गड़ौरा स्थित जेएचवी शुगर मिल पर किसानों के वर्षों पुराने बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान को लेकर सहकारी गन्ना विकास समिति सिसवा ने पहल तेज कर दी है। समिति के अध्यक्ष संजय राव ने क्षेत्र के उन गन्ना किसानों से मिल पर्चियों की छायाप्रति समिति कार्यालय में तीन दिन के भीतर जमा कराने की अपील की है, जिनका पेराई सत्र 2014-15 और 2020-21 का भुगतान मिल पर बकाया है। समिति का कहना है कि किसानों से उपलब्ध साक्ष्य जुटाकर बकाया भुगतान की मांग को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। किसानों की शिकायतों को समिति ने जिला प्रशासन के समक्ष भी प्रमुखता से रखा। 21 सितंबर को किसानों ने जनता दर्शन में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के समक्ष गड़ौरा मिल से बकाया गन्ना मूल्य दिलाने की मांग उठाई थी। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक चीनी आयुक्त गोरखपुर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सहायक चीनी आयुक्त ने सिसवा पहुंचकर किसानों की शिकायतें सुनीं और उनके बयान दर्ज किए। समिति अध्यक्ष संजय राव का 21 सितंबर का पत्र भी लिया गया। किसानों की ओर से प्रस्तुत मिल पर्चियों की छायाप्रतियों और बकाया राशि की सूची का परीक्षण किया गया। जांच में प्रथमदृष्टया सामने आया कि संबंधित दोनों पेराई सत्रों का किसानों का करोड़ों रुपये गड़ौरा चीनी मिल पर बकाया है। अब जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी से पेराई सत्रवार और किसानवार बकाया तथा भुगतान की वास्तविक स्थिति की स्पष्ट रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद मिल के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। समिति अध्यक्ष संजय राव ने कहा कि किसान निर्धारित समय में अपनी पर्चियों की छायाप्रति जमा करें, ताकि उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर बकाया भुगतान की मांग को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सके।
गड़ौरा मिल के बकाया भुगतान को गन्ना समिति की पहल:किसानों के बकाया भुगतान के लिए सिसवा गन्ना समिति ने उठाया कदम, तीन दिन में पर्चियां जमा कराने की अपील
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