मुंबई । हाल ही में मशहूर गायिका सुनिधि चौहान के लिए एक ऐसा पल आया, जिसे वह शायद लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगी। पहली बार कश्मीर पहुंचीं सुनिधि घाटी की बेमिसाल खूबसूरती देखकर मंत्रमुग्ध हो गईं। सुनिधि ने बताया कि कश्मीर जाना उनका बचपन का सपना था, जो आखिरकार इतने सालों बाद पूरा हुआ। यहाँ पहुंचकर उन्होंने घाटी की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ वहाँ के लोगों के प्यार, सुकून भरे माहौल और स्वादिष्ट खाने की भी जमकर तारीफ़ की।
अपने अनुभव साझा करते हुए सुनिधि ने कहा, मैं आपको बता नहीं सकती कि मैं कितनी खुश हूँ। कश्मीर आना मेरा बचपन का सपना था। पिछले कुछ सालों में मैंने बहुत सी जगहों की यात्रा की, लेकिन मुझे कभी कश्मीर आने का मौका नहीं मिला। आखिरकार इस बार मैं यहाँ हूँ और मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं जन्नत में हूँ। उन्होंने कश्मीर की प्राकृतिक छटा की प्रशंसा करते हुए कहा, यहाँ पहुंचकर मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं। मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि इतनी खूबसूरत जगह सच में मौजूद है। यहाँ के लोगों का प्यार और अपनापन मुझे काफी पसंद आया। जिन लोगों से मैं यहाँ मिली, उनके व्यवहार में बेशुमार प्यार था।
सुनिधि ने यहाँ के खाने और शांत माहौल की भी जमकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा, कश्मीर में मुझे जो सुकून महसूस हुआ, वह मेरे लिए बिल्कुल अलग अनुभव था। मैं हैरान थी कि क्या सच में ऐसी कोई जगह है? यहाँ के लोग, यहाँ का खाना, यहाँ का सुकून… मेरा यहाँ से जाने का बिल्कुल मन नहीं कर रहा। अपने इस यादगार दौरे के बाद, सुनिधि चौहान ने संगीत के माध्यम से कश्मीर के लोगों से और अधिक जुड़ने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा, मैं सच में चाहती हूँ कि मुझे यहाँ अपना कॉन्सर्ट करने का मौका मिले, क्योंकि मुझे कश्मीर से प्यार हो गया है। पहले मैं कश्मीर को सिर्फ़ पर्दे पर देखकर पसंद करती थी, लेकिन अब यहाँ आने के बाद मुझे लगता है कि मैं यहाँ के लोगों के लिए भी अपनी तरफ़ से कुछ करना चाहती हूँ। बता दें कि सुनिधि चौहान भारतीय फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री की उन प्रमुख हस्तियों में शामिल थीं, जिन्होंने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (आईएफएफजेके) के पहले संस्करण में हिस्सा लिया था।





















