेकिन राशि के हिसाब से इनका प्रभाव कहीं ज्यादा हो सकता है।’

यह तब है जब बैंकों की तरफ से इस तरह के कई मामलों को दबाने का भी प्रयास किया जाता है क्योंकि इससे साख पर असर पड़ता है। बैंकों में फ्रॉड का बड़ा खतरा बाहर से नहीं अंदर से आता है।

आंतरिक धोखाधड़ी बैंकिंग सिस्टम की समस्या

ग्रेटर नोएडा शाखा में सामने आई गड़बड़ी पर पीएनबी बैंक प्रबंधन ने कहा है कि, ‘कुछ ग्राहकों के सावधि जमा (एफडी) और बचत बैंक (एसबी) खातों से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लिया है।

इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है तथा बैंक संबंधित अधिकारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहा है और तथ्यों की पुष्टि करने, रिपोर्ट की गई विसंगतियों की सीमा का आकलन करने और प्रभावित ग्राहकों की चिंताओं का समाधान करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।

इसके अतिरिक्त, कल तक 43 लाख रुपये की राशि से संबंधित तीन दावों का निपटान किया जा चुका है। बैंक अपने ग्राहकों को आश्वस्त करता है कि सभी वास्तविक एवं वैध दावों का भुगतान किया जाएगा।

अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा फ्रॉड

दोषियों के खिलाफ नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया गया है। असलियत में भारतीय बैंकिंग सिस्टम में कर्मचारियों की मिलीभगत से होने वाले फ्रॉड एक पुरानी और गंभीर समस्या है, जिस पर अक्सर उतना ध्यान नहीं दिया जाता जितना डिजिटल फ्रॉड पर दिया जाता है।

आईआईएम (बेंगलुरू) के एक प्रोफेसर के एक अध्ययन में आरबीआई डेटा का हवाला देते हुए कहा गया है कि बैंकिंग सेक्टर में लगभग 34 प्रतिशत फ्रॉड आंतरिक होते हैं।

उक्त अध्ययन रिपोर्ट 2018 का नीरव मोदी-मेहुल चौकसी घोटाले की खुलासे के बाद आया था। उक्त दोनों रत्न व आभूषण उद्योगपतियों ने करीब 14000 करोड़ रुपये का घोटाला बैंक के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से की थी।

उसके बाद आरबीआई ने स्टाफ को ट्रांसफर करने, एक अंतराल के बाद छुट्टी पर जाने, खतरे को पहले पहचनाने की व्यवस्था लागू करने और स्टाफ एकाउंटेबिलिटी को मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन ग्रेटर नोएडा जैसा मामला दिखाता है कि जमीनी स्तर पर नियंत्रण अभी

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कोटवा में देवरानी ने जेठानी, बच्ची पर खौलता तेल फेंका:अवैध संबंध होने के शक में हुआ विवाद, पुलिस ने देवरानी को किया गिरफ्तार

महराजगंज के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में जेठानी पर खौलता तेल फेंकने के आरोप में पुलिस ने देवरानी को गिरफ्तार किया है। घटना में साजिदा (30) और उनकी एक साल की बेटी फातिमा झुलस गईं। दोनों अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर है।
सिरसियां निवासी मैरुन निशा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी ननद साजिदा की शादी करीब 12 साल पहले कोटवा निवासी साहवान से हुई थी। साहवान विदेश में काम करते हैं।
शिकायत के मुताबिक, साहवान के अपनी देवरानी सहाना से अवैध संबंध होने के शक में 29 अक्टूबर की सुबह दोनों महिलाओं के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान सहाना ने साजिदा पर खौलता तेल फेंका। तेल की चपेट में उनकी एक साल की बेटी भी आ गई।
चौकी प्रभारी अनीस सिंह ने बताया कि मामले में अपराध संख्या 285/26 के तहत बीएनएस की धारा 118(2) और 352 में केस दर्ज किया गया है। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

सपा कार्यालय में 31 अक्टूबर को पटेल जयंती कार्यक्रम:प्रदेश सचिव होंगे मुख्य अतिथि; विधायक ने कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों से शामिल होने की अपील की

समाजवादी पार्टी कार्यालय, बड़ेवन बस्ती में 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कार्यक्रम होगा। प्रदेश सचिव ओंकार नाथ पटेल इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सपा जिलाध्यक्ष और सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने बताया कि कार्यक्रम में देश के पहले गृह मंत्री और पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व और योगदान को याद किया जाएगा।
उन्होंने पार्टी के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों से तय समय पर कार्यालय पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।

पूर्वोत्तर के पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी, 1580 कारोबारी बैठकें

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माला दीक्षित, तवांग। पूर्वोत्तर के पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार व कारोबार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में 1,580 कारोबारी बैठकें हुईं।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में आयोजित मार्ट के दौरान पर्यटन मंत्रियों ने डिजिटल सुविधाओं के विस्तार, कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने और पर्यटकों के लिए परमिट प्रक्रिया आसान बनाने पर चर्चा की। शुक्रवार को पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की बैठक के साथ मार्ट के मुख्य सत्र संपन्न हो गए।

14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का तवांग में सफल आयोजन

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पर्यटन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में ‘देखो अपना देश 2.0’, नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक, लाइव कॉन्सर्ट अर्थव्यवस्था और प्रतिबंधित एवं संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश के लिए आवश्यक परमिट से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का एक प्रमुख हिस्सा संरचित कारोबारी-से-कारोबारी (बी टु बी) बैठकें रहीं। इनके माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को पर्यटन विक्रेताओं के साथ सीधे बातचीत करने का अवसर मिला।

मार्ट के दौरान कुल 1,580 बी टु बी बैठकें हुईं। इन बैठकों से नए पर्यटन यात्रा कार्यक्रम तैयार करने, व्यावसायिक साझेदारियां स्थापित करने और पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन उत्पादों तथा अनुभवों को बढ़ावा देने के अवसर उपलब्ध हुए।

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पूर्वोत्तर पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया

नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक के तहत साझा डिजिटल पर्यटन तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य पर्यटन सेवाओं और अनुभवों को ऑनलाइन खोजने तथा उनकी बुकिंग की सुविधा बेहतर करना है।

इससे स्थानीय गाइड, होमस्टे संचालकों और पर्यटन उद्यमियों को बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। वहीं, ‘देखो अपना देश 2.0’ के तहत लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों के अलावा कम चर्चित स्थलों को भी पर्यटन के लिए विकसित करने और बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया।

बैठक में संगीत समारोहों, सांस्कृतिक उत्सवों और अन्य लाइव आयोजनों के जरिए पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। पर्यटन मंत्रियों ने आरएपी और पीएपी परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने, नियमों को स्पष्ट करने और समय पर परमिट जारी करने की जरूरत पर विचार किया। इसमें सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखने पर भी जोर दिया गया।

पूर्वोत्तर में हवाई अड्डों की संख्या 2014 के नौ से बढ़कर 17 हुई

पर्यटन मार्ट में 22 देशों के 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 42 घरेलू खरीदारों तथा 81 विक्रेताओं ने हिस्सा लिया। आयोजकों के मुताबिक, कारोबारी बैठकों के जरिए नए पर्यटन यात्रा कार्यक्रम तैयार करने, व्यावसायिक साझेदारियां बनाने और पूर्वोत्तर के पर्यटन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के अवसर उपलब्ध हुए।

पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला ने तकनीकी सत्र में बताया कि देश में घरेलू पर्यटक यात्राएं 2014 के 1.32 अरब से बढ़कर 2025 में 4.34 अरब हो गईं।

उनके मुताबिक, पर्यटन क्षेत्र 8.9 करोड़ रोजगारों को समर्थन देता है और देश के सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान 5.22 प्रतिशत है। पूर्वोत्तर में हवाई अड्डों की संख्या 2014 के नौ से बढ़कर 17 हो गई है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 10,905 किलोमीटर से बढ़कर 16,207 किलोमीटर हो गया है।

29 अक्टूबर को शुरू हुआ यह मार्ट 13 साल बाद तवांग लौटा है। यहां 2013 में इसका दूसरा संस्करण आयोजित हुआ था। मार्ट में पूर्वोत्तर के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया गया।