मथुरा । जिले के थाना शेरगढ़ क्षेत्र में गुरुवार शाम घर में सबमर्सिबल बोरिंग के दौरान लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उतरे करंट की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। सूचना पाकर माैके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
थाना शेरगढ़ क्षेत्र के ग्राम सिहारा में गुरुवार की शाम मोहन के घर पर सबमर्सिबल बोरिंग का कार्य चल रहा था। कार्य के दौरान इस्तेमाल किया जा रहा लोहे का पाइप अचानक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। करंट इतना तेज था कि मौके पर मौजूद मकान मालिक मोहन के अलावा ग्राम गांगरोल निवासी मोहन और सुल्तान की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी भयावह थी कि करंट की चपेट में आने से तीनों लोग बुरी तरह झुलस गए।
इस हादसे के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य के दौरान शटडाउन लिया गया था, इसके बावजूद लाइन को चालू कर दिया गया, जो क्षेत्रीय अवर अभियंता (जेई) और विभाग के कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद जब अधिकारियों को फोन किया गया, तो किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद गुस्साए ग्रामीण बाइक से सीधे बिजलीघर पहुंचे और तब जाकर लाइन बंद कराई गई। प्रधान देवजीत के पुत्र पवन राघव का आरोप है कि जब वे बिजलीघर पहुंचे, तब वहां मौजूद कुछ कर्मचारी कथित तौर पर नशे की हालत में थे, जिसके कारण समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि, इन प्रशासनिक व विभागीय आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
घटना की सूचना मिलते ही थाना शेरगढ़ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।इस आकस्मिक और भीषण हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, और ग्रामीण विद्युत विभाग के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।-

























