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विशेष सचिव ने विक्रमजोत में योजनाओं का निरीक्षण किया:सीएचसी में सफाई संतोषजनक नहीं मिली, सुधार के निर्देश दिए

विशेष सचिव मंगला प्रसाद सिंह शुक्रवार को बस्ती के आकांक्षी ब्लॉक विक्रमजोत पहुंचे। उन्होंने सरकारी योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्थिति देखी। उन्होंने ब्लॉक सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अलग-अलग विभागों की योजनाओं की प्रगति जानी और लंबित काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय देवखर, RRC और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत का औचक निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम कराया। सीएचसी विक्रमजोत में सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और प्रभारी चिकित्साधिकारी को व्यवस्था में तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता जांची और मरीजों से बात कर सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. राजीव निगम, बीएसए अनूप कुमार त्रिपाठी, प्रभारी चिकित्साधिकारी अतुल सिंह और बीडीओ संदीप कुमार सिंह सहित अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

केजी बेसिन विवाद में सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूर्व ज​स्टिस रंजना देसाई को बनाया मध्यस्थ

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कृष्णा-गोदावरी बेसिन गैस विवाद के मामले में शीर्ष अदालत की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त किया।

इस विवाद में रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य कंपनियां शामिल हैं। पूर्व जस्टिस उत्तराखंड समेत कई राज्यों में समान नागरिकता संहिता (यूसीसी) पर बनी समितियों से जुड़ी रही हैं।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने यह आदेश तब दिया, जब उसे यह बताया गया कि संबंधित पक्ष अब तक विवाद का कोई व्यावहारिक समाधान नहीं निकाल पाए हैं।

पीठ ने कहा, ‘संबंधित पक्ष खुद कोई समाधान नहीं तलाश पाए हैं। ऐसे में हम उनकी ओर से इस अदालत की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त करने का सुझाव देते हैं।’

पीठ ने कहा, ‘हम मध्यस्थ से यह अनुरोध करते हैं कि इस उद्देश्य के लिए दो विषय विशेषज्ञों की मदद लें, जिनके नाम पक्षकार सुझा सकते हैं।’ केंद्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने मध्यस्थ को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

श्रावस्ती में दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश हुई:खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका, किसान चिंतित

श्रावस्ती में आज पूरे दिन रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। इससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है और किसान चिंतित हैं।
पिछले दिनों आंधी-तूफान और बारिश से किसान पहले ही परेशान थे। अब फिर मौसम बदलने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
किसानों को डर है कि मौसम ऐसा ही रहा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। वे मौसम साफ होने और फसलें सुरक्षित रहने की उम्मीद कर रहे हैं।

असम: बिना वैध दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुए 36 बांग्लादेशी पकड़े गए, नदी के रास्ते कर रहे थे घुसपैठ

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डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। असम के धुबरी जिले में शुक्रवार को 36 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया। उन पर आरोप है कि वे बिना वैध दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुए थे। एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी सूचना मिली थी कि कुछ ही दिनों में बांग्लादेशी नागरिकों का एक बड़ा समूह इस जिले से होकर गुजर सकता है।

अधिकारी ने कहा, ‘आज तड़के करीब दो से 2:30 बजे के बीच हमें पक्की खबर मिली कि कुछ घुसपैठिए धुबरी में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। हमें यह तो नहीं पता था कि वे किस रास्ते का इस्तेमाल करेंगे, लेकिन शक था कि वे नदी के रास्ते आ सकते हैं। इसलिए, हमने ब्रह्मपुत्र नदी के जोगमाया फेरी घाट पर अपने जवानों को तैनात कर दिया। वहां से 36 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है।’

ये सभी बांग्लादेश के राजशाही संभाग के चपाई नवाबगंज इलाके के रहने वाले हैं। दस्तावेजों की जांच चल रही है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य घुसपैठियों के लिए कोई प्रजनन स्थल नहीं है।

उन्होंने बताया कि 23 और अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया गया है। उन्होंने गुरुवार को कहा, ‘असम के हितों की रक्षा करने और राज्य से हर एक घुसपैठिये को बाहर निकालने के लिए हम पूरी सख्ती बरतेंगे।’

आवास का झांसा देकर बुजुर्ग से एक लाख ठगे:महराजगंज में 3 गिरफ्तार; बदले में दिया था 2 लाख का फर्जी चेक

महराजगंज में बुजुर्ग से एक लाख रुपए ठगने के आरोप में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे निचलौल पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम के साथ कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 25,200 रुपए नकद, पंजाब नेशनल बैंक के चार चेक, एक मोबाइल फोन और फर्जी नंबर प्लेट लगी पल्सर मोटरसाइकिल मिली है। तीनों आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रहने वाले हैं।
14 अक्टूबर को निचलौल थाना क्षेत्र के पतौना गांव निवासी दशरथ सिंह एसबीआई की निचलौल शाखा से अपने खाते से एक लाख रुपए निकालकर घर जा रहे थे। कटरा चौराहे के पास आरोपियों ने उन्हें आवास का पैसा दिलाने का झांसा दिया।
आरोपियों ने दशरथ सिंह को बातों में उलझाकर एक लाख रुपए ले लिए और बदले में दो लाख रुपए का फर्जी चेक दिया। उनकी शिकायत पर निचलौल थाने में केस दर्ज हुआ था। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को संयुक्त टीम ने टिकुलहिया पुल के पास से कृष्णा श्रीवास्तव, संजय पटेल और मंगल यादव को गिरफ्तार किया।
जांच में पता चला कि आरोपी घुघली थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की टप्पेबाजी कर चुके हैं। कृष्णा श्रीवास्तव और मंगल यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
एसपी शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में हुई कार्रवाई में निचलौल प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र राय, स्वाट प्रभारी आशीष सिंह, एसओजी प्रभारी योगेश सिंह और पुलिस व सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही।

बारिश के बाद शाम को बिजली गुल:बस्ती के साऊघाट में बिजली न आने से पढ़ाई और खाना बनाने में परेशानी

बस्ती के साऊघाट के कई इलाकों में सुबह से बारिश हो रही है। शाम को बिजली गुल होने से ग्रामीणों को परेशानी हुई। बिजली न होने से छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। लोगों को खाना बनाने में भी दिक्कत हो रही है। स्थानीय निवासी कुलदीप कुमार महेश कुमार राहुल कुमार अवनीश कुमार विवेक कुमार ने बताया कि लाइट ना आने की वजह से खाना बनाने के लिए बहुत ही ज्यादा परेशानियां उठानी पड़ रही है ग्रामीणों ने बताया कि अंधेरे में जहरीले जानवरों का डर बना रहता है। बारिश के कारण लोग घरों से बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं।

UAE और सिंगापुर में अब UPI से डायरेक्ट पेमेंट, बुर्ज खलीफा से सेंटोसा तक की बुकिंग हुई आसान

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सिंगापुर जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. अब आप इन दोनों देशों में अब आप कोई भी सर्विस अपने पसंदीदा UPI एप से सीधे बुक कर सकते हैं और ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकते हैं।

दुनिया के इन दो प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा की योजना बना रहे भारतीय यात्री अब करेंसी एक्सचेंज की झंझट के बिना आसानी से बुकिंग और पेमेंट कर सकेंगे। वित्त मंत्रालय के अनुसार यह कदम भारतीय पर्यटकों के लिए यात्रा योजना को और सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

यहां मिलेगी UPI से पेमेंट की सुविधा

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) ने यूएई और सिंगापुर के साथ रणनीतिक साझेदारी का एलान किया था। ये घोषणाएं 29 जुलाई 2026 और 9 सितंबर 2026 को की गई थीं, ताकि ऑनलाइन बुकिंग के लिए यूपीआई का इस्तेमाल संभव हो सके।

यूएई में एनईओपे (NEOPAY) और एम्मार एंटरटेनमेंट के साथ साझेदारी में ‘एट द टॉप, बुर्ज खलीफा’ में यूपीआई से लेन-देन स्वीकार की गई है। सिंगापुर में प्रमुख पेमेंट संस्थान फोमो पे (FOMO Pay) की मदद से यूपीआई स्वीकृति को रिसॉर्ट्स वर्ल्ड सेंटोसा तक बढ़ाया गया है। सिंगापुर ने 2025 में 1.2 मिलियन भारतीय पर्यटकों का स्वागत किया था।

UPI 10 year

एट द टॉप, बुर्ज खलीफा और रिसॉर्ट्स वर्ल्ड सेंटोसा के प्रतिष्ठित आकर्षणों (जिनमें यूनिवर्सल स्टूडियोस सिंगापुर, सिंगापुर ओशनारियम और एडवेंचर कोव वॉटरपार्क शामिल हैं) में ऑनलाइन खरीदारी के लिए यूपीआई का एकीकरण विश्वसनीय क्रॉस-बॉर्डर भुगतान अनुभवों की बढ़ती मांगों को देखते हुए बनाया गया है।

इन 10 देशों में मान्य है UPI

सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और ग्रीस, जिससे भारतीय यात्री विदेश में यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। उज्बेकिस्तान 11वें देश के रूप में शामिल होने के लिए तैयार है।

बच्चों का डाटा अपडेट न करने पर कार्रवाई होगी:श्रावस्ती में डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने पोषण योजनाओं की समीक्षा में अधिकारियों को चेताया

श्रावस्ती के कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने ई-कवच एप पर बच्चों का डाटा समय से अपडेट करने और कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण योजनाओं के काम में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। समीक्षा में पोषण ट्रैकर एप पर एफआरएस (चेहरा पहचान प्रणाली) और दक्षता मापन की फीडिंग कम मिली। डीएम ने सभी सीडीपीओ को शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र रोज खोलने और सीडीपीओ व मुख्य सेविकाओं को नियमित निरीक्षण करने को कहा। डीएम ने बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, आधार सत्यापन, टीएचआर वितरण और घर-घर भ्रमण की प्रगति सुधारने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सैम श्रेणी के बच्चों के प्रबंधन, उनके मैम एवं सामान्य श्रेणी में आने की स्थिति और ई-कवच पर फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा। एफआरएस के जरिए टीएचआर वितरण कम मिलने पर सभी पात्र लाभार्थियों को मानक के अनुसार पोषाहार देने के निर्देश दिए। बैठक का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद रस्तोगी ने किया। इसमें मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, जिला विकास अधिकारी रामसमुझ, संबंधित अधिकारी, सीडीपीओ और मुख्य सेविकाएं मौजूद रहीं।

पीस बॉन्ड को No, इंडी गठबंधन को Yes; क्या नेहा बोरा ने CJP नेताओं को अपनी चाल से पीछे छोड़ दिया?

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में इन दिनों छात्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों का एक नया दौर देखने को मिल रहा है। दिल्ली की सड़कों पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान दो अलग-अलग रणनीतियां खुलकर सामने आईं।

एक तरफ जहां नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ सफल प्रदर्शन कर चुके कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास… पुलिस की सख्ती और पीस बॉन्ड के दबाव के आगे समझौते की राह पर नजर आए, वहीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने इसके ठीक विपरीत रुख अपनाया।

नेहा कई बार इंडी गठबंधन के साथ सुर में सुर मिलाती भी नजर आईं। ऐसे में अब सवाल है कि पीस बॉन्ड को ना कहने वाली नेहा ने क्या अपनी चाल से CJP के तीनों नेताओं को पीछे छोड़ दिया? यह सवाल आज के समय में राजनीति के गलियारों में एक बड़ा बहस का मुद्दा बन चुकी है।

पीस बॉन्ड पर विवाद और क्या है पूरा मामला?

इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि जब भी पुलिस प्रशासन किसी प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताता है, तो वह प्रदर्शनकारियों से पीस बॉन्ड भरवाकर उन्हें रिहा करती है। लेकिन इस बॉन्ड को लेकर अब तीखा विरोध शुरू हो गया है।

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि ऐसे बॉन्डों को हथियार बनाकर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को कुचला जा रहा है। उनके मुताबिक, पीस बॉन्ड पर साइन करना मतलब चुपचाप अपने लोकतांत्रिक असहमति जताने के अधिकार को गिरवी रख देना है। यही वजह है कि उन्होंने बॉन्ड साइन करने के बजाय पुलिस के नोटिस और अपने ऊपर दर्ज मुकदमों के दस्तावेजों की कानूनी रूप से मांग की है।

अब समझिए सीजेपी नेताओं का रुख

अब इसके ठीक उलट, अक्टूबर की शुरुआत में जब CJP के नेताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली पहुंचते ही हिरासत में लिया गया, तो वे सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का अंडरटेकिंग देकर और 50000 रुपये का surety bond भरकर बाहर आ गए।

Abhijit Deepke, Ashutosh Ranka, and Sourav Das

हालांकि बाद में उन्होंने भी विरोध दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन बार-बार की गई गिरफ्तारियों और बॉन्ड के दबाव के आगे उनका अभियान उस तरह परवान नहीं चढ़ सका जैसा जून-जुलाई में नीट आंदोलन के दौरान देखा गया था।

जून का ‘हीरो’ बनाम अक्टूबर की ‘नई आइकन’

अच्छा, राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह तुलना बेहद दिलचस्प है कि कैसे कुछ ही महीनों में परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया? इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि कुछ ही समय पहले सीजेपी के इन युवा नेताओं ने नीट पेपर लीक के खिलाफ ऐसा जोरदार युवा आंदोलन खड़ा किया था कि तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा था। 

Neha Bora (1)

लेकिन अक्टूबर में जब उन्होंने ‘जंतर-मंतर 2.0’ के तहत प्रदर्शन का आह्वान किया, तो दिल्ली पुलिस की भारी बैरिकेडिंग और सख्ती के आगे वे उस मैजिक को दोबारा नहीं दोहरा सके। इसके उलट, AISA नेता नेहा बोरा लगातार पुलिस को चकमा देते हुए सड़कों पर डटी रहीं। कभी कनॉट प्लेस तो कभी आरके आश्रम मार्ग पर उनका पुलिस से लुकाछिपी का खेल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

राहुल गांधी के साथ भी दिखीं नेहा

अच्छा, अब गौर करने वाली बात यह है कि पुलिस के साख लुकाछिपी करने वाली नेहा थमी नहीं। यहां तक कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विरोध मार्च के दौरान नेहा बोरा के साथ कदमताल की, तो इसने राजनीतिक हलकों में सबका ध्यान खींच लिया। सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा आम हो गई कि मौजूदा विरोध प्रदर्शनों में नेहा बोरा एक मजबूत ‘Gen-Z आइकन’ के रूप में स्थापित हो चुकी हैं।

Neha Bora with Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi

सीजेपी नेताओं को बदल लेनी चाहिए अपनी रणनीति

दिलचस्प बात यह भी है कि इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि समय और राजनीतिक माहौल बदलने के साथ विरोध के तौर-तरीके भी बदलने होते हैं। जहां एक ओर सीजेपी ने खुद को मुख्यधारा की राजनीति से अलग एक ‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में रखने की बात कही है, वहीं कांग्रेस नीत इंडी ब्लॉक और वामपंथी छात्र संगठन इस बार सीधे तौर पर सड़कों पर उतरकर सरकार को घेर रहे हैं।

अब थोड़े दिन पहले की बात को याद किया जाए तो, सीजेपी के सह-संस्थापक सौरव दास ने पहले एक कांग्रेस कार्यकर्ता को सलाह देते हुए कहा था कि यदि पुलिस तुरंत हिरासत में ले रही है, तो अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना चाहिए, दूसरों पर अपनी असफलताओं का ठीकरा न फोड़ें। अब यही बात खुद सीजेपी के भविष्य के कदमों पर भी लागू होती दिखाई दे रही है।

पारिवारिक विवाद के बाद अधेड़ की मौत:राजाबारी में जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

निचलौल ब्लॉक के ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र में राजाबारी गांव के रमजीता टोले में 45 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिवार में विवाद के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी थी।
मृतक की पहचान रमजीता टोला, राजाबारी गांव निवासी धर्मेंद्र राजभर, पुत्र राजाराम के रूप में हुई है। परिजन उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मौली और फिर सीएचसी निचलौल ले गए। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों से पूछताछ में किसी संदिग्ध पदार्थ के सेवन की बात सामने आई है। हालांकि, जहरीले पदार्थ के सेवन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूचना मिलने पर ठूठीबारी पुलिस ने जांच शुरू की। कोतवाली प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।