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कोटवा में देवरानी ने जेठानी, बच्ची पर खौलता तेल फेंका:अवैध संबंध होने के शक में हुआ विवाद, पुलिस ने देवरानी को किया गिरफ्तार

महराजगंज के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में जेठानी पर खौलता तेल फेंकने के आरोप में पुलिस ने देवरानी को गिरफ्तार किया है। घटना में साजिदा (30) और उनकी एक साल की बेटी फातिमा झुलस गईं। दोनों अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर है।
सिरसियां निवासी मैरुन निशा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी ननद साजिदा की शादी करीब 12 साल पहले कोटवा निवासी साहवान से हुई थी। साहवान विदेश में काम करते हैं।
शिकायत के मुताबिक, साहवान के अपनी देवरानी सहाना से अवैध संबंध होने के शक में 29 अक्टूबर की सुबह दोनों महिलाओं के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान सहाना ने साजिदा पर खौलता तेल फेंका। तेल की चपेट में उनकी एक साल की बेटी भी आ गई।
चौकी प्रभारी अनीस सिंह ने बताया कि मामले में अपराध संख्या 285/26 के तहत बीएनएस की धारा 118(2) और 352 में केस दर्ज किया गया है। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

सपा कार्यालय में 31 अक्टूबर को पटेल जयंती कार्यक्रम:प्रदेश सचिव होंगे मुख्य अतिथि; विधायक ने कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों से शामिल होने की अपील की

समाजवादी पार्टी कार्यालय, बड़ेवन बस्ती में 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कार्यक्रम होगा। प्रदेश सचिव ओंकार नाथ पटेल इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सपा जिलाध्यक्ष और सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने बताया कि कार्यक्रम में देश के पहले गृह मंत्री और पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व और योगदान को याद किया जाएगा।
उन्होंने पार्टी के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों से तय समय पर कार्यालय पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।

पूर्वोत्तर के पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी, 1580 कारोबारी बैठकें

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माला दीक्षित, तवांग। पूर्वोत्तर के पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार व कारोबार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में 1,580 कारोबारी बैठकें हुईं।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में आयोजित मार्ट के दौरान पर्यटन मंत्रियों ने डिजिटल सुविधाओं के विस्तार, कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने और पर्यटकों के लिए परमिट प्रक्रिया आसान बनाने पर चर्चा की। शुक्रवार को पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की बैठक के साथ मार्ट के मुख्य सत्र संपन्न हो गए।

14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का तवांग में सफल आयोजन

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पर्यटन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में ‘देखो अपना देश 2.0’, नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक, लाइव कॉन्सर्ट अर्थव्यवस्था और प्रतिबंधित एवं संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश के लिए आवश्यक परमिट से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का एक प्रमुख हिस्सा संरचित कारोबारी-से-कारोबारी (बी टु बी) बैठकें रहीं। इनके माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को पर्यटन विक्रेताओं के साथ सीधे बातचीत करने का अवसर मिला।

मार्ट के दौरान कुल 1,580 बी टु बी बैठकें हुईं। इन बैठकों से नए पर्यटन यात्रा कार्यक्रम तैयार करने, व्यावसायिक साझेदारियां स्थापित करने और पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन उत्पादों तथा अनुभवों को बढ़ावा देने के अवसर उपलब्ध हुए।

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पूर्वोत्तर पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया

नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक के तहत साझा डिजिटल पर्यटन तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य पर्यटन सेवाओं और अनुभवों को ऑनलाइन खोजने तथा उनकी बुकिंग की सुविधा बेहतर करना है।

इससे स्थानीय गाइड, होमस्टे संचालकों और पर्यटन उद्यमियों को बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। वहीं, ‘देखो अपना देश 2.0’ के तहत लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों के अलावा कम चर्चित स्थलों को भी पर्यटन के लिए विकसित करने और बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया।

बैठक में संगीत समारोहों, सांस्कृतिक उत्सवों और अन्य लाइव आयोजनों के जरिए पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। पर्यटन मंत्रियों ने आरएपी और पीएपी परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने, नियमों को स्पष्ट करने और समय पर परमिट जारी करने की जरूरत पर विचार किया। इसमें सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखने पर भी जोर दिया गया।

पूर्वोत्तर में हवाई अड्डों की संख्या 2014 के नौ से बढ़कर 17 हुई

पर्यटन मार्ट में 22 देशों के 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 42 घरेलू खरीदारों तथा 81 विक्रेताओं ने हिस्सा लिया। आयोजकों के मुताबिक, कारोबारी बैठकों के जरिए नए पर्यटन यात्रा कार्यक्रम तैयार करने, व्यावसायिक साझेदारियां बनाने और पूर्वोत्तर के पर्यटन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के अवसर उपलब्ध हुए।

पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला ने तकनीकी सत्र में बताया कि देश में घरेलू पर्यटक यात्राएं 2014 के 1.32 अरब से बढ़कर 2025 में 4.34 अरब हो गईं।

उनके मुताबिक, पर्यटन क्षेत्र 8.9 करोड़ रोजगारों को समर्थन देता है और देश के सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान 5.22 प्रतिशत है। पूर्वोत्तर में हवाई अड्डों की संख्या 2014 के नौ से बढ़कर 17 हो गई है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 10,905 किलोमीटर से बढ़कर 16,207 किलोमीटर हो गया है।

29 अक्टूबर को शुरू हुआ यह मार्ट 13 साल बाद तवांग लौटा है। यहां 2013 में इसका दूसरा संस्करण आयोजित हुआ था। मार्ट में पूर्वोत्तर के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया गया।

सड़क पर साइकिल के साथ अज्ञात व्यक्ति मिला:श्रावस्ती के समगरा-कुसहवा मार्ग पर लोगों ने डायल 112 को सूचना दी

श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र में समगरा चौराहे से कुसहवा जाने वाले मार्ग पर सड़क पर साइकिल के साथ एक अज्ञात व्यक्ति पड़ा मिला। उसकी पहचान और वहां पड़े होने का कारण अभी पता नहीं चल सका है। व्यक्ति को देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोग उसकी पहचान करने में लगे हैं। मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को देखते हुए लोगों ने डायल 112 पुलिस को सूचना दी। खबर लिखे जाने तक पुलिस के मौके पर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था।

‘अदालती कार्यवाही के लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं’, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र को निर्देश दिया कि प्रस्तावित नीतिगत ढांचे में उन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के प्रविधान शामिल किए जाएं, जो अदालती कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीम को अनधिकृत तरीके से हासिल करने, प्रसारित करने और उसका व्यावसायिक दोहन करने पर लगी अंतरिम रोक का उल्लंघन करते हैं।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सालिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील पर संज्ञान लिया कि विभिन्न हाई कोर्टों और अन्य हितधारकों से मिले सुझावों को व्यापक दिशानिर्देश तैयार करने के लिए इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेज दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नीतिगत ढांचे में निर्देश दिए

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मंत्रालय सुझावों पर विचार करेगा और कुछ दिनों में जवाब देगा। उन्होंने आगे सुनवाई के लिए याचिका को दीपावली की छुट्टियों के बाद सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।

मेहता ने पहले के आदेशों के उल्लंघन का भी उल्लेख किया और पीठ से अनुरोध किया कि वह प्रतिबंधों का उल्लंघन कर अपलोड की गई सामग्री हटाने का निर्देश देने पर विचार करे। इस पीठ ने कहा, ‘निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आवश्यक प्रविधान भी नीतिगत व्यवस्था में शामिल किए जाएंगे।’

पीठ ने अपने आदेश में नौ अक्टूबर, 2026 के आदेश सहित पहले जारी अंतरिम निर्देशों का उल्लेख किया और उनका अनुपालन व प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।

प्रशांत भूषण ने सुझाव दिया

अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुझाव दिया कि अदालत की ओर से जारी हर आधिकारिक क्लिप पर सत्यापन योग्य डिजिटल हस्ताक्षर या वाटरमार्क होना चाहिए, ताकि आम लोग और डिजिटल प्लेटफार्म असली फुटेज को पहचान सकें।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अदालत की सभी कार्यवाहियां प्रमाणित और वाटरमार्क वाले प्रारूप में सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएं।

अदालत ऐसे समय इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही है, जब न्यायिक कार्यवाहियों के वीडियो क्लिप को अनधिकृत रूप से हासिल करने, उनमें बदलाव करने, प्रसारित करने और व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने को लेकर चिंता जताई जा रही है। इन क्लिप के साथ अक्सर भ्रामक कैप्शन या दावे भी होते हैं।

गुदरीपुर में रामलीला का समापन हुआ:समापन समारोह में डॉ. रामनारायण चौरसिया ने राम और रावण के प्रसंग से नीति, धर्म और सदाचार का संदेश दिया

फरेंदा, महाराजगंज के पश्चिमी टोला गुदरीपुर में आयोजित रामलीला का देर रात समापन हुआ। समारोह में कांग्रेसीविधायक वीरेंद्र चौधरी मौजूद नहीं थे। उनके सहयोगी डॉ. रामनारायण चौरसिया ने रामलीला के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर बात की। डॉ. चौरसिया ने कहा कि हिंदू धर्म-दर्शन और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में रामलीला और रासलीला का विशेष महत्व है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन और आचरण से सत्य, धर्म, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा का आदर्श रखा। उन्होंने कहा कि रामलीला मनोरंजन के साथ जीवन-मूल्यों और सदाचार का संदेश भी देती है। उन्होंने रामायण की अलग-अलग परंपराओं में रावण को विद्वान, तपस्वी और शिवभक्त के रूप में बताए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रामकथा के कई क्षेत्रीय और धार्मिक रूप हैं, जिनमें कुछ प्रसंग वाल्मीकि रामायण से अलग मिलते हैं। डॉ. चौरसिया ने रामेश्वरम् में भगवान श्रीराम के शिव-पूजन की परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकप्रचलित रामकथा के एक रूप में रावण श्रीराम के पुरोहित बने और उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा, “बना पुरोहित रामचंद्र का, विजय का आशीष दे आया; लेकिन रावण अनीति का समर्थक रहा।” उन्होंने कहा कि राम और रावण का प्रसंग बताता है कि ज्ञान और विद्वता के साथ उसका सही इस्तेमाल, नीति, धर्म और सदाचार भी जरूरी हैं। उनके मुताबिक, रावण का आचरण उसे विनाश की ओर ले गया, जबकि श्रीराम ने धर्म और मर्यादा के रास्ते पर चलकर आदर्श रखा। कार्यक्रम में आयोजक और ग्राम प्रधान दुर्गेश प्रसाद, विनय तिवारी, संदेश जायसवाल, परशुराम प्रजापति, सोनू कुमार, शिवसागर यादव और राम सुमेर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। समापन पर लोगों ने आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की और भारतीय संस्कृति व धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।

विशेष सचिव ने विक्रमजोत में योजनाओं का निरीक्षण किया:सीएचसी में सफाई संतोषजनक नहीं मिली, सुधार के निर्देश दिए

विशेष सचिव मंगला प्रसाद सिंह शुक्रवार को बस्ती के आकांक्षी ब्लॉक विक्रमजोत पहुंचे। उन्होंने सरकारी योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्थिति देखी। उन्होंने ब्लॉक सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अलग-अलग विभागों की योजनाओं की प्रगति जानी और लंबित काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय देवखर, RRC और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत का औचक निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम कराया। सीएचसी विक्रमजोत में सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और प्रभारी चिकित्साधिकारी को व्यवस्था में तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता जांची और मरीजों से बात कर सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. राजीव निगम, बीएसए अनूप कुमार त्रिपाठी, प्रभारी चिकित्साधिकारी अतुल सिंह और बीडीओ संदीप कुमार सिंह सहित अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

केजी बेसिन विवाद में सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूर्व ज​स्टिस रंजना देसाई को बनाया मध्यस्थ

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कृष्णा-गोदावरी बेसिन गैस विवाद के मामले में शीर्ष अदालत की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त किया।

इस विवाद में रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य कंपनियां शामिल हैं। पूर्व जस्टिस उत्तराखंड समेत कई राज्यों में समान नागरिकता संहिता (यूसीसी) पर बनी समितियों से जुड़ी रही हैं।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने यह आदेश तब दिया, जब उसे यह बताया गया कि संबंधित पक्ष अब तक विवाद का कोई व्यावहारिक समाधान नहीं निकाल पाए हैं।

पीठ ने कहा, ‘संबंधित पक्ष खुद कोई समाधान नहीं तलाश पाए हैं। ऐसे में हम उनकी ओर से इस अदालत की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त करने का सुझाव देते हैं।’

पीठ ने कहा, ‘हम मध्यस्थ से यह अनुरोध करते हैं कि इस उद्देश्य के लिए दो विषय विशेषज्ञों की मदद लें, जिनके नाम पक्षकार सुझा सकते हैं।’ केंद्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने मध्यस्थ को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

श्रावस्ती में दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश हुई:खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका, किसान चिंतित

श्रावस्ती में आज पूरे दिन रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। इससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है और किसान चिंतित हैं।
पिछले दिनों आंधी-तूफान और बारिश से किसान पहले ही परेशान थे। अब फिर मौसम बदलने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
किसानों को डर है कि मौसम ऐसा ही रहा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। वे मौसम साफ होने और फसलें सुरक्षित रहने की उम्मीद कर रहे हैं।

असम: बिना वैध दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुए 36 बांग्लादेशी पकड़े गए, नदी के रास्ते कर रहे थे घुसपैठ

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डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। असम के धुबरी जिले में शुक्रवार को 36 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया। उन पर आरोप है कि वे बिना वैध दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुए थे। एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी सूचना मिली थी कि कुछ ही दिनों में बांग्लादेशी नागरिकों का एक बड़ा समूह इस जिले से होकर गुजर सकता है।

अधिकारी ने कहा, ‘आज तड़के करीब दो से 2:30 बजे के बीच हमें पक्की खबर मिली कि कुछ घुसपैठिए धुबरी में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। हमें यह तो नहीं पता था कि वे किस रास्ते का इस्तेमाल करेंगे, लेकिन शक था कि वे नदी के रास्ते आ सकते हैं। इसलिए, हमने ब्रह्मपुत्र नदी के जोगमाया फेरी घाट पर अपने जवानों को तैनात कर दिया। वहां से 36 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है।’

ये सभी बांग्लादेश के राजशाही संभाग के चपाई नवाबगंज इलाके के रहने वाले हैं। दस्तावेजों की जांच चल रही है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य घुसपैठियों के लिए कोई प्रजनन स्थल नहीं है।

उन्होंने बताया कि 23 और अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया गया है। उन्होंने गुरुवार को कहा, ‘असम के हितों की रक्षा करने और राज्य से हर एक घुसपैठिये को बाहर निकालने के लिए हम पूरी सख्ती बरतेंगे।’