श्रावस्ती के इकौना-धनुही मार्ग पर 2 सितंबर की शाम बाइक और साइकिल की टक्कर में किसान मंसाराम बुरी तरह घायल हो गए।इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।सोमवार सुबह 9:00 बजे जानकारी मिली की परिजनों की शिकायत के करीब दो हफ्ते बाद पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इकौना थाने के बनकटा गांव के रहने वाले 45 साल के किसान मंसाराम 2 सितंबर की देर शाम खेत की रखवाली कर साइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रिहारन पुरवा भलुहिया दसौंधी निवासी रमेश गौतम बाइक से इकौना की ओर से अपने घर जा रहे थे। बनकटा के पास बाइक बेकाबू होकर साइकिल से टकरा गई। हादसे में मंसाराम और रमेश दोनों बुरी तरह जख्मी हो गए। शुरुआती इलाज के लिए मंसाराम को सीएचसी इकौना से मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया।बहराइच मेडिकल कॉलेज में मंसाराम की तबियत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन 3 सितंबर की सुबह लखनऊ ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी।
परिजनों ने बाइक चालक पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगाकर पुलिस को शिकायत दी थी।अब करीब दो हफ्ते बाद पुलिस ने बाइक चालक रमेश गौतम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है। मंसाराम की मौत से परिवार के सामने अब आर्थिक दिक्कत आ गई है।ग्रामीणों के मुताबिक, मंसाराम दो भाइयों में सबसे बड़े थे और दोनों भाइयों के परिवार अलग-अलग रहते थे। उनके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में मां के अलावा पत्नी और तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा रंजीत करीब 21 साल का है और शादीशुदा है। 17 साल की बेटी और 15 साल का छोटा बेटा अभी अविवाहित हैं। बड़ा बेटा कभी कभी बाहर जाकर मजदूरी करता है। परिवार के पास थोड़ी खेती की जमीन है और आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है। मंसाराम की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी अब बड़े बेटे रंजीत के कंधों पर आ गई है। बेटी और छोटे बेटे की शादी भी अभी बाकी है। परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य के चले जाने से परिजनों को भविष्य की चिंता सता रही है।















































