चंडीगढ़ | पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया सोमवार से अपने तीन दिवसीय महत्वपूर्ण पंजाब दौरे की शुरुआत कर रहे हैं। प्रदेश प्रभारी का पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक पंजाब दौरा है, जिसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और पार्टी संगठन के भीतर आपसी समन्वय को सुदृढ़ करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अपने इस प्रवास के दौरान डॉ. पूनिया पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे।
चंडीगढ़, जालंधर और अमृतसर का करेंगे दौरा
दौरे के पहले दिन डॉ. पूनिया चंडीगढ़ में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इसके अगले दिन यानी मंगलवार को वे जालंधर और अपने दौरे के अंतिम दिन अमृतसर में रहेंगे। इन दोनों प्रमुख शहरों में वे स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठकें करेंगे।
इस पूरे दौरे के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। इन बैठकों का मुख्य एजेंडा वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की चुनावी तैयारियों, सांगठनिक ढांचे की स्थिति और आगे की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श करना है।
अकाली दल के साथ गठबंधन की अटकलों पर नजर
पंजाब की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच संभावित राजनीतिक गठबंधन को लेकर काफी सरगर्मी है। किसी भी औपचारिक ऐलान से ठीक पहले डॉ. पूनिया का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी हाईकमान की यह स्पष्ट कोशिश है कि कोई भी बड़ा राजनीतिक निर्णय लेने से पहले प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं को विश्वास में लिया जाए ताकि संगठन में किसी भी प्रकार का असंतोष न पनपे। इस दौरान पूनिया नेताओं की राय जानने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों को भी परखेंगे।
दिल्ली से तय ‘लाइन ऑफ एक्शन’ को आगे बढ़ाएंगे पूनिया
हाल ही में नई दिल्ली में पंजाब विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर डॉ. सतीश पूनिया की एक उच्चस्तरीय बैठक केंद्रीय मंत्री एवं पंजाब चुनाव प्रभारी सीआर पाटिल तथा भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुई थी। माना जा रहा है कि उस बैठक में पंजाब के संदर्भ में पार्टी की आगामी कार्ययोजना और ‘लाइन ऑफ एक्शन’ को अंतिम रूप दिया गया था। अब पूनिया उसी केंद्रीय रणनीति को धरातल पर उतारने के लिए पंजाब के नेताओं से चर्चा करेंगे।
स्वागत में गुलदस्ते और महंगे उपहारों पर रोक, सादगी का संदेश
पंजाब पहुंचने से पहले डॉ. पूनिया ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए एक अनूठा और स्पष्ट संदेश जारी किया है। एक वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने आग्रह किया है कि उनके स्वागत के लिए महंगे गुलदस्ते, पारंपरिक साफे, शाल, भारी-भरकम मालाएं या अन्य कोई महंगे उपहार न लाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सम्मान प्रकट करना ही है, तो इसके लिए केवल ‘एक फूल’ ही पर्याप्त है।
इसके बजाय उन्होंने कार्यकर्ताओं को कोई अच्छी पुस्तक भेंट करने का सुझाव दिया है। पूनिया ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति सम्मान के नाम पर राशि खर्च करना चाहता है, तो उस धन का उपयोग किसी गोशाला, दिव्यांगजन, अनाथ आश्रम या किसी जरूरतमंद विद्यार्थी की सहायता के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग करने को सबसे सार्थक माध्यम बताया।
उन्होंने कहा कि किसी सामाजिक या धार्मिक संस्था को दिए गए सहयोग की रसीद भी उन्हें भेंट की जा सकती है, क्योंकि यही सम्मान व्यक्त करने का सबसे बेहतर और उपयोगी तरीका होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे औपचारिकता से दूर रहकर केवल मुस्कुराते हुए आत्मीयता से मिलें और सादगी के साथ उनका स्वागत करें।























