Home Blog Page 7

ट्रक एसोसिएशन ने मोरंग-गिट्टी के बढ़ते दामों पर जताई चिंता:कहा- फुटकर दुकानदार तय रेट नहीं दे रहे; आर-पार की लड़ाई की रणनीति बनी

एनएच 27 के हाईवे पर एक होटल में ट्रक एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें आर-पार की लड़ाई के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक में अपनी कई समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक में गिट्टी, मोरंग, सरिया और अन्य सामानों के बढ़ते दामों से ट्रक मालिकों को हो रही परेशानियों पर विस्तार से बात हुई। इस पर एक रणनीति पर सहमति बनी। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने उरई, बांदा, बिहार, झांसी, अहिरौली, जीएसबी प्रयागराज, कबरई और डाला की गिट्टी सहित अन्य सामग्री के लिए एक रेट लिस्ट जारी की है। यह रेट लिस्ट ट्रक एसोसिएशन और व्यापारियों ने मिलकर तय की है। लेकिन जिले के फुटकर दुकानदार इस रेट लिस्ट के हिसाब से भुगतान नहीं कर रहे हैं। वे तय थोक रेट से भी सस्ता माल खरीदना चाहते हैं, जबकि यह रेट लिस्ट सभी की सुविधा के हिसाब से ही जारी की गई है। महामंत्री आलोक सिंह और सलाहकार इकबाल अहमद उर्फ काजू ने कहा कि यह बात सिर्फ रेट की नहीं, बल्कि बराबरी की है। हम ट्रक मालिक टैक्स देते हैं, परमिट, फिटनेस और बीमा रखते हैं। लाखों की गाड़ी खरीदकर उसकी किस्त भरते हैं। इसके बाद भी हम पर ही सवाल क्यों उठाए जाते हैं? उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई कृषि उपयोग के लिए रजिस्टर्ड ट्रैक्टर-ट्रॉली को कमर्शियल सप्लाई में लगा रहा है, तो क्या उसके नियम भी वही हैं जो ट्रक मालिकों के लिए हैं? वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुमित चौधरी ने दुकानदारों से साफ कहा कि व्यापार आपका है और गाड़ी हमारी है, लेकिन नियम दोनों के लिए एक होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हम किसी दुकानदार से लड़ने नहीं आए हैं, लेकिन अपने अधिकार से पीछे भी नहीं हटेंगे। जहां नियम टूटेंगे, वहां संगठन संबंधित विभाग से शिकायत करेगा। जहां रेट का सवाल होगा, वहां हम एकजुट होकर अपनी बात रखेंगे। अब ट्रक मालिक चुप नहीं बैठेंगे। टैक्स सबका, नियम सबके और जिम्मेदारी सबकी होनी चाहिए, तभी मुकाबला बराबरी का होगा। इस मौके पर दीपक सिंह, अरविंद गुप्ता, राजू चौधरी, हीरालाल चौधरी, अनुरोध सिंह और मुन्ना सिंह सहित कई ट्रक मालिक मौजूद रहे

हरतालिका तीज सिर्फ धार्मिक व्रत नहीं:यह प्रेम, आस्था और आत्मबल का उत्सव, माता पार्वती के अटूट संकल्प का प्रतीक

हरतालिका तीज को सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं माना जाता है। यह स्त्री की प्रेम चेतना, आस्था और आत्मबल का उत्सव है। यह पर्व केवल पति की प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी चेतना और चुनाव के प्रति दृढ़ता का भी प्रतीक है। यह त्योहार माता पार्वती के अटूट संकल्प को दर्शाता है, जो अधिकार से नहीं, बल्कि स्वीकार से पूर्ण होता है। इसमें तप और प्रेम दोनों का महत्व है। हरतालिका तीज पर हाथों में सजी मेंहदी, माथे की बिंदी और लाल परिधान भावनात्मक परंपरा को जीवंत करते हैं। सोलह श्रृंगार के साथ, स्त्री जीवन की जननी और भविष्य की निर्माता के रूप में उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

आशीष कुमार को प्रांतीय उपाध्यक्ष चुने जाने पर बस्ती में:विकास भवन सभागार में माला पहनाकर किया गया सम्मान, कई कर्मचारी संघों के पदाधिकारी रहे मौजूद।

श्री आशीष कुमार को उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ का प्रांतीय उपाध्यक्ष चुना गया है। इस मौके पर आज बस्ती के विकास भवन सभागार में उनका स्वागत किया गया। विकास भवन कर्मचारी संघ बस्ती ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उम्मीद जताई गई कि आशीष कुमार जिस तरह बस्ती कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के मंत्री के तौर पर संगठन को मजबूत कर रहे हैं, उसी तरह प्रांतीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। स्वागत करने वालों में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मस्तराम वर्मा, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष राम अधार पाल और मंत्री तौलू प्रसाद शामिल थे। कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक मिश्र, कोषागार कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश पाठक और डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के अध्यक्ष ई. अभिषेक सिंह भी मौजूद रहे। विकास भवन कर्मचारी संघ के महामंत्री ओमप्रकाश, आईटीआई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरीशंकर, व्यापारकर मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष सरोज मिश्र और ग्राम विकास मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के मंत्री सुजीत कुमार भी उपस्थित थे। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष अशोक सिंह, कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव और पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय आर्य भी मौजूद रहे। इनके अलावा रविंद्र कुमार, देवेंद्र सिंह, राजेश रंजन, पुनीत पांडेय, प्रेम प्रकाश, पंकज मल्ल, काजी अनवार, गोवर्धन उपाध्याय, अखिलेश शरण पांडेय और मनोज कुमार सहित कई अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित थे

बस्ती में खेत की रखवाली कर रहे पूर्व प्रधान पर:सीने में सींग लगने से मौके पर मौत, विधायक ने परिवार को मदद का भरोसा दिलाया

कप्तानगंज, बस्ती के बैहार गांव में रविवार को खेत की रखवाली कर रहे पूर्व ग्राम प्रधान जैसराम उर्फ रामलौट की नीलगाय के हमले में मौत हो गई। सोमवार को क्षेत्रीय विधायक अतुल चौधरी ने उनके परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। जैसराम (50) पुत्र गजाधर रविवार सुबह अपने धान के खेत की रखवाली करने गए थे। खेत के चारों तरफ गन्ने की फसल थी। इसी दौरान अचानक एक नीलगाय ने उन पर हमला कर दिया। नीलगाय के सींग से उनके सीने में गंभीर चोट लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। देर तक घर न लौटने पर परिजन उनकी तलाश में खेत पहुंचे। वहां उन्हें जैसराम का शव खेत में पड़ा मिला। इसके बाद परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। जैसराम कप्तानगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत बैहार के पूर्व ग्राम प्रधान रह चुके थे। उनकी पत्नी मैना देवी का पहले ही निधन हो चुका है। उनके तीन बेटे सुरेश, रोहित और मोहित हैं, साथ ही एक बेटी सरिता भी है। सुरेश की शादी हो चुकी है, जबकि रोहित, मोहित और सरिता अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पिता की अचानक मौत से सभी बच्चे सदमे में हैं। सोमवार को विधायक अतुल चौधरी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। विधायक ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और प्रशासन से भी जरूरी सहायता दिलाने की बात कही। विधायक के पहुंचने से दुखी परिवार को कुछ राहत मिली। क्षेत्र में नीलगाय के बढ़ते आतंक को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि नीलगाय आए दिन खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचाती हैं। अब यह जानलेवा भी साबित हो रही हैं।

बस्ती में बंदरों के हमले से 8 साल के बच्चे:परिवार में पहले भी दो बच्चों की जा चुकी जान, विधायक ने मदद का भरोसा दिया

बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक के ओझागंज गांव में रविवार शाम करीब सात बजे एक हादसे में आठ साल के आरएन गौड़ की मौत हो गई। बच्चा जमीन पर खेल रहा था, तभी यह घटना हुई। खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया। आरएन गौड़ सरस्वती ज्ञान मंदिर, बिहरा बस्ती में कक्षा एक का छात्र था। घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय बंद कर दिया गया। प्रधानाचार्य अजय अग्निहोत्री समेत पूरा स्टाफ मौके पर पहुंचा। प्रधानाचार्य ने बताया कि आरएन पढ़ाई में अच्छा था। उसकी मौत की खबर से शिक्षक और छात्र भी दुखी हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक अतुल चौधरी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। विधायक ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रशासन से भी जरूरी सहायता दिलाने की बात कही। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। बंदर आए दिन खेतों में खड़ी फसल और घरों में रखे सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे ग्रामीणों में हमेशा खतरे का डर बना रहता है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने की मांग की है। बता दें कि आरएन की मौत ने परिवार के पुराने दर्द को ताजा कर दिया है। इससे पहले परिवार के 13 साल के राधेश्याम, जो मन बहाल गौड़ के बेटे थे, की सांप काटने से मौत हो चुकी है। वहीं, तीन साल के अर्जुन की जान दीवार गिरने से गई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। पिता विवेक गौड़ मजदूरी करके किसी तरह परिवार का गुजारा करते हैं। आरएन की नौ साल की बहन सृष्टि कक्षा दो में पढ़ती है। विधायक अतुल चौधरी के गांव पहुंचने और परिवार के प्रति संवेदना जताने से पीड़ित परिवार को थोड़ी हिम्मत मिली। ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार की आर्थिक मदद करने और गांव में बंदरों के आतंक पर कार्रवाई की मांग की है।

सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल का टोल प्लाजा पर जोरदार स्वागत:बस्ती के रास्ते सिद्धार्थनगर जाते समय सपाइयों ने किया स्वागत, टोल प्लाजा पर लगी भीड़

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल का बस्ती टोल प्लाजा पर जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान बस्ती के सभी सपा विधायक, टिकट के दावेदार, वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। श्यामलाल पाल बस्ती के रास्ते सिद्धार्थनगर जा रहे थे। उनके आने की खबर सुनकर बस्ती टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में सपाई इकट्ठा हो गए। इससे टोल प्लाजा पर जाम लग गया। विधानसभा 309 रूधौली से टिकट के दावेदार बबलू तिवारी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के मार्गदर्शन में इस बार प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी। पाल ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में जोश भरा और सिद्धार्थनगर के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष, विधायक महेंद्रनाथ यादव, राजेंद्र प्रसाद चौधरी, अतुल चौधरी, बबलू तिवारी, रजवंत यादव, इकबाल अहमद काजू, मुक्तेश्वर यादव, रीतेश यादव, पिंटू यादव और यशपाल सिंह यादव सहित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रह

मनोरमा नदी सफाई अभियान में ग्रामीणों से मांगा सहयोग:DM को पत्र लिखकर सफाई और सौंदर्यीकरण की मांग

कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र की प्राचीन मनोरमा नदी की खराब हालत और उसकी सफाई के लिए चल रहे ग्रामीणों के अभियान को अब जनप्रतिनिधि का भी साथ मिला है। दैनिक भास्कर ने भी ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे इस सफाई अभियान की खबर खास तौर पर छापी थी, जिसके बाद यह मामला और चर्चा में आया। सोमवार को कप्तानगंज विधायक अतुल चौधरी मनोरमा नदी के घाट पर पहुंचे। उन्होंने सफाई अभियान में जुटे ग्रामीणों से मुलाकात की, उनके काम की तारीफ की और उनका हौसला बढ़ाया। विधायक ने अभियान में लगे लोगों को पैसे से भी मदद की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नदी की सफाई और उसे बचाने के लिए सरकारी स्तर पर भी पूरी मदद दिलाने की कोशिश करेंगे। विधायक ने कहा कि मनोरमा नदी सिर्फ एक जलधारा नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों की आस्था, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक जीवन से जुड़ी एक पहचान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसे बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ ग्रामीणों की नहीं, बल्कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भी है। इसी क्रम में विधायक ने सोमवार को बस्ती के जिलाधिकारी को एक पत्र भी भेजा। इस पत्र में उन्होंने मनोरमा नदी के अलग-अलग घाटों और बहाव क्षेत्र में पूरी तरह से सफाई कराने की मांग की है। उन्होंने जलकुंभी, झाड़ियों, गाद और कचरे को हटाने को कहा है। साथ ही, नदी के घाटों के जरूरी रखरखाव और उन्हें सुंदर बनाने के लिए जुड़े विभागों को निर्देश देने का अनुरोध भी किया है। पत्र में विधायक ने आने वाली छठ पूजा का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी के घाटों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। अगर घाटों की सफाई नहीं हुई तो उन्हें दिक्कत हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने स्तर पर नदी की सफाई कर रहे हैं, लेकिन पूरी और हमेशा के लिए सफाई के लिए सरकारी मदद जरूरी है। विधायक के मौके पर पहुंचने, पैसे से मदद करने और जिलाधिकारी को पत्र लिखने के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस पर ध्यान देगा

पीपा पुल के पीपों में फंसकर 15 भैंसों की मौत:चरवाहे खोजने निकले तो मृत मिलीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की

बस्ती के विक्रमजोत ब्लॉक के छतौना गांव में सोमवार को एक हादसा हो गया। यहां पीपा पुल के पीपों में फंसकर करीब 15 भैंसों की मौत हो गई। रविवार देर रात तक जब पशु घर नहीं लौटे, तो चरवाहे उन्हें खोजने निकले। सोमवार सुबह पीपा पुल के पास मृत भैंसों को देखकर वे हैरान रह गए। इस घटना से पशुपालक काफी निराश हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 12 बजे इस घटना का पता चला। जिन भैंसों की मौत हुई है, उनमें सतायु की दो, लल्लू की दो और राजेंद्र निषाद की दो भैंसें शामिल हैं। बाकी मृत पशुओं के मालिकों की जानकारी पता की जा रही है। मृत पशुओं के मालिकों को मुआवजा देने की मांग ग्रामीणों का कहना है कि पीपा पुल की हालत ठीक नहीं है। देखभाल न होने से पुल के पीपों के बीच पशु फंस गए, जिससे उनकी जान चली गई। हादसे की खबर मिलते ही मौके पर काफी लोग जमा हो गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीपा पुल की मरम्मत कराने और मृत पशुओं के मालिकों को मुआवजा देने की मांग की है। घटना की सूचना पर डॉक्टर राम मूरत वर्मा और लेखपाल फकरे आलम मौके पर पहुंचे। डॉक्टर ने बताया कि सभी मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चलेगी।

भोगपुर में नीलगाय बचाने के चक्कर में बाइक सवार गिरा:लाल जी गंभीर रूप से घायल, बनकटी से जिला अस्पताल रेफर

बस्ती जिले के बनकटी लालगंज थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हो गया। भोगपुर स्कूल के पास नीलगाय को बचाने के चक्कर में एक बाइक सवार सड़क पर गिर गया। हादसे में दतुआ खोर निवासी लाल जी नाम का व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। लाल जी (40 वर्ष) अपने साले गुलशन कुमार के साथ ससुराल जा रहे थे। भोगपुर स्कूल के पास अचानक झाड़ियों से एक नीलगाय सड़क पर आ गई। उसे बचाने की कोशिश में लाल जी अपनी मोटरसाइकिल से नियंत्रण खो बैठे और सड़क पर गिर गए। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने एंबुलेंस की मदद से लाल जी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लाल जी के सिर में गंभीर चोट लगी है, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। उनके दो बेटे हैं। बड़े बेटे फूलचंद (65 वर्ष) अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। लाल जी अपनी पत्नी के साथ अलग जीवन यापन करते हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया जाएगा या नहीं

बस्ती में पड़ोसी ने विधवा महिला और बेटियों को पीटा:घर में घुसकर की मारपीट, मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई

बस्ती जिले के बनकटी लालगंज थाना क्षेत्र के अमोणवा गांव की मिशलावती किसी काम से गांव से बाहर गई थीं। पड़ोस में रहने वाला मुकेश नाम का व्यक्ति आए दिन उनकी बेटियों को परेशान करता था। मिशलावती के पति का निधन हो चुका है। मिशलावती की बेटियां रेनू, वंदना और नीतू हैं। मुकेश उन्हें अक्सर गाली देता था। जब बेटियों ने उससे पूछा कि वह उनकी मां को गाली क्यों दे रहा है, तो मुकेश भड़क गया। इसके बाद मुकेश अपनी बहन और मां के साथ वंदना के घर में घुस गया। उसने तीनों बहनों और उनकी मां मिशलावती को मारा-पीटा। इस घटना के बाद मिशलावती ने लालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। लालगंज थाना अध्यक्ष दिनेश कुमार चौधरी से इस मामले में संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर पूछताछ की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।