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पितृपक्ष के आखिरी दिन पुरखों की विदाई:रामनगर-सेमरा में नदी और पोखरों में तर्पण सामग्री का विसर्जन

पितृपक्ष के आखिरी दिन पुरखों की विदाई:रामनगर-सेमरा में नदी और पोखरों में तर्पण सामग्री का विसर्जन

बहराइच के रामनगर-सेमरा और नानपारा क्षेत्र में शनिवार को पितृ पक्ष के समापन पर ग्रामीणों ने अपने पूर्वजों को श्रद्धा के साथ विदाई दी। लोगों ने नदी, नहर, तालाब और पोखरों में तर्पण सामग्री प्रवाहित कर विसर्जन किया। इस दौरान पूर्वजों को याद कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। कई गांवों में हुआ तर्पण सामग्री का विसर्जन पितृ पक्ष के आखिरी दिन सेमरा, महादेवा, अंटहवा, अवधूत गांव, रामनगर, जयमाल गांव और बुद्धी गांव समेत आसपास के कई स्थानों पर लोगों ने तर्पण किया। ग्रामीणों ने परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना के बाद तर्पण सामग्री को जल में प्रवाहित किया। इसके साथ ही 15 दिनों तक चले पितृ पक्ष का समापन हो गया। अश्विन अमावस्या पर निभाई गई परंपरा पितृ पक्ष के अंतिम दिन अश्विन अमावस्या के अवसर पर लोगों ने अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। ग्रामीणों ने नदी, नहर, तालाब और पोखरों पर पहुंचकर तर्पण सामग्री का विसर्जन किया। इस दौरान सनातन परंपरा के अनुसार पूर्वजों को याद कर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की गई। पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण पंडित अनूप मिश्रा ने बताया कि सनातन धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस अवधि में पूर्वज धरती पर आते हैं। इसी विश्वास के चलते लोग अपने पितरों की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके निमित्त तर्पण करते हैं। पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए परिवार के लोग विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। गया धाम में पिंडदान का भी महत्व पंडित अनूप मिश्रा के अनुसार, कई लोग पूर्वजों के निमित्त गया धाम जाकर पिंडदान भी करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पिंडदान और तर्पण से पूर्वजों की आत्मा की मुक्ति और शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। इसी आस्था के साथ लोग पितृ पक्ष में अपने पुरखों का स्मरण करते हैं। 15 दिनों तक पूर्वजों का किया गया स्मरण पितृ पक्ष के 15 दिनों के दौरान लोग अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हैं। इस अवधि में तर्पण, पूजा और अन्य धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं। अंतिम दिन तर्पण सामग्री का विसर्जन कर लोगों ने पितृ पक्ष की परंपराओं को पूरा किया। श्रद्धा और आस्था के साथ हुआ समापन रामनगर-सेमरा और आसपास के गांवों में पितृ पक्ष का समापन श्रद्धा और आस्था के माहौल में हुआ। ग्रामीणों ने जल स्रोतों पर पहुंचकर तर्पण सामग्री विसर्जित की और अपने पूर्वजों को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर लोगों ने पितरों के प्रति सम्मान जताते हुए उनकी आत्मा की शांति की कामना की।

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