
नेपाल में भारी बारिश और जलप्रलय के बाद नारायणी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसके चलते महराजगंज जिले में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। गंडक नदी में पानी का प्रवाह डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच चुका है, जिसमें हर घंटे लगभग 10 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की जा रही है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। नेपाल से बढ़ा बाढ़ का पानी लगभग पाँच घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश की सीमा तक पहुँच गया। रविवार रात करीब आठ बजे यह पानी बैराज के रास्ते महराजगंज सीमा में गंडक नदी से होकर बगहा के रास्ते बिहार की ओर बढ़ने लगा। जलस्तर में लगातार वृद्धि से नदी किनारे बसे गाँवों में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नेपाल की त्रिशूली नदी में जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने नदी किनारे के संवेदनशील क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया। जिला प्रशासन नारायणी और गंडक नदी के जलस्तर एवं बहाव पर लगातार निगरानी रख रहा है। संवेदनशील गाँवों में राजस्व, पुलिस और आपदा राहत टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासनिक और पुलिस टीमें नदी किनारे के गाँवों का लगातार दौरा कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने और नदी के करीब न जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। गंडक-नारायणी नदी में बढ़ते जल दबाव को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।























