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SSB ने ग्रामीणों को भ्रष्टाचार के खिलाफ किया जागरूक:निचलौल में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत ईमानदारी, पारदर्शिता अपनाने की अपील

निचलौल ब्लॉक क्षेत्र में 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत कार्यक्रम किए। ग्रामीणों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक किया गया और ईमानदारी व पारदर्शिता अपनाने की अपील की गई।
कमांडेंट श्री शक्ति सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में वाहिनी मुख्यालय और सभी समवायों के कार्यक्षेत्र में अभियान चलाया गया। ग्रामीण इलाकों में बैनर और पोस्टर लगाकर लोगों को भ्रष्टाचार के नुकसान बताए गए।
SSB के जवानों ने भ्रष्टाचार खत्म करने, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक मूल्यों के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार का असर प्रशासन के साथ समाज के हर वर्ग पर पड़ता है। इसे खत्म करने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
कार्यक्रम में लोगों से रोजमर्रा के जीवन में ईमानदारी और नैतिकता अपनाने की अपील की गई। उनसे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और अपने अधिकारों व सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने को कहा गया।
SSB ने ग्रामीणों से अपने परिवार, गांव और आसपास के लोगों को भी भ्रष्टाचार के नुकसान के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया। अभियान में कहा गया कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी भी जरूरी है।

कप्तानगंज में ऑटो सड़क पर पलटा, चालक घायल:महाराजगंज चौकी के सामने हादसा; हाईवे देवदूत प्रमोद ओझा ने अस्पताल पहुंचाया

बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक में महाराजगंज चौकी के सामने शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे एक ऑटो पलट गया। हादसे में चालक उमेश कुमार (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। वह मरौटिया रमया गांव के रहने वाले हैं और हर्रैया थाने के इलाके में रहते हैं। हाईवे देवदूत प्रमोद ओझा अपनी कार से उमेश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हादसे के बाद सड़क पर यातायात पर असर पड़ा। चौकी प्रभारी अनिल तिवारी ने ऑटो को सड़क से हटवाकर किनारे कराया। इसके बाद यातायात फिर शुरू हो गया। अनिल तिवारी ने बताया कि ऑटो हटवाकर यातायात चालू करा दिया गया है। घायल चालक का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

ISRO का ‘स्मार्ट ब्वॉय’ रॉकेट आज लॉन्च करेगा स्वदेशी GPS सैटेलाइट NVS-03, जानिए यह क्यों है इतना खास?

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आज भारत के अगले जनरेशन के नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस मिशन के लिए जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (GSLV) रॉकेट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे पहले ‘नॉटी ब्वॉय’ यानी नटखट लड़का कहा जाता था, लेकिन अब इसे ‘स्मार्ट ब्वॉय’ के रूप में नई पहचान मिली है।

क्या है इस मिशन का मुख्य उद्देश्य?

बता दें कि यह लॉन्च आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR) के दूसरे लॉन्च पैड से निर्धारित समय पर किया जाएगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम यानी NavIC को और अधिक मजबूत बनाना है।

क्या है NavIC और यह क्यों जरूरी है?

इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि NavIC का पूरा नाम नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन है। यह एक तरह का ‘स्वदेशी जीपीएस’ है, जो भारत और उसके आसपास की सटीक लोकेशन, नेविगेशन और समय की जानकारी देता है।

करगिल युद्ध से जुड़ी शुरुआत

खास बात यह है कि इस स्वदेशी प्रणाली की नींव 1999 के करगिल युद्ध के दौरान पड़ी थी। उस समय भारत को यह अहसास हुआ कि सैन्य और रणनीतिक मामलों के लिए पूरी तरह से विदेशी नेविगेशन प्रणालियों पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि जरूरत पड़ने पर सटीक डेटा मिलने में दिक्कतें आ सकती हैं।

देखा जाए तो समय बीतने के साथ यह जरूरत और बढ़ गई। इसकी वजह को ऐसे समझिए कि हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी यह बात सामने आई कि देश की सुरक्षा और सामरिक संचालन के लिए एक मजबूत और आत्मनिर्भर नेविगेशन नेटवर्क होना कितना जरूरी है।

NVS-03 सैटेलाइट की क्या है खासियत?

यह सैटेलाइट भारत की अंतरिक्ष और सुरक्षा क्षमताओं के लिहाज से कई मायनों में बेहद खास है। इस बात को ऐसे समझिए कि नेविगेशन सिस्टम में सटीक समय का बहुत बड़ा महत्व होता है। इसकी वजह है कि जरा सी भी चूक जमीन पर बड़ी दूरी की गलती पैदा कर सकती है।

ऐसे में यह समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि पहले के कुछ सैटेलाइट्स में विदेशी रुबिडियम एटॉमिक क्लॉक में खराबी आने से दिक्कतें आई थीं। लेकिन NVS-03 में भारत की अपनी स्वदेशी तकनीक से बनी एटॉमिक क्लॉक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।

बेहतर कमर्शियल इस्तेमाल के भी मायने समझिए

NVS-03 अपने साथ मौजूदा L5 और S-बैंड सिग्नलों के अलावा नया L1 सिग्नल भी लेकर आ रहा है। L1 सिग्नल का इस्तेमाल दुनिया भर के आम नागरिक उपकरणों, स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच और नेविगेशन डिवाइस में बड़े पैमाने पर होता है। इससे आम जनता के लिए इस स्वदेशी तकनीक का दायरा और बढ़ जाएगा।

दूसरी ओर यह सिस्टम भारत की मुख्य भूमि के अलावा उसके चारों ओर लगभग 1500 किलोमीटर के दायरे तक सटीक सेवाएं प्रदान करेगा। इसमें हिंद महासागर का क्षेत्र भी शामिल है, जो नौवहन, विमानन, आपदा प्रबंधन और सैन्य अभियानों के लिए बेहद उपयोगी है।

‘नॉटी ब्वॉय’ से ‘स्मार्ट ब्वॉय’ तक…कैसा रहा रॉकेट का सफर?

गौरतलब है कि जिस GSLV-F18 रॉकेट से यह लॉन्चिंग हो रही है, वह GSLV कार्यक्रम की 20वीं उड़ान है। शुरुआत में क्रायोजेनिक इंजन तकनीक को साधने में इस रॉकेट को कई असफलताओं का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण वैज्ञानिक इसे मजाकिया लहजे में ‘नॉटी ब्वॉय’ कहते थे।

लेकिन इसरो के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत के बाद यह रॉकेट भारत के सबसे भरोसेमंद और भारी-भरकम लॉन्चर्स में से एक बन गया है। लगभग 50 मीटर लंबा और 420 टन वजनी यह तीन चरणों वाला रॉकेट सैटेलाइट को सीधे जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित करेगा।

आत्मनिर्भर भारत की राह में मील का पत्थर

इस बात को ऐसे समझिए कि पिछले कुछ वर्षों में कुछ नेविगेशन सैटेलाइट्स और उनके पेलोड में आई तकनीकी खराबी के कारण NavIC नेटवर्क अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा था। दूसरी अहम बात यह है कि भारत को इस क्षेत्रीय सेवा को निर्बाध रूप से चलाने के लिए कम से कम सात सक्रिय उपग्रहों की जरूरत होती है।

ऐसे में NVS-03 के अंतरिक्ष में स्थापित होने के बाद इस अंतर को खत्म करने में मदद मिलेगी। इसके बाद आने वाले समय में NVS-04 और NVS-05 जैसे उपग्रह भी कतार में हैं, जो देश के नेविगेशन नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और मजबूत बनाएंगे। कुल मिलाकर यह लॉन्च भारत को भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अंतरिक्ष के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।

अधिकारियों ने जमुनहा के बाजारों का निरीक्षण किया:दीपावली से पहले दुकानों और स्टॉक रूम में सुरक्षा इंतजाम देखे

दीपावली से पहले शुक्रवार को अग्निशमन और पुलिस प्रशासन की टीम ने जमुनहा क्षेत्र के बीरगंज बाजार और जमुनहा बाजार का निरीक्षण किया। टीम ने दुकानों और स्टॉक रूम में सुरक्षा इंतजाम देखे। निरीक्षण में मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय शर्मा, अग्निशमन अधिकारी संजय जायसवाल, जमुनहा के एसडीएम रवेन्द्र कुमार और मल्हीपुर के उपनिरीक्षक प्रभारी योगेंद्र बाबू पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद रहे। अग्निशमन विभाग की टीम में फायरमैन दीपक अवस्थी और राज कुशवाहा भी शामिल थे। अधिकारियों ने पटाखों की बिक्री और त्योहार के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जरूरी सावधानियों की जानकारी ली। उन्होंने आग से बचाव के लिए किए गए इंतजाम भी देखे। अधिकारियों ने आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा। दीपावली के दौरान आग लगने की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग की टीम सक्रिय है।

प्रतिबंधित संगठन ULFA की तारीफ करके फंसे असम के मंत्री, सीएम हिमंता सरमा ने दिया स्पष्टीकरण

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डिजिटल डेस्क, दिसपुर। असम के मंत्री बिस्वजीत दैमारी ने ‘यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम’ (ULFA) पर एक ऐसा बयान दे दिया कि खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को सामने आकर स्पष्टीकरण देना पड़ा।

बिस्वजीत दैमारी ने प्रतिबंधित संगठन ULFA की तारीफ कर दी, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा, ‘इस प्रतिबंधित संगठन ने पांच दशकों से भी ज्यादा समय तक बाहरी ताकतों से राज्य की रक्षा की है।’

मुख्यमंत्री ने दिया स्पष्टीकरण

तिनसुकिया के काकोपाथर में मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान बिस्वजीत दैमारी ने यह टिप्पणी की। इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सामने आकर स्पष्ट किया कि खेल और युवा कल्याण मंत्री, अनूप चेतिया के नेतृत्व वाले गुट की बात कर रहे थे, न कि परेश बरुआ के नेतृत्व वाले प्रतिबंधित ‘ULFA (इंडिपेंडेंट)’ की।

गुरुवार को तिनसुकिया में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, ‘दैमारी ने मुझे बताया कि वह अनूप चेतिया के नेतृत्व वाले ULFA गुट की बात कर रहे थे, जो बातचीत के लिए आगे आया और जिसने सरकार के साथ समझौता किया। वह परेश बरुआ के ‘ULFA (इंडिपेंडेंट)’ की बात नहीं कर रहे थे, जो अभी भी एक प्रतिबंधित संगठन है।’

ULFA को दिया असम की रक्षा का क्रेडिट

बिस्वजीत दैमारी के बयान का वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘ULFA की वजह से, पिछले 50 सालों में कोई भी असम की तरफ आंख उठाकर नहीं देख सका।’

दैमारी ने आगे कहा, ‘जिन लोगों ने ULFA को मुख्य नेतृत्व प्रदान किया, वे मोरन और मटक समुदायों से थे। यहां तक कि परेश बरुआ (ULFA प्रमुख) भी मटक समुदाय से ही आते हैं। अगर मोरन और मटक समुदायों का योगदान न होता, तो पिछले पांच दशकों में राज्य के हालात बिल्कुल अलग होते।’

विपक्ष ने की जांच की मांग

असम महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर गोस्वामी ने कहा है कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर, ‘गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम’ (UAPA) के तहत प्रतिबंधित एक संगठन के बारे में दैमारी की टिप्पणियों पर चिंता जताई है।

अपने पत्र में, बोरठाकुर ने मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा है और केंद्र सरकार से उनके भाषण के पूरे संदर्भ की जांच करने को कहा है।

ULFA संगठन में कौन लोग?

सरकार के साथ बातचीत को लेकर मतभेद पैदा होने के बाद ULFA दो गुटों में बंट गया था। अनूप चेतिया के नेतृत्व वाला गुट शांति प्रक्रिया में शामिल हो गया और उसने केंद्र तथा असम सरकार के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए।

वहीं परेश बरुआ के नेतृत्व वाला ULFA (इंडिपेंडेंट) बातचीत से दूर रहा और उस पर अभी भी प्रतिबंध लगा हुआ है।

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सिसवा चीनी मिल का उपज बढ़ाने वाला मास्टर टिप्स:गन्ने की खेती में यह चूक पड़ सकती है भारी, गहरी जुताई से बढ़ेगी पैदावार और किसानों की कमाई

गन्ने की खेती में अधिक उत्पादन हासिल करने के लिए खेत की मिट्टी को भुरभुरी बनाना और जड़ों के विकास के लिए पर्याप्त जगह देना बेहद जरूरी है। लगातार एक ही गहराई पर जुताई करने से खेत में 6 से 8 इंच नीचे कठोर परत (हार्ड पैन) बन जाती है। इससे पानी, हवा और गन्ने की जड़ों का नीचे तक पहुंचना बाधित होता है। इस समस्या से बचने के लिए किसानों को समय-समय पर गहरी जुताई करनी चाहिए।
सिसवा आईपीएल चीनी मिल के गन्ना विभागाध्यक्ष धीरज सिंह के अनुसार, किसानों को प्रत्येक तीन साल में कम से कम एक बार गहरी जुताई अवश्य करनी चाहिए। इसके लिए मिट्टी पलटने वाले हल, सब-सॉयलर या उपयुक्त कृषि यंत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है। सही तरीके से जुताई करने के लिए पहले खेत में पलेवा करें। इसके बाद मिट्टी पलटने वाले हल से आड़ी और तिरछी दिशा में गहरी जुताई करें। इससे मिट्टी की कठोर परत टूटती है और जमीन भुरभुरी हो जाती है।
उन्होंने बताया कि गहरी जुताई से गन्ने की जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है। मिट्टी में हवा का संचार बेहतर होता है और लाभकारी सूक्ष्मजीव सक्रिय रहते हैं। साथ ही कीटों एवं खरपतवारों के अवशेष मिट्टी की सतह पर आ जाते हैं, जिससे उनके नियंत्रण में मदद मिलती है। खेत में पानी का अवशोषण बढ़ने से नमी लंबे समय तक बनी रहती है।
धीरज सिंह ने किसानों को सलाह दी कि गहरी जुताई को खेती की नियमित तकनीक का हिस्सा बनाएं। इससे फसल की बढ़वार, मोटाई और लंबाई बेहतर होने के साथ उत्पादन एवं मुनाफा बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। मजबूत मिट्टी, स्वस्थ जड़ें और बेहतर पैदावार के लिए समय पर गहरी जुताई जरूरी है।

Basti PET 2026 Exam Update

बस्ती जिले में शुक्रवार को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 की पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। जिले के 34 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में 13,008 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।

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इनमें से 9,800 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 3,208 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह पंजीकृत अभ्यर्थियों में करीब 24.66 प्रतिशत अनुपस्थित रहे।

पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक आयोजित हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले सुबह 8 बजे से 9:30 बजे तक अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया।

इस दौरान परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर कड़ी चेकिंग की गई। जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को भीतर दाखिल होने की अनुमति दी गई। निर्धारित समय के बाद प्रवेश बंद कर दिया गया।

शहर के राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, एपीएन डिग्री कॉलेज, शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज, महिला महाविद्यालय, बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज, सक्सेरिया इंटर कॉलेज और श्रीकृष्णा पांडेय इंटर कॉलेज सहित जिले के 34 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।

वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5:05 बजे तक आयोजित होगी। इसके लिए भी केंद्रों पर सुरक्षा और जांच की व्यवस्था की गई है।

ड्यूटी फर्स्ट की मिसाल बनी IPS अंशिका वर्मा और आईपीएस केके बिश्नोई की जोड़ी, कर्तव्य के साथ मनाया करवा चौथ का त्योहार

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ का त्योहार मनाया गया। इस त्योहार पर ज्यादातर कपल एक-दूसरे के साथ रहते हैं। लेकिन वहीं सोशल मीडिया पर एक तस्वीर ऐसी सामने आई, जिसने ये बताया कि किसी भी त्योहार से पहले देश सेवा सर्वोपरि है।

देश में डॉक्टर से लेकर पुलिस तक कुछ विभाग ऐसे हैं, जिनसे जुड़े लोगों को किसी भी त्योहार पर घर पर जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उन्हें परिवार से अलग ही त्योहार मनाना पड़ता है। इसी बात का उदाहरण IPS अंशिका वर्मा के सोशल मीडिया हैंडल से देखने को मिला।

त्योहार से पहले ड्यूटी को दी तवज्जो

उत्तर प्रदेश के शहर बरेली की आईपीएस ऑफिसर अंशिका वर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर करवा चौथ से जुड़े फोटो इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किए। इस पोस्ट पर ध्यान इसलिए गया, क्योंकि IPS अंशिका वर्मा के पति और आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई उनके पहले करवा चौथ के त्योहार पर साथ नहीं थे।

आईपीएस अंशिका वर्मा और आईपीएस केके बिश्नोई ने ड्यूटी को पहले रखते हुए करवा चौथ का त्योहार वीडियो कॉल पर मनाया। आईपीएस केके बिश्नोई ने इस वीडियो कॉल का एक फोटो सोशल मीडिया स्टोरी पर साझा किया। इस पोस्ट पर उन्होंने लिखा, ‘Silent sacrifies and duty calls!’

केके बिश्नोई के पोस्ट को अंशिका वर्मा ने अपनी स्टोरी पर रीशेयर किया। दोनों अधिकारियों के इस पोस्ट से पता चलता है कि देश सेवा सबसे आगे है।

इसी साल हुई केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा की शादी

अंशिका वर्मा होम कैडर उत्तर प्रदेश में साल 2021 बैच की IPS अधिकारी हैं। मौजूदा समय में वे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (दक्षिण)/बरेली पद पर सेवाएं दे रही हैं।

वहीं केके बिश्नोई 2018 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं। उन्हें 20 अगस्‍त 2026 को संभल पुल‍िस अधीक्षक पद से बिजनौर पुल‍िस अधीक्षक पद की जिम्मेदारी मिली।

इस कपल की शादी इसी साल 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में हुई। इन IPS अधिकारियों की शादी की फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।

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श्रावस्ती में किन्नरों की कार ट्रक से टकराई:बनकटा के पास हादसे में कार सवार सभी लोग सुरक्षित

श्रावस्ती जनपद के इकौना थाना क्षेत्र के इकौना-धनुही मार्ग पर शुक्रवार को बनकटा के पास किन्नरों को लेकर जा रही एक कार सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि कार में सवार सभी किन्नर सुरक्षित बच गए और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। जानकारी के अनुसार, कार इकौना से किन्नरों को लेकर इकौना-धनुही मार्ग की ओर जा रही थी। अभी कार बनकटा के पास पहुंची ही थी कि सामने से आ रहे ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए हादसे से कार में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और कार सवार लोगों का हालचाल जाना। हादसे में सभी के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार को देखकर सड़क से गुजर रहे लोग भी रुक गए

बेंगलुरु: जयनगर में चलती सड़क पर बाइक से खतरनाक व्हीली स्टंट, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। देश की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु से एक बार फिर सड़क सुरक्षा को तार-तार करने वाला वीडियो सामने आया है। यहां एक बार फिर सोशल मीडिया पर Views और Likes पाने के चक्कर में कुछ युवकों ने कानून और आम जनता की जान को ताक पर रख दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह वीडियो बेंगलुरु के पॉश और व्यस्त इलाके जयनगर में नेशनल कॉलेज के पास की है। वीडियो में साफ-साफ देखा जा सकता है कि कैसे दिनदहाड़े चलती हुई सड़क पर कुछ बाइक सवार युवकों ने अपनी मोटरसिक्सलों का अगला पहिया हवा में उठाकर खतरनाक व्हीली स्टंट किए।

किस समय किया ऐसा खतरनाक स्टंट?

वायरल वीडियो के आधार पर जिस समय ये स्टंट किए जा रहे थे, सड़क पर अन्य वाहन और आम लोग भी चल रहे थे। ऐसे में जरा सी चूक से किसी की भी जान जा सकती थी या बड़ा सड़क हादसा हो सकता था।

हालांकि बात यही तक नहीं थमी… इन हुड़दंगियों ने अपने इस खतरनाक स्टंट का वीडियो खुद ही रिकॉर्ड किया और इसे सोशल मीडिया इंस्टाग्राम, एक्स या अन्य प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिया।

वीडियो वायरल होने के बाद चिंता

देखते ही देखते यह वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया। वीडियो सामने आने के बाद बेंगलुरु के आम नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

सड़क सुरक्षा को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

गौर करने वाली बात यह है कि इस तरह की घटनाएं समाज और प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। सड़क पर ऐसे स्टंट करने वाले न सिर्फ अपनी जान खतरे में डालते हैं, बल्कि वहां से गुजर रहे मासूम राहगीरों और वाहन चालकों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बनते हैं।

दिनदहाड़े बीच सड़क पर इस तरह के नियम तोड़ने से यह साफ जाहिर होता है कि इन युवाओं में ट्रैफिक पुलिस और कानून का कोई खौफ नहीं बचा है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी रीलों को देखकर अन्य युवा भी प्रेरित होते हैं, जो बेहद खतरनाक है।